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समाज: जान जोखिम में डालने वाली हरकतें, दिल्ली मेट्रो को कहना पड़ा 'यात्रा करें, परेशानी पैदा न करें'
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सोशल मीडिया
विस्तार
बीते दिनों दिल्ली मेट्रो ने बाकायदा ट्वीट कर कहा है कि 'यात्रा करें, परेशानी पैदा न करें', इस संदेश के साथ यह नियम भी लोगों तक पहुंचाया गया है कि दिल्ली मेट्रो के अंदर रील, नृत्य वीडियो या ऐसी कोई भी वीडियो फिल्माना सख्त मना है। इतना ही नहीं, दिल्ली मेट्रो रेल निगम के नए नियमों के मुताबिक, अब मेट्रो में रील बनाने की शिकायत मिलने पर रेल परिचालक, स्टेशन नियंत्रक या सुरक्षाकर्मी यात्री को ट्रेन से भी उतार सकते हैं। इसके अलावा दो सौ रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। असल में यह नियम दूसरे यात्रियों को होने वाली असुविधा और खुद रील्स बनाने वालों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम को देखते हुए लिया गया है। इतना ही नहीं, मेट्रो में कई बार अश्लील वीडियो बनाने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
विडंबना ही है कि सोशल मीडिया मंचों पर अजब-गजब करतब करते हुए आभासी तारीफें बटोरने का जुनून लोगों की जिंदगी लील रहा है। हर कहीं रील्स और वीडियो फिल्माने की सनक अपनी ही नहीं, अन्य लोगों के लिए भी असुरक्षा और असहजता का कारण बन गई है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि कमाई करने की धुन और आत्ममुग्धता के फेर में अपनी ऊर्जा गंवाने और जीवन तक को दांव पर लगाने वालों में हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। रील्स बनाने के जुनून में लोगों को न समय का होश है और न ही स्थान का। बस, ट्रेन, हवाई जहाज हो या नदी या समुद्र का किनारा, जान को जोखिम में डालते हुए वीडियो बनाए जा रहे हैं। कभी मोटर साइकिल पर रील्स के लिए खतरनाक स्टंटबाजी की जा रही है, तो कभी बहते पानी में करतब करने का जोखिम लिया जा रहा है। हालात ऐसे हो चले हैं कि युवाओं में बढ़ती इस सनक के कारण अब कई जगह रील्स या वीडियो फिल्माने पर पाबंदी लगाने के लिए नियम लागू किए जा रहे हैं।
देखा जाए, तो यह सनक युवाओं की उलझी मनःस्थिति और आत्ममुग्ध बर्ताव की भयावह बानगी है। तभी तो देश के कोने-कोने से रील वीडियो बनाते समय हो रही दुर्घटनाओं के समाचार भी इस जुनून को नहीं रोक पा रहे। तकनीक के सही इस्तेमाल की समझ ही नदारद लगती है। कुछ साल पहले तक सेल्फी खींचते हुए होने वालों हादसों में भी हमारा देश दुनिया में सबसे आगे था। अब यह नया जुनून देखने को मिल रहा है। रील्स वीडियो बनाकर प्रसिद्धि पाने और सोशल मीडिया में चर्चित हो जाने को कोई सधा हुआ रोजगार नहीं कहा जा सकता है।
सोशल मीडिया मंचों पर ऐसे बहुत से वीडियो मौजूद हैं, जिनमें परिपक्व उम्र की स्त्रियां भी अजब-गजब हावभाव लिए अभिनय करती नजर आती हैं! आभासी लोकप्रियता के जुनून में आपत्तिजनक वीडियो तक आभासी मंचों पर परोसे जा रहे हैं। दुर्घटनाएं तो इस जुनून का दुखद हिस्सा हैं ही।
हाल ही में बिलासपुर में रील बनाते हुए एक छात्र की कॉलेज की छत से गिरकर मौत हो गई। अपने दोस्तों के साथ इंस्टाग्राम के लिए रील बनवा रहे छात्र के साथ छत से कूदते हुए वीडियो बनवाने के फेर में फैर फिसल जाने से यह हादसा हुआ। 2021 में इंदौर में हुए दिल दहला देने वाले वाकये में 10वीं के छात्र की भी रील बनाते हुए जान चली गई थी। हादसों की लंबी फेहरिस्त होने के बावजूद लोगों में रील्स बनाने का पागलपन इस कदर हावी है कि अपने साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डालने से नहीं चूक रहे।
लोगों की मनचाही हरकतों से राह चलते लोग भी हादसों का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे जिले में इंस्टाग्राम रील बनाने के दौरान लापरवाही से मोटर साइकिल चलाने के कारण महिला को टक्कर लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इन्हीं दिनों ताजमहल में एक यूट्यूबर द्वारा बनाई गई रील में विदेशी पर्यटक पर छींटाकशी और टिप्पणी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस रील का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संज्ञान लिया और रील बनाने वाले के खिलाफ पर्यटन थाने में तहरीर भी दी। दुखद है कि देश की छवि बिगाड़ने से लेकर राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा तक के लिए भी यह जुनून खतरा बन रहा है। ऐसे में स्व-विवेक और आत्मनियमन से अपने व्यवहार को न साधने वाले लोगों के लिए रील वीडियो बनाने के मामले में सख्त नियम जरूरी हैं।