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आजादी के 75 साल और एक संदेश: गांवों-शहरों में प्यार का पैगाम देती भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की "ढाई आखर प्रेम" की सांस्कृतिक यात्रा

Sat, 23 Apr 2022 11:30 AM IST
Sachin Shrivastava सचिन श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:30 AM IST
सार

आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली जा रही भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा 19 मई को भोपाल पहुंचेगी। यह यात्रा 19 और 20 मई को भोपाल और सीहोर के विभिन्न इलाकों से गुजरेगी।

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The cultural journey of Bharatiya Jan Natya Sangh on 75th year of independence
आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली जा रही भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा - फोटो : IPTA

विस्तार

9 अप्रैल को रायपुर से शुरू हुई यात्रा का 22 मई को इंदौर में होगा समापन छत्तीसगढ़ से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश के कई शहरों—कस्बों से होते हुए मध्य प्रदेश पहुंचेगी यात्रा 7 दिनों तक प्रदेश के विभिन्न शहरों गांवों में होंगी विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियां भोपाल में 5 स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, वरिष्ठ कवि राजेश जोशी बनाए गए आयोजन समिति के अध्यक्ष

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21 अप्रैल 2022। आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली जा रही भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा 19 मई को भोपाल पहुंचेगी। यह यात्रा 19 और 20 मई को भोपाल और सीहोर के विभिन्न इलाकों से गुजरेगी।
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इस दौरान नाटक, गीत, पोस्टर प्रदर्शनी, गायन, लोककथाओं, नृत्यों आदि कलारूपों की विभिन्न प्रस्तुतियां भोपाल शहर और आसपास के क्षेत्र में होंगी। इन कार्यक्रमों के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष वरिष्ठ कवि राजेश जोशी चुने गए हैं। यह जानकारी इप्टा के राज्य सचिव सचिन श्रीवास्तव ने दी।

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वरिष्ठ कवि और इप्टा मध्य प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष राजेश जोशी जी ने कहते हैं-

 

नफरत की राजनीति के दौर में ढाई आखर प्रेम के बोलना और इस प्रेम की बात को आगे बढ़ाने का कम हम सभी मिल जुलकर करेंगे। शोर के इस दौर में प्रेम की गूंज को सुनना और सुनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इप्टा की इस यात्रा से देश और प्रदेश के सांस्कृतिक परिवेश में वह आवाजें एकजुट होंगी, जो हाशिए पर चली गई हैं और इनसे हमारी प्रतिरोध की संस्कृति को नई राह मिलेगी। 

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इप्टा की इस यात्रा के लिए भोपाल के संस्कृति कर्मियों, रंगकर्मियों, कवि, लेखकों आदि ने एक बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई है - फोटो : IPTA

5 राज्यों में 250 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम

9 अप्रैल को रायपुर से शुरू हो रही यह यात्रा छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, कस्बों, गांवों से होते हुए 15 मई को छतरपुर के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी और टीकमगढ़, चंदेरी, अशोकनगर, गुना से होते हुए 19 मई को भोपाल पहुंचेगी। 19 और 20 मई को भोपाल समेत आसपास के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। भोपाल से 20 मई को यात्रा इंदौर के लिए निकलेगी, जहां 22 मई को समापन कार्यक्रम होगा।

इस 45 दिवसीय यात्रा के दौरान प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, दलित लेखक संघ, जन नाट्य मंच समेत अन्य संगठनों, समूहों के सहयोग से 250 से अधिक स्थानों पर गीत, संगीत, नाटक, फिल्म, किस्सागोई के तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक यह यात्रा छत्तीसगढ़ और झारखंड से गुजर चुकी है, जबकि बिहार के कई शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यात्रा में करीब 25 ख्यातिलब्ध कलाकार साथ—साथ चल रहे हैं। साथ ही स्थानीय कलाकारों के सहयोग से प्रस्तुतियां की जा रही हैं।


भोपाल में बनाई गई 5 स्थानों पर कार्यक्रम की रूपरेखा

इप्टा की इस यात्रा के लिए भोपाल के संस्कृति कर्मियों, रंगकर्मियों, कवि, लेखकों आदि ने एक बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई है। इस आयोजन के लिए एक आयोजन समिति बनाई गई है। आयोजन समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि राजेश जोशी होंगे, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी पत्रकार और कवि सचिन श्रीवास्तव को सौंपी गई है। इसके अलावा करीब 30 संस्कृतिकर्मी इस आयोजन समिति में शामिल हैं।


बैठक की शुरुआत में कवि और साहित्यकार शैलेंद्र शैली कहते हैं-

 

मौजूदा समय में इप्टा की इस यात्रा का विशेष महत्व है। यह यात्रा विभिन्न कलात्मक माध्यमों के जरिये देश की जनता को एकताबद्ध करने और चुनौतियों का सामना करने का हौसला दे रही है।

The cultural journey of Bharatiya Jan Natya Sangh on 75th year of independence
भोपाल और सीहोर में लोक कलाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां होंगी - फोटो : IPTA

भोपाल में यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम

बैठक के दौरान भोपाल और सीहोर के विभिन्न पड़ावों पर विस्तार से बातचीत हुई। यह तय किया गया कि 19 मई को दोपहर में श्यामपुरा दोराहा पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शाम 6 बजे भोपाल में शहर के कलाकारों और कला प्रेमियों के बीच रंगारंग कार्यक्रम होंगे। इनमें नाटक, जनगीत, गायन, वादन और अन्य कलात्मक अभिव्यक्तियों के जरिये संवाद होगा। 20 मई को शहर में दो बस्तियों में कार्यक्रम होंगे। इसके बाद यात्रा देवास के रास्ते इंदौर पहुंचेगी।

भोपाल और सीहोर में लोक कलाकारों और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों की प्रस्तुतियां होंगी। इनमें कबीर गायन, जनगीत, गीत प्रस्तुति और नाटकों का मंचन प्रमुख है। यात्रा के संयोजन के लिए बनाई गई आयोजन समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि और संस्कृतिकर्मी राजेश जोशी एवं संयोजक की जिम्मेदारी इप्टा के राज्य सचिव सचिन श्रीवास्तव को सौंपी गई है।

इस आयोजन समिति में प्रह्लाद बैरागी (अखिल भारतीय किसान सभा), एस एस मौर्या (एटक), आशा मिश्रा (बीजीवीएस), अर्चना शर्मा (अरण्या), सीमा कुरुप (एका), मनोज कुलकर्णी (जलेस), शैलेंद्र शैली (प्रलेसं), पंकज सिंह (श्रमिक विकास संगठन), यश भारतीय (युवजन सभा), जावेद अनीस (एनएसआई), पल्लव मोनू (मुस्कान), अमरीन शैख (परवाज), रवि राठौर (मुस्कान), फरहा (संविधान लाइव), वैभव यादव (देश की बात) समेत वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश त्रिपाठी, वरिष्ठ रंगकर्मी मुकेश शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम वर्मा, पत्रकार राजु कुमार, संस्कृतिकर्मी अनिल धीमान, सामाजिक कार्यकर्ता उपासना बेहार, मंदीप कुमार, निगहत खान, निहारिका पंसोरिया और लक्ष्मी को शामिल किया गया है।


जनगीत और पोस्टर पर होगी कार्यशाला

19 और 20 मई के कार्यक्रमों के पहले भोपाल के संस्कृतिकर्मियों की ओर से युवाओं को एकजुट करने और उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को धार देने के लिए जनगीत और पोस्टर निर्माण पर दो कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में प्रदेश और देश के प्रसिद्ध चित्रकार और जनगीत गायक शामिल होंगे।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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