{"_id":"5ec6394b8ebc3e85b54f7d96","slug":"coronavirus-tested-free-under-ayushman-bharat-yojna-3000-tested-for-coronavirus-under-ayushman-bharat-says-nha","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayushman Bharat Yojna: आयुष्मान भारत के तहत तीन हजार लोगों की कोविड-19 जांच की गई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Ayushman Bharat Yojna: आयुष्मान भारत के तहत तीन हजार लोगों की कोविड-19 जांच की गई
Thu, 21 May 2020 01:49 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 21 May 2020 01:49 PM IST
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत डेढ़ महीने पहले इसके लाभार्थियों के लिए कोरोना वायरस के इलाज को मुफ्त कर दिया गया। इसके बाद से इस योजना के तहत दो हजार लोगों का कोरोना का इलाज किया जा चुका है या इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना बताया था। वहीं, सितंबर 2018 में इसके लॉन्च के बाद से, एबी-पीएमजेएवाई के तहत एक करोड़ लोगों ने इसकी सुविधा का लाभ उठाया है। इस योजना के तहत, तीन हजार लोगों की कोविड-19 जांच की गई है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने बुधवार को कहा कि एनएचए ने कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए पिछले एक महीने में एबी-पीएमजेएवाई के तहत लगभग 1,500 से अधिक अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है।
विज्ञापन
एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदु भूषण ने कहा कि हम चाहते हैं कि मामलों में वृद्धि हो तो हम तैयार रहें। अब तक, सार्वजनिक क्षेत्र बहुत अधिक भार को संभाले हुए है, लेकिन यदि इसमें कोई असामान्य वृद्धि हुई है, तो हमें निजी क्षेत्र के अस्पतालों को भी काम में लगाने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने कहा कि हम वर्तमान में सूची में अधिक अस्पतालों को जोड़ने के अभियान पर हैं। हमने अलग-अलग कोविड उपचार पैकेज भी बनाए हैं क्योंकि इन रोगियों के उपचार के लिए आइसोलेशन, पीपीई (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण)किट, अतिरिक्त श्रमशक्ति आदि की आवश्यकता होती है।
इसे भी पढ़ें: 25 मई से शुरू होंगी घरेलू उड़ानें, 14 साल तक के बच्चों के लिए जरूरी नहीं आरोग्य सेतु एप
एनएचए प्राधिकरण कोविड-19 परीक्षण के लिए निजी प्रयोगशालाओं को जोड़ने की प्रक्रिया में है जिसे भारतीय चिकित्सा आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा अनुमोदित किया गया है। रेट पैकेज का उपयोग पहले से मौजूद श्रेणी से संबंधित श्वसन संबंधी बीमारियों, गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के साथ बढ़े हुए लक्षणों के साथ किया जा रहा है।
एनएचए ने एक बयान में कोविड-19 प्रकोप के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एबी-पीएमजेएवाई के तहत इसके 53 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त कोरोना जांच और इलाज मुहैया कराने का प्रबंधन किया है। इसी कड़ी में, देश के 2132 लोगों ने इसका लाभ उठाया है या वर्तमान में एबी-पीएमजेएवाई के तहत कोविड-19 का इलाज करा रहे हैं।
एनएचए की टीम इस योजना के 60 साल के ऊपर के लाभार्थियों और अन्य उच्च जोखिम वाली श्रेणी के लाभार्थियों तक पहुंच रही है, ताकि उनमें कोविड-19 के लक्षणों की जांच की जा सकें। इसके लिए इसने 700 कर्मचारियों की मदद से कॉल सेंटर स्थापित किया है। अब तक लगभग 3 करोड़ कॉल्स का निपटारा किया जा चुका है।
भूषण ने कहा कि हमारा उद्देश्य उन सभी लाभार्थियों को कॉल करना था जो 60 साल से ऊपर के हैं या हाल ही में उनका उपचार किया गया है। साथ ही कोमोर्बिडिटीज (मरीज में दो बीमारियों का होना) वाले मरीजों को भी कॉल किया गया, क्योंकि ये उच्च जोखिम वाले लोग हैं। उन्होंने बताया कि कॉल सेंटरों का संचालन 24 घंटे और सातों दिन किया जा रहा है।
एनएचए ने इस योजना के तहत 21,565 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है। इन अस्पतालों में एक अप्रैल से 1,385 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। नए अस्पतालों में लगभग 58% निजी अस्पताल हैं।