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मंत्रिमंडल विस्तार, निगम मंडल नियुक्तियां और मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राएं!

Fri, 29 Aug 2025 06:01 AM IST
Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 29 Aug 2025 06:01 AM IST
सार

न दिनों मध्य प्रदेश में दो मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडल नियुक्तियां शामिल हैं। जानकार मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राओं को इन्हीं मुद्दों से जोड़ रहे हैं।

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Suresh Tiwari's column explains the political and administrative turmoil in Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चा है - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मध्यप्रदेश में सत्ता संभाले कोई पौने दो साल हो चुके हैं, लेकिन अगस्त माह में उन्होंने जितनी दिल्ली यात्राएं की हैं शायद इतनी पहले कभी नहीं की। इन यात्राओं में उन्होंने दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चार बार गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। दरअसल इन दिनों मध्य प्रदेश में दो मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडल नियुक्तियां शामिल हैं। जानकार मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राओं को इन्हीं मुद्दों से जोड़ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही निगम मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई है।
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व्यवस्था को बदनाम कर गया विधायक का मुक्का
मध्य प्रदेश में यह पहली बार हुआ है कि जब एक विधायक ने कलेक्टर को मुंह पर अपशब्द के साथ मुक्का तानते हुए कहा कि तू सबसे बड़ा चोर है। भिंड के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा इस शर्मनाक घटना के किरदार हैं। दरअसल, शहर में खाद नहीं मिलने के मामले को लेकर विधायक अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर के बंगले पर पहुंचे थे। बातों ही बातों में खाद की समस्या तो एक तरफ रह गई और दोनों के बीच नौबत तू-तू मैं-मैं और हाथापाई तक आ गई। इस घटना के पीछे झगड़ा रेत के खेल का बताया जा रहा है। इस दौरान विधायक ने कलेक्टर को सबसे बड़ा चोर कह दिया। विधायक के समर्थक भी ''भिंड कलेक्टर चोर है'' की नारेबाजी करते रहे। दोनों के बीच चली इस भिड़ंत का वीडियो भी वायरल हुआ है। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव 2011 बैच के प्रमोटी आईएएस अधिकारी हैं, जबकि विधायक कुशवाह भी तीन बार के विधायक हैं। इसी बीच, विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कलेक्टर के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी करने की मांग की है। इधर, पता चला है कि कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के पक्ष में अब आईएएस संगठन आ गया है। 
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45 साल पुरानी जोड़ी और पांच साल पुरानी घटना पर कलह
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह का विवाद सुर्खियों में आना चर्चा का विषय बना हुआ है। इन दोनों नेताओं की जोड़ी पिछले 45 साल की है और पांच साल पहले गिरी कांग्रेस सरकार को लेकर कलह फिर तेज हो गई है। कभी बड़े भाई-छोटे भाई के रूप में जाने जाते रहे दोनों नेता, इस बात को लेकर एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं कि पांच साल पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार किसके कारण गिरी? इतना निश्चित है कि इन दोनों के इस सार्वजनिक झगड़े से प्रदेश कांग्रेस के दो नेताओं जीतू पटवारी और उमंग सिंघार का कद अपने आप बढ़ रहा है।
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केंद्रीय मंत्रालय में मध्य प्रदेश के अधिकारियों की घटती ताकत
केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के हाल ही में किए गए फेरबदल में मध्य प्रदेश कैडर की 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका उपाध्याय को पशुपालन और डेयरी विभाग से हटाकर एक कमीशन का सचिव बना दिया गया है। अलका उपाध्याय के तबादले के बाद अब केंद्रीय मंत्रालय में मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारियों की संख्या घटकर 10 से 9 हो गई है। इसी प्रकार 1998 बैच के आईएएस अधिकारी केंद्र में ऊर्जा मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी आकाश त्रिपाठी को सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का एमडी बनाया गया है। मध्य प्रदेश की दृष्टि से अच्छी बात यह है कि आकाश त्रिपाठी को जो नई जिम्मेदारी दी गई है वह बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में देश की ऊर्जा समस्या के निराकरण में सोलर एनर्जी का अहम योगदान होगा।

पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ दिल्ली में रहेंगे या राजस्थान जाएंगे
दिल्ली के पावर कॉरिडोर में यह चर्चा जोरों पर है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ दिल्ली में ही रहेंगे या जयपुर चले जाएंगे। पता चला है कि पूर्व उपराष्ट्रपति की राजनीतिक दृष्टि से चल रही गतिविधियों को देखते हुए सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि वे दिल्ली के बजाय अपने गृह प्रांत राजस्थान में चले जाएं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में धनखड़ अपना ठिकाना कहां बनाते हैं?


अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
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