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दूसरा पहलू: क्या सामूहिक पैटर्न पैदल चलने पर आपसी बातचीत या व्यवहार से बने, हम हमेशा बाएं ही क्यों मुड़ते हैं?

Mon, 05 Oct 2026 08:49 AM IST
ज्योति भास्कर इनाकी एकेवेरिया हुआर्ते
इनाकी एकेवेरिया हुआर्ते Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 05 Oct 2026 08:49 AM IST
सार

अध्ययन बताता है कि एक बंद जगह में चलते समय लगभग हर व्यक्ति में घड़ी की उल्टी दिशा में कुछ झुकने की प्रवृत्ति होती है। दशकों से माना जाता रहा है कि ऐसे सामूहिक पैटर्न पैदल चलने वालों की आपसी बातचीत या व्यवहार से बनते हैं। लेकिन आंकड़े इसके उलट संकेत देते हैं। बाईं ओर मुड़ने की प्रवृत्ति समूह के बजाय व्यक्ति की अपनी होती है।  यही प्रवृत्ति जानवरों में भी देखी जाती है।

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collective patterns emerge from the interactions or behavior of pedestrians why do we always turn left
अक्सर बाएं ही क्यों मुड़ते हैं? (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

साल 2020 में कोविड के दौरान हम इस बात का अध्ययन कर रहे थे कि जब लोगों को एक-दूसरे से दूर रहने के लिए कहा जाता है, तो वे एक बंद जगह में कैसे घूमते हैं। हमने पाया कि लगभग हर व्यक्ति ऐसे घेरे में चल रहा था, जो एक ही दिशा में मुड़ते थे- हमेशा घड़ी की उल्टी दिशा में। पुराने शोध में पाया गया था कि दाएं हाथ वाले लोग बाईं ओर और बाएं हाथ वाले लोग दाईं ओर मुड़ते हैं। पर प्रयोगों में यह धारणा गलत साबित हुई।

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जब लोगों को दीवार की ओर सीधा चलाकर यह देखा गया कि वे किस तरफ मुड़ते हैं, तब भी घड़ी की उल्टी दिशा का झुकाव बना रहा। हमने यही प्रयोग बड़े मैदान में किया और सौ से अधिक किशोरों को बिना किसी निर्देश के चलने दिया गया। वहां भी घूमने का असर बना रहा। हमने सोचा कि शायद सामने से आने वाले लोगों से बचने की आदत इसकी वजह हो सकती है।
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यूरोप में लोग आमतौर पर दाईं ओर हटते हैं, इसलिए हमने अनुमान लगाया कि जापान में, जहां लोग बाईं ओर गाड़ी चलाते हैं, भीड़ घड़ी की दिशा में घूमेगी। लेकिन टोक्यो में किया गया प्रयोग भी हमारी इस परिकल्पना के विपरीत था। 200 से ज्यादा लोगों को अकेले एक खाली जगह में चलाया गया। किसी से टकराने का डर न होने के बावजूद ज्यादातर लोग घड़ी की उल्टी दिशा में ही चले।
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दशकों से माना जाता रहा है कि ऐसे सामूहिक पैटर्न पैदल चलने वालों की आपसी बातचीत से बनते हैं। पर हमारे आंकड़े इसके उलट संकेत देते हैं। यह पैटर्न अकेले चलने वाले व्यक्ति में भी पहले से मौजूद होता है। सिर्फ एक व्यक्ति की चाल के आंकड़ों से हम पूरी भीड़ की घूमने वाली चाल को मॉडल में फिर से बना पाए। जो भी हो, यह जानना कि बाईं ओर मुड़ने की यह प्रवृत्ति समूह के बजाय व्यक्ति की अपनी होती है, महत्वपूर्ण है।


बाईं ओर झुकने की यही प्रवृत्ति जानवरों में भी देखी जाती है, जैसे झुंड में तैरने वाली मछलियों और चारों ओर गोल-गोल घूमने वाली चींटियों में। अकेले इन्सान को बाईं ओर धकेलने वाली यह ताकत शायद इन्सानों के अस्तित्व से भी कहीं ज्यादा पुरानी हो सकती है।

  • साथ में एंजेल गार्सिमार्टिन मोंटेरो व इकर जुरिगुएल बल्लाज ( द कन्वर्सेशन)
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