{"_id":"644dc613d47fc855cc0af243","slug":"pm-modi-mann-ki-baat-indian-sports-sania-mirza-recalls-memory-of-pm-letter-2023-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री ने की खिलाड़ियों के मन की बात भी, जनमानस के विचारों को किया झंकृत","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री ने की खिलाड़ियों के मन की बात भी, जनमानस के विचारों को किया झंकृत
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
सानिया मिर्जा
- फोटो :
सानिया मिर्जा (इंस्टाग्राम)
विस्तार
साढ़े आठ साल पहले शुरू हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मन की बात कार्यक्रम 'शतक' लगाने जा रहा है, जब आज इस कार्यक्रम के 100 एपिसोड पूरे हो रहे हैं। आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो स्पष्ट पता चलता है कि इस कार्यक्रम ने किस तरह सकारात्मक रूप में जनमानस के विचारों को झंकृत किया और राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान देने को प्रेरित किया है।पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न चरणों में प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों को जिस प्रकार से प्रोत्साहित किया गया है, वह वास्तव में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में एक रोमांचक अनुभव था। एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद और फिर बाकी भारतीय दल के साथ ओलंपिक के लिए रवाना होने से पहले लाइव टीवी प्रोग्राम में मोदी जी के साथ संवाद करने का मुझे बड़ा सम्मान मिला है। वह मन की बात कार्यक्रम में भी खेल और खिलाड़ियों की बात करते रहे हैं और देश का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम ऊंचा करने के लिए खिलाड़ी कितनी मेहनत करते हैं। यह न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि एक ऐसा कदम है, जिसने आने वाले वर्षों में मातृभूमि को गौरव दिलाने के सपने और दृष्टि के साथ खेल को गंभीरता से लेने के लिए हजारों युवाओं को प्रोत्साहित किया है।
जब मैंने प्रोफेशनल टेनिस को अलविदा कहा, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वयं खत लिखकर मुझे शानदार करिअर के लिए बधाई दी थी। यह दिल को छू लेने वाला क्षण था। मैंने हमेशा अपने देश का प्रतिनिधित्व कर गौरव महसूस किया है, लेकिन जब आपकी मेहनत, आपकी लगन को देश के प्रधानमंत्री अनुमोदित करते हैं, तब आपमें देश के लिए कुछ और कर गुजरने की प्रेरणा जागृत होती है। प्रधानमंत्री ने जिस तरह से अपने पत्र में हौसला अफजाई की, उसने यह सिद्ध कर दिया कि खेल को अब देश कितनी गंभीरता से ले रहा है और किस तरह अपना देश बदल रहा है। मोदी जी की बोलने की करिश्माई शैली, उनके वक्तव्यों की गहराई और उनकी अनोखी एवं सरल-सहज भाषा में बोली जाने वाली बातें, निश्चित रूप से लंबे समय तक आमजन की दिलचस्पी बनाए रखती है और उन्हें आकर्षित करती है। साथ ही, इस कार्यक्रम में और अधिक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर भी देती है।
वर्षों से प्रधानमंत्री ने इस अनूठे कार्यक्रम के माध्यम से रोजमर्रा की जिंदगी के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आमजन का ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें परीक्षा में सफलता पाने और उसके तनाव से निपटने की उचित तकनीक, कला और संस्कृति, जल और वन संरक्षण, स्वच्छता का महत्व, रक्षा प्रक्षेत्र में देश की उन्नति आदि विभिन्न आयाम शामिल है। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र, 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी उन्होंने बात की है। उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने वाले लोगों, प्राकृतिक खेती, खेलो इंडिया, देश के विभिन्न दिग्गजों और युवाओं के नवाचारों के बारे में भी बात की है। प्रधानमंत्री ने आम आदमी को भारत की सांस्कृतिक विविधताओं एवं उनकी विशेषताओं से परिचित कराया है और भारत के विभिन्न हिस्सों और राज्यों में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों के बारे में पूरे देश में ज्ञान फैलाया है।
प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करने के लिए भी मन की बात के मंच का प्रभावी ढंग से उपयोग किया है। स्वयं सहायता समूहों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया है कि कैसे गांवों की महिलाएं कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
एक स्वस्थ राष्ट्र ही एक समृद्ध और सफल राष्ट्र होता है, इसे ध्यान में रखते हुए नरेंद्र मोदी जी ने स्वस्थ जीवन शैली के अल्पकालिक और दीर्घकालिक लाभों के बारे में लोगों को निरंतर शिक्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कोरोना काल में मन की बात ने प्रभावी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में देश की 130 करोड़ आबादी को शामिल करके सफलता पाई और देश के सभी हिस्सों में लोगों का उत्साह और मनोबल बनाए रखने में सफल रहे।