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एक गणतंत्र की कहानी: मानवता के इतिहास में रोम से बड़ी कोई नसीहत नहीं, इतिहासकार पॉलीबियस की दास्तां जानिए

Sun, 26 Jan 2025 07:01 AM IST
Anshuman Tiwari अंशुमान तिवारी
Updated Sun, 26 Jan 2025 07:01 AM IST
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सार
ईसा पूर्व 509 में रोम के लोगों ने किंग टारि क्वन को राजधानी से खदेड़ दिया और गणतंत्र की स्थापना हुई। 500 वर्ष की आयु के साथ रोमन गणतंत्र सबसे लंबा और भव्य गणतांत्रिक प्रयोग था, जिसने आधुनिक सरकारों और संविधानों की बुनियाद बनाई है, अलबत्ता रोमन गणतंत्र की नसीहतें इसकी सफलता से कहीं ज्यादा कीमती हैं। 
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Story of Republic no greater lesson than Rome in history of humanity know the story of historian Polybius
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ओक्टावियन और मार्क एंटनी के बीच गृहयुद्ध खत्म हो चुका है। विजेता ओक्टावियन उर्फ आगस्टस रोम का नया सम्राट है। रोमन गणतंत्र जो 1500 साल बाद दुनिया के गणतंत्रों की प्रेरणा बनेगा, उसके पतन की घोषणा हो गई है।



कैपिटॉल बिल्डिंग के रोटंडा यानी गुंबद तले शपथ लेते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, दरअसल प्राचीन रोमन रिपब्लिक की नसीहतें याद करा रहे थे। अमेरिकी गणतंत्र की इस सबसे पवित्र इमारत में अमेरिकी कांग्रेस कानून बनाती है। इसका गुंबद यानी रोटंडा रोम के प्राचीन मंदिर पैंथियान की प्रतिकृति है। इसी के नीचे राष्ट्रपतियों की शपथ होती है। ईसा पूर्व दूसरी सदी में रोमन इतिहासकार पॉलीबियस ने रोमन गणतंत्र की दास्तान लिखी थी। अमेरिकी गणतंत्र के नियमों और प्रतीकों पर प्राचीन रोमन गणतंत्र के हस्ताक्षर इतने मुखर हैं कि इसे रोमन व्यवस्था  का आधुनिक संस्करण माना जाता है। ईसा पूर्व 509 में रोम के लोगों ने किंग टारक्विन को राजधानी से खदेड़ दिया और गणतंत्र की स्थापना हुई। 500 वर्ष की आयु के साथ रोमन गणतंत्र सबसे लंबा और भव्य गणतांत्रिक प्रयोग था, जिसने आधुनिक सरकारों और संविधानों की बुनियाद बनाई है, अलबत्ता रोमन गणतंत्र की नसीहतें इसकी सफलता से कहीं ज्यादा कीमती हैं।


विराजिए अपनी सीट पर
टाइम मशीन, आपको रोम के सबसे सनसनीखेज समय की यात्रा कराएगी। हम ईसा पूर्व 149 के रोम पर मंडरा रहे हैं। भूमध्य सागर और उत्तरी अफ्रीका (21वीं सदी का ट्यूनीशिया) के इलाके में अपनी बेजोड़ नौसेना के साथ राज करने वाले कार्थेज शासकों का सूर्य अस्त हो रहा है। रोम की गलियों में विचरते हुए आप कार्थेज के सेनानायक हनीबाल बार्का के किस्से सुन सकते हैं, जिसने दूसरे प्यूनिक युद्ध में (ईसा पूर्व 218-201) में उत्तरी इटली पर कब्जा कर लिया था। हमारी टाइम मशीन जिस वक्त रोम पहुंची है, वह तीसरे प्यूनिक युद्ध के बाद का दौर है। यह रोम और कार्थेज के बीच निर्णायक जंग थी। रोम की सेना ने कार्थेज को जीतकर शहर को लूट लिया। इसके साथ कार्थेज महाशक्ति का पतन हुआ और भूमध्य सागर के अधिकांश हिस्से पर रोमन साम्राज्य का कब्जा हो गया। रोम के लिए तीसरी प्यूनिक जंग का नायक तो सीपियो इलियमियानुस है, मगर रोम के राजनीतिक गलियारों में टाइबेरियस ग्रॉकस की चर्चा है, जिसने नायक सीपियो के खास सैनिक के तौर पर कार्थेज से निर्णायक जंग लड़ी। ग्रॉकस पहला रोमन सैनिक था, जिसने शहर की दीवार पार की थी।

