गेंदबाज को टक्कर मारने वाले कप्तान धोनी से जुड़े ये 5 बड़े विवाद
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भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर अपने बेहद संयत व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। वह बेहद शांत भाव से मैदान पर रहते हैं और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हैं। साथ ही इसी अंदाज में विपक्षी टीम के खिलाफ अपनी रणनीति भी बनाते रहते हैं।
उनके इसी संयत व्यवहार के लिए उन्हें 'कैप्टन कूल' तक कहा जाने लगा। लेकिन ढाका के शेरे-बंगाल स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच के दौरान भारतीय कप्तान धोनी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान से उस समय टकरा गए जब वह रन लेने के लिए दौड़ रहे थे। टीवी रिप्ले में साफ दिख भी रहा था कि वह जानबूझकर गेंदबाज से टकराए हैं। उनके इसी व्यवहार के लिए आईसीसी मैच रेफरी ने दोनों खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना लगा दिया। धोनी की मैच फीस का 75 फीसदी और रहमान का 50 फीसदी हिस्सा काट लिया।
सीमित ओवरों के मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान धोनी अपने इस हरकत के कारण चर्चा में हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि वह पहली बार किसी विवाद में फंसे हैं। इससे पहले भी कई विवादों से उनका नाता रहा है। जानते हैं धोनी से जुड़े 5 बड़े विवाद।
मैच के बाद घटिया अंपायरिंग पर बरसे थे कप्तान धोनी
बांग्लादेशी गेंदबज मुस्ताफिजुर रहमान से टकराने से पहले भी वह कई विवादों में रहे हैं। पिछले महीने खेले गए आईपीएल-8 में भी 'कैप्टन कूल' का माथा गरम हो गया था। उस बार उन्होंने मैदानी अंपायर को ही अपने निशाने पर ले लिया था।
आईपीएल-8 के पहले क्वालीफायर मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दैरान उन्होंने अंपायर की जमकर आलोचना की थी। धोनी ने अपने साथी खिलाड़ी ड्वेन स्मिथ के पगबाधा आउट होने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी और फैसले को डरावना तक करार दिया था। टीम जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो स्मिथ पहले ही ओवर में पगबाधा हो गए जबकि टीवी रिप्ले में साफ दिख रहा था कि गेंद विकेट से काफी दूर जा रही थी।
उनके इस बयान के बाद जमकर आलोचना हुई थी। कई पूर्व वरिष्ठ खिलाड़ियों के अलावा अंपायरों ने भी कप्तान धोनी के बयान की निंदा की थी। इस बयान के बाद धोनी की मैच फीस का 10 फीसदी हिस्सा काट लिया गया था।
'हितों में टकराव' में भी फंसे धोनी
आज से ठीक दो साल पहले वह उस समय एक और विवाद में आए जब 2013 में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड रवाना होने वाली थी। इसी बीच धोनी पर आरोप लगा कि वह रिति स्पोर्ट्स में निवेशधारक हैं जो उनके अलावा अन्य भारतीय खिलाड़ियों सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा और प्रज्ञान ओझा का प्रबंधन देखती है।
हालांकि कंपनी ने इस बात से इनकार किया था कि कप्तान धोनी का उस समय कंपनी में कोई निवेश किया गया है।
पूर्व खिलाड़ी धोनी पर हितों में टकराव मामले में फंसने पर नाराज दिखे और उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कप्तान के पास कंपनी के शेयर हैं तो उन्हें अपने सारे शेयर बेच देना चाहिए। उस समय वह क्रिकेट के तीनों फॉरमेट्स के अलावा आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान थे।
द्रविड़, गांगुली और सहवाग को टीम से कराया बाहर!
महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े विवादों में एक अगली कड़ी है 2007 की। यह वही साल है जब धोनी टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान बने। उन पर उस समय यह आरोप लगा कि उन्होंने टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को ऑस्ट्रेलिया में सीबी वनडे सीरीज के लिए टीम से बाहर करा दिया। यह मामला आगे भी चला जब ऐसी खबरें आई कि 2009 में टी-20 वर्ल्ड कप से पहले उनमें और टीम के उपकप्तान वीरेंद्र सहवाग के बीच विवाद काफी बढ़ गया।
हालांकि धोनी बाद में सामने आए और बयान दिया कि सहवाग के साथ विवाद की खबर बकवास है। उन्होंने कहा, "मीडिया में इन दिनों मेरे और सहवाग के बीच विवाद की जो भी खबरें चल रही हैं उसमें कोइ सच्चाई नहीं है।"
धोनी ने 2011-12 में सीबी सीरीज के दौरान कहा था कि वह अपनी टीम में सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को एक साथ नहीं रख सकते क्योंकि वे मैदान पर धीमे हैं। इसके कुछ महीने बाद सचिन ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। जबकि खराब फॉर्म के कारण सहवाग और गंभीर को टीम से बाहर कर दिया गया।
दो क्रिकेटरों के पिता ने कप्तान धोनी पर लगाए गंभीर
कप्तान धोनी का एक और विवाद वर्ल्ड कप 2015 से भी जुड़ा है। इस टूर्नामेंट के लिए जब टीम का चयन किया जा रहा था तो ऐसी खबरें भी आई कि उन्होंने चयनकर्ताओं पर इस बात का दबाव डाला कि युवराज सिंह जैसे धाकड़ बल्लेबाज को टीम में न लिया जाए।
युवराज को लगातार टीम से बाहर किए जाने से इस आलराउंडर के पिता योगराज सिंह बेहद नाराज हो गए। उन्होंने धोनी पर तीखा हमला किया और कहा, "मैं वाकई शर्मिंदा हो जाता हूं जब अन्य क्रिकेटर मेरे पास आते हैं और धोनी के बारे में बताते हैं। पहले, मैंने सोचा कि लोग ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वह धोनी की सफलता से जलते हैं। लेकिन बाद में क्रिकेटर्स ही उनकी शिकायत करने लगे। फिर मैंने महसूस किया कि मैंने अपने जीवन में उनके जैसा घटिया इंसान नहीं देखा।"
अपने पिता के बयान के बाद युवराज को सफाई देने पड़ी और ट्विटर पर धोनी के साथ अच्छे रिश्तों की दुहाई देनी पड़ी। हालांकि ऐसा नहीं है कि युवराज के पिता पहले भी कई बार धोनी पर अपनी भड़ास निकाल चुके हैं।
2013 की शुरुआत में स्पॉट फिक्सिंग विवाद के दौरान भी तेज गेंदबाज श्रीसंत के पिता ने भी आरोप लगाया था कि धोनी और हरभजन उनके बेटे के करियर को खत्म करने पर तुले हैं।
इस विवाद से खत्म होने जा रहा था धोनी का करियर
कप्तान धोनी से जुड़ा सबसे बड़ा विवाद 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उनका नाम सामने आना। उनके करियर का यह सबसे बड़ा विवाद है। हालांकि धोनी ने हमेशा इस बात से इनकार किया है कि उनका इस भ्रष्टाचार से कभी कोई नाता रहा है। इस विवाद में उनका नाम आने पर यह भी कहा जाने लगा कि उनका करियर ही खत्म हो जाएगा।
एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन के सट्टेबाजों के साथ संबंध होने पर धोनी से पूछताछ भी की गई। धोनी ने कभी भी गुरुनाथ को चेन्नई सुपर किंग्स का टीम अधिकारी नहीं माना, उन्हें बस क्रिकेट का उत्साही समर्थक ही करार दिया।
धोनी के अलावा उनकी पत्नी साक्षी की कुछ फोटो बिंदू दारा सिंह के साथ मैच देखने की आई जिस पर यह मामला भी आया कि इन दोनों के बीच स्पॉट फिक्सिंग को लेकर कोई सांठगांठ है लेकिन यह आरोप बाद में निराधार निकला।