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दूसरा पहलू: छुट्टियों में छिपा है सेहत का राज, लेकिन यूनान-रोम में नहीं था आराम पर यकीन; अधिक भोजन-मदिरा घातक

Mon, 23 Dec 2024 05:08 AM IST
दीपक कुमार शर्मा कॉन्स्टेंटाइन पेनेगायर्स
कॉन्स्टेंटाइन पेनेगायर्स Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 23 Dec 2024 05:08 AM IST
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सार
छुट्टियां आराम करने के लिए होती हैं, लेकिन सभी यूनानी और रोमन इस पर विश्वास नहीं करते थे। प्राचीन युग में कभी-कभी लोग छुट्टियों पर जाते थे, इस विश्वास के साथ कि जलवायु बदलने पर उनकी मानसिक और शारीरिक अवस्था में सुधार होगा। यूनानी लेखक एथेनियस के अनुसार, छुट्टियां इन्सान को आलसी बनाती हैं, तो दार्शनिक सेनेका मानते थे कि हर रविवार को छुट्टी करना यानी अपने जीवन का सातवां हिस्सा बर्बाद करना।
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Secret of health hidden in holidays some people spoil health by eating and drinking too much
कॉन्स्टेंटाइन पेनेगायर्स और सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चेरोनिया के यूनानी दार्शनिक प्लूटार्क (पहली-दूसरी सदी) ने पाया कि हमारा जीवन आराम और काम के बीच में विभाजित है। कई बार हम काम कर रहे होते हैं, तो कई बार छुट्टी पर होते हैं। वह कहते थे कि आराम महत्वपूर्ण है, यह हमें श्रम करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। प्राचीन यूनान और रोम में कई लोग मानते थे कि छुट्टी लेना शारीरिक और दिमागी स्वास्थ्य को बहाल करने का अवसर है। हालांकि इस बात से प्रत्येक व्यक्ति सहमत नहीं था।



प्राचीन युग में कभी-कभी लोग छुट्टियों पर जाते थे, इस विश्वास के साथ कि जलवायु बदलने पर उनकी मानसिक और शारीरिक अवस्था में सुधार होगा। रोमन लेखक और न्यायविद प्लिनी द यंगर (पहली-दूसरी सदी ईस्वी) ने लिखा है कि जोसीमस नाम के व्यक्ति को मुंह से खून आने की बीमारी थी। उन्होंने उसे लंबी छुट्टी पर मिस्र भेजा। जोसीमस लौटकर आया, तो उसकी सेहत में सुधार था। हालांकि वह फिर से बीमार पड़ गया। इस बार प्लिनी ने उसे गैलिया नार्बोनेंसिस (आधुनिक दक्षिणी फ्रांस) भेजा, क्योंकि वहां की जलवायु इस प्रकार की बीमारी को ठीक करने के अनुकूल थी।


चिकित्सक गैलन (129 से 216 ईस्वी) के अनुसार, यूनानी द्वीप लेस्बोस पर मायटिलीन के पानी में विभिन्न बीमारियों का इलाज करने के गुण थे, जिसमें हाइड्रोप्स भी शामिल है, एक प्रकार का तरल पदार्थ, जो सूजन या मोटापे का कारण बनता है। आधुनिक चिकित्सक भी लोगों को विशेष यात्रा पर जाने या उनसे बचने की सलाह देते हैं। उदाहरण के लिए, चिकित्सक कैलियस ऑरेलियनस ने सिरदर्द के इलाज के लिए समुद्री यात्राओं को लाभदायक बताया। उनका मानना है कि समुद्र का खारी पानी सिरदर्द के इलाज में सहायक है। वहीं सिरदर्द के मरीज को ताजे पानी, जैसे-नदियों, खाड़ियों और झीलों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों पर छुट्टी का विपरीत असर भी पड़ता है। यूनानी लेखक एथेनियस के अनुसार, छुट्टियां इन्सान को आलसी बनाती हैं, तो दार्शनिक सेनेका मानते थे कि हर रविवार को छुट्टी करना यानी अपने जीवन का सातवां हिस्सा बर्बाद करना। हालांकि, डॉ. गैलन के विचार ज्यादा प्रासंगिक हैं। उनके अनुसार, जो लोग ज्यादा शारीरिक श्रम करते हैं, उन्हें समय-समय पर विश्राम की जरूरत होती है। लेकिन कुछ लोग जो हमेशा छुट्टियां करते हैं, इस दौरान अधिक भोजन तथा मदिरापान से अपनी सेहत को ठीक करने के बजाय बिगाड़ लेते हैं। (-द कन्वर्सेशन से)

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