राज और नीति: भोपाल स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री से मिले प्रहलाद पटेल
मुख्यमंत्री मोहन यादव के भोपाल लौटने पर प्रहलाद पटेल से मुलाकात चर्चा में है। वहीं, हेमंत खंडेलवाल की बीएल संतोष से मुलाकात ने राजनीतिक हलचल बढ़ाई है। प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच निधि निवेदिता के पांच आदेश निरस्त किए गए।
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे से भोपाल लौटते ही स्टेट हैंगर पर उनकी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई। यह मुलाकात इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया गया कि दोनों के बीच स्टेट हैंगर पर करीब 5 मिनट तक चर्चा हुई। भले ही प्रहलाद पटेल ने अपने X अकाउंट पर लिखा कि पैसा मोबिलाइजर्स की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हुई, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस बिंदु के अलावा कुछ और ऐसी बातें भी हैं, जो पटेल मुख्यमंत्री से करना चाहते होंगे। कुछ जानकारों का मानना है कि वे मुख्यमंत्री को तत्काल कुछ संदेश देना चाहते थे, ताकि बाकी लोगों से मिलने से पहले वे अपनी बात कह सकें।
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री से खंडेलवाल की चर्चा के क्या मायने?
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की हाल ही में दिल्ली में मुलाकात हुई। बताया गया कि पार्टी हाईकमान ने खंडेलवाल को दिल्ली तलब किया था। वहां संतोष और हेमंत के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, इस चर्चा में संतोष ने मध्य प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों और कुछ नेताओं के बारे में फीडबैक लिया। इस मुलाकात को लेकर अब चर्चा का बाजार गर्म है।
एक और प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट
मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की एक छोटी सूची 5 सितंबर को जारी हुई थी। तब से यह चर्चा चल रही है कि मुख्यमंत्री के दुबई से लौटने के बाद एक और सूची जारी होगी। मुख्यमंत्री लौट आए हैं और इन चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। सागर शराब कांड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आते ही वहां आईजी की नियुक्ति कर दी। ग्वालियर में आईजी का पद पिछले सवा महीने से खाली पड़ा हुआ है। माना जा रहा है कि अब शीघ्र ही इस पद पर भी नियुक्ति होगी। फेरबदल में करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टर और एसपी प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानांतरण के बाद जारी आदेश निरस्त
प्रशासकीय हलकों में सामान्यतः स्थानांतरण के बाद अधिकारी कोई आदेश जारी नहीं करते हैं। लेकिन 2012 बैच की आईएएस अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्कालीन आयुक्त निधि निवेदिता ने 5 सितंबर को तबादला होने के बाद 7 और 8 सितंबर को पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किए। राज्य शासन ने 9 सितंबर को उनके द्वारा जारी इस तरह के सभी पांच आदेश निरस्त कर दिए।
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