टाइम मशीन अब ईसा पूर्व 134 में आ गई। रोम में कुछ बड़ा घटने वाला है। इस शहर की भव्यता पर रीझते हुए आपको यह भी महसूस होगा कि रोम का सामाजिक-आर्थिक तानाबाना बदल चुका है। पुराना रोमन साम्राज्य सैनिकों और किसानों ने बनाया था। युद्ध खत्म होने के बाद नायक और योद्धा वापस खेती करने लगते थे। ईसा पूर्व दूसरी और पहली सदी के युद्धों में रोम के नायकों ने जमीनों के बड़े हिस्से जीते हैं। रोमन अमीरों ने इन जमीनों को बड़े फार्म में बदल दिया, जिनमें गुलाम काम करते हैं। रोम के लोग इन बड़े-बड़े खेतों को लैटीफंडिया कहते हैं। रोम साम्राज्य के छोटे किसान, गुलामों की मेहनत से चल रहे लैटीफंडिया से कहां मुकाबला करेंगे। रोम में विचरण करते हुए आपको पता चला होगा कि टाइबेरियस ग्रॉकस ट्रिब्यून ऑफ द प्लेब्स का चुनाव लड़ने जा रहा है। रोमन गणतंत्र में यह पद आम लोगों के प्रतिनिधि को मिलता है। गणतंत्र में सीनेट और प्लेब्स यानी अभिजात्य और आम लोग मिलकर फैसला करते हैं।

टाइम मशीन अब कैपिटोलाइन हिल के पास पार्क की जाएगी। इसी पर टेंपल ऑफ ज्युपिटर है। आप लोग इस मंदिर के इर्द-गिर्द रहिए, क्योंकि यहां अब जो होने वाला है, वह रोमन गणतंत्र को बदल देगा। टाइबेरियस ग्रॉकस ट्रिब्यून चुने जाने के बाद टेंपल ऑफ ज्युपिटर पहुंचा है। उसने यहां रोम के इतिहास में पहले भूमि सुधार का मसौदा रख दिया है। इस कानून के जरिये भूमिहीन नागरिकों को जमीन बांटी जानी है, जो अमीरों के लैटीफंडिया से ली जाएगी। ग्रॉकस का कहना है कि रोमन गणतंत्र के नियमों के मुताबिक युद्ध में जीती गई जमीन राज्य की होती है, अमीरों की नहीं। अमीरों के बहुमत वाली सीनेट ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। रोम के गरीब लोग टाइबेरियस ग्रॉकस के साथ हैं, जबकि सीनेट और अमीर उसके खिलाफ। आर्थिक असमानता ने रोमन गणतंत्र को दो हिस्सों में बांट दिया है। क्या आपको पता चला कि ग्रॉकस ने सीनेट का विरोध देखकर इस प्रस्ताव को सीधे कॉमन असेंबली यानी काउंसिलियम प्लेबिस मे ले जाने का एलान कर दिया है। रोमन गणतंत्र के इतिहास में पहली बार सीनेट को किनारे किया जा रहा है। गणतंत्र में एेसा करने की छूट है। अब खुले चुनाव की तैयारी है।

