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नजरिया बदलने की जरूरत: कसरत करना चाहते हैं, पर समय नहीं मिलता! हम कैसे छोड़ देते हैं दूसरी अच्छी आदतें?

Sun, 01 Nov 2026 09:39 AM IST
ज्योति भास्कर क्रिस्टी एशवांडेन, द न्यूयॉर्क टाइम्स।
क्रिस्टी एशवांडेन, द न्यूयॉर्क टाइम्स। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 01 Nov 2026 09:39 AM IST
सार

अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको बस स्थिति को देखने का नजरिया बदलने की जरूरत है।
 

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shift perspective You want to exercise but unable to find time How do we end up abandoning good habits
ओपेन जिम में कसरत (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आपकी नौकरी में ज्यादातर समय डेस्क पर बैठकर गुजरता है और दिन के अंत में थकान और शरीर में जकड़न महसूस होती है? आप कसरत को दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं, लेकिन सोचते हैं कि समय कहां से निकालें। व्यवहार मनोवैज्ञानिक डेनियल बोल्स के मुताबिक, इस स्थिति को देखने का नजरिया बदलकर आप व्यायाम के प्रति अपनी सोच बदल सकते हैं। आप यह सोचने के बजाय कि दिनभर की थकान के बाद कसरत करना मुश्किल है, यह सोच सकते हैं कि अब शरीर को हिलाने-डुलाने का समय है। परिस्थितियां वही रहती हैं, बस उन्हें देखने का नजरिया बदल जाता है।

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2021 के एक अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों को व्यायाम के दौरान आनंद लेने, तनाव दूर करने और दूसरों के साथ जुड़ने पर ध्यान देने को कहा गया, उनके बीच में एक्सरसाइज क्लास छोड़ने की आशंका उन लोगों से कम थी, जिन्हें सिर्फ व्यायाम के स्वास्थ्य लाभ बताए गए थे। वहीं, 2023 में स्टैनफोर्ड की शोधार्थी ऑक्टेविया हेडविग जार्ट के अध्ययन में पाया गया कि कम कदम दिखाने वाले ट्रैकर इस्तेमाल करने वालों का ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और खानपान बिगड़ा।
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इसे ‘व्हाट द हेल इफेक्ट’ कहते हैं, जिसमें एक जगह नाकामी का एहसास होने पर व्यक्ति दूसरी अच्छी आदतें भी छोड़ देता है। इसके विपरीत, सही या अधिक कदम देखने वालों की एरोबिक क्षमता, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हुआ। यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा के पॉल एस्टाब्रूक्स के अनुसार, सक्रिय जीवनशैली को अपनी पहचान का हिस्सा बनाना जरूरी है। बास्केटबॉल टीम में शामिल होना या दोस्तों के साथ नियमित रूप से टहलना इसमें मदद कर सकता है।
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वहीं, सोशल साइकोलॉजिस्ट बास वेरप्लैंकेन के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था बनाएं कि व्यायाम करना आदत बन जाए। इसके लिए रात में ही वर्कआउट के कपड़े निकालकर रखें, घर लौटते समय जिम के रास्ते से जाएं या किसी पड़ोसी के साथ रोजाना टहलने का समय तय करें। साथियों का सहयोग भी नियमितता बनाए रखने में मदद करता है। डॉ. जार्ट साइकिल से काम पर जाने और टहलते हुए मीटिंग करने जैसी गतिविधियों को महत्व देती हैं। उनके अनुसार, फिटनेस केवल जिम में पसीना बहाने तक सीमित नहीं है, घर की सफाई भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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