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स्पॉट फिक्सिंगः 5 वजहें जिनसे जांच आयोग पर उठे सवाल

Thu, 30 May 2013 12:30 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 30 May 2013 12:30 PM IST
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5 reasons saying probe panel is also fixed!

भले ही स्पॉट फिक्सिंग की जांच-पड़ताल करने के लिए तीन सदस्यीय जांच आयोग बना दिया गया हो, लेकिन यह सवाल अब भी बरकरार है कि इसका सेलेक्शन किसके इशारों पर हुआ।

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तीन ऐसी वजहें सामने आ रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल है और इस बात की सुगबुगाहट भी शुरू हो चुकी है कि कहीं जांच आयोग भी तो फिक्स नहीं।

1# मद्रास हाई कोर्ट के दो जज क्यों?
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सबसे ज्यादा आपत्ति आयोग में शामिल दो रिटायर्ड जजों के चयन पर जताई जा रही है। आईपीएल से ही जुड़े कई लोगों को यह बात हजम नहीं हो रही है कि दोनों ही रिटायर्ड जजों ने अपने करियर का ज्यादातर वक्त मद्रास हाई कोर्ट में ही गुजारा। आयोग में तीसरे सदस्य संजय जगदले हैं, जो लंबे समय से बीसीसीआई से जुड़े हुए हैं।
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जजों के मसले पर आईपीएल के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, 'क्या हमारे देश में सिर्फ एक ही राज्य में रिटायर्ड जज थे? यह महज इत्तेफाक ही होना चाहिए कि चेन्नई सुपरकिंग्स और इंडिया सीमेंट दोनों के मुख्यालय तमिलनाडु में ही मौजूद हैं।'
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2# श्रीनिवासन के 'खास' ने दी सलाह?
आधिकारिक तौर पर आयोग का गठन आईपीएल ऑपरेशंस कमेटी ने किया है। हालांकि, चर्चा है कि सदस्यों के नाम बीसीसीआई के सीनियर वकील पीएस रमन ने सुझाए हैं। दिलचस्प बात यह है कि श्रीनिवासन के अध्यक्ष बनने के बाद से ही रमन बोर्ड के पसंदीदा वकील रहे हैं।

3# मयप्पन का केस क्यों लड़ रहे ये जनाब?
यह बात भी सामने आई है कि रमन गुरुनाथ मयप्पन के भी वकील हैं। इतना ही नहीं, पिछले दिनों जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने मयप्पन को पूछताछ के लिए बुलाया तो तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल रह चुके रमन ने मदुरई से मुंबई तक का सफर भी मयप्पन के साथ एक ही जहाज में तय किया। यह बात साफ नहीं हो पाई है कि बीसीसीआई के वरिष्ठ वकील होने के साथ वह मयप्पन का केस लड़ सकते हैं या नहीं।

4# क्यों रमन ने ताक पर रखे नियम?
तमिलनाडु और पुद्दुचेरी बार काउंसिल के चेयरमैन डी सेलवम ने बताया कि किसी चयनित वरिष्ठ वकील का सीधे क्लाइंट से बात करना नैतिक मूल्यों का उल्लंघन है और इसके लिए एडवोकेट्स एक्ट की धारा 35(1) के तहत कार्यवाही का प्रावधान भी है। कुछ वकीलों का कहना है कि रमन को इस नियम की जानकारी होने के बाद उनका ऐसा करना काफी संदिग्ध है।


5# खाली क्यों बैठा है जांच आयोग?
इस दौरान, आयोग के दूसरे सदस्य टीजे चौटा ने बताया कि उन्हें अभी किसी तरह के दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। इसलिए, अभी जांच आयोग ने काम शुरू नहीं किया है। यह आलम तब है, जबकि मामले में हर दिन कुछ नए खुलासे हो रहे हैं और इस्तीफा देने के लिए श्रीनिवासन पर हर तरफ से दबाव बनाया जा रहा है।

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