टाइबेरियस ग्रॉकस लोगों के बीच जाकर इस कानून का प्रचार कर रहा है। वहीं, सीनेट के इशारे पर ट्रिब्यून ओक्टावियस, भूमि सुधार के विरोध में सामने आए हैं। वोटिंग शुरू होने से पहले ही बैलेट बॉक्स गायब हो गए हैं। दंगे की नौबत है, रोमन गणतंत्र में भूमि सुधार पर चुनाव रुक गया है। लंबी जद्दोजेहद के बाद कॉमन असेंबली में फिर वोट की तैयारी है। जरा सुनिए टेंपल से घायल होकर बाहर आया वह रोमन क्या कह रहा है। टाइबेरियस वोटरों की भीड़ के बीच आगे जाने की कोशिश कर रहा था। तभी सीपियो नैसिया (टाइबेरियस का चचेरा भाई) ने सीनेटरों के साथ उसे घेर लिया। टाइबेरियस का चोगा पकड़ जमीन पर गिरा दिया गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। टाइम मशीन में अपनी सीट पकड़िए, क्योंकि रोम में दंगा भड़कने वाला है। टाइबेरियस की हत्या रोमन गणतंत्र की पहली राजनीतिक हिंसा है। अगले कुछ घंटों में यहां तीन सौ से ज्यादा लोग मारे जाएंगे। आर्थिक असमानता ने रोमन गणतंत्र की चूलें हिला दी हैं। हम अब दस साल आगे 121 ईस्वी पूर्व में आ गए हैं। टाइबेरियस का भाई गायस ग्रॉकस ट्रिब्यून बन गया है। वह गरीबों को जमीन देने के सुधार पर कायम हंै। उसने टाइबेरियस से कहीं ज्यादा व्यापक कानून का मसौदा पेश किया। सीनेट और रोमन अभिजात्य आक्रामक विरोध कर रहे हैं। गायस ग्रॉकस झुकने को तैयार नहीं है। सीनेट ने ग्रॉकस को जनता का शत्रु घोषित कर दिया है। रोम इस खबर पर सन्न रह गया है कि ग्रॉकस ने अपने करीब 3,000 साथियों के साथ आत्महत्या कर ली है। आर्थिक असमानता के कारण रोमन गणतंत्र की बुनियाद दरक गई है। अगले दशकों में यह राजनीतिक हिंसा रोमन साम्राज्य का हिस्सा बन जाएगी, इसलिए बेहतर है कि आप टाइम मशीन पकड़कर वापस निकल लें।

इक्कीसवीं सदी के गणतंत्रों की तरफ बढ़ते हुए टाइम मशीन की स्क्रीन पर नजर रखिएगा। पहले दृश्य में सिसरो हैं, जिसने रोमन गणतंत्र में टैक्स जुटाने वालों के भ्रष्टाचार (70 ईस्वी पूर्व) को उघाड़ दिया है। स्क्रीन पर अगले दृश्य में स्पार्टाकस दिख रहा है, जिसके नेतृत्व में गुलामों ने रोमन सेनानायकों और गुलामों के ट्रेड के खिलाफ विद्रोह (73-71 ईपू) कर दिया है। अब रोम में गृह युद्ध शुरू हो गया है। सुला बनाम मारियस और सीजर बनाम पॉम्पेयी के युद्धों के बाद जूलियस सीजर रोम का नया डिक्टेटर है। ईसा पूर्व 60 आते-आते रोम की शक्ति और संपत्ति चुनिंदा हाथों में केंद्रित हो गई। यह 27 ईसा पूर्व का दृश्य है। ओक्टावियन व मार्क एंटनी के बीच गृहयुद्ध खत्म हो चुका है। ओक्टावियन उर्फ आगस्टस रोम का नया सम्राट है। रोमन गणतंत्र जो 1,500 साल बाद दुनिया के गणतंत्रों की प्रेरणा बनेगा, उसके पतन की घोषणा हो गई है। टाइम मशीन वाशिंगटन में उतर रही है। क्या आपको महसूस हुआ कि आप अतीत में नहीं गए थे, बल्कि आज के गणतंत्रों की खबरें पढ़ रहे थे। याद रखिए कि कोई गणतंत्र अमर नहीं होता। मानवता के राजनीतिक इतिहास में रोम से बड़ी कोई नसीहत नहीं है। मिलते हैं अगले सफर पर...

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