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महेंद्र सिंह धोनी जन्मदिन विशेष: रोशनी की किरण है माही की कहानी

Himashu Joshi हिमांशु जोशी
Updated Wed, 07 Jul 2021 03:34 PM IST

सार

सचिन के बाद भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा क्रिकेटर आया जिसके लिए कहा गया अनहोनी को होनी कर दे वो है धोनी।
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महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : Instagram/mahi7781
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विस्तार

ओलपिंक नजदीक है और हमें ऐसी बहुत से कहानियां सुनने को मिलेंगी जिनमें खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों से निकल ओलंपिक तक का सफर तय किया। जज्बा कुछ कर गुजरने का, जज्बा खुद को साबित करने का। खेलों से हम बहुत कुछ सीखते हैं, खुद को खेल के मैदान में झोंक खिलाड़ी विपक्षी टीम के जबड़े से जीत छीन लाते हैं। करोड़ों लोगों के सामने खिलाड़ी अपनी हिम्मत और समर्पण से सभी का दिल जीत लेते हैं।
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उदाहरण बहुत हैं, मिसाले बहुत हैं, पर हम यहां बात करेंगे एक ऐसे खिलाड़ी की जिसने एक साधारण परिवार और छोटे से शहर में जन्म लेकर भी खुद को एक ऐसे मुकाम तक पहुंचाया, जहां पहुंचना हर खिलाड़ी का सपना होता है। जिसके संन्यास लेने से पहले ही उसके जीवन पर एक हिंदी फीचर फिल्म बन गयी। उसने एक बहुत बड़े देश की उम्मीदों का भार अपने कंधों पर ढोया और उस उम्मीद को अपने मुकाम तक पहुंचाया भी। 


जी हां, यहां बात हो रही है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की। ये सच है कि क्रिकेट ओलंपिक में नहीं है, पर भारतीयों के लिए हर क्रिकेट मैच किसी ओलंपिक के आयोजन से कम नहीं है। यहां शतकों का सैकड़ा बनाने वाले सचिन को भगवान का दर्जा प्राप्त है, पर सचिन के बाद भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा क्रिकेटर आया जिसके लिए कहा गया अनहोनी को होनी कर दे वो है धोनी।

 1983 के वर्ल्ड कप की यादें अब हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के मस्तिष्क में धुंधली पड़ चुकी थीं और नयी पीढ़ी ने उस जीत को सिर्फ किस्सों में ही सुना था। सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट को अकेले ही चमकती भारतीय अर्थव्यवस्था की तरह ही आगे ले जा रहे थे, भारत अब क्रिकेट की दुनिया का फिसड्डी देश नहीं रह गया था, पर फिर भी एक कमी थी खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट में एकछत्र प्रभुत्व समाप्त करने की। भारत की 2001 में कोलकाता टेस्ट मैच की जीत इसका शंखनाद थी। 

धोनी का भारतीय क्रिकेट में आगमन 

वर्ष 2003 में हम ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड कप के फाइनल में हारे। 2004 के अंत में धोनी भारतीय क्रिकेट टीम में आए और जल्द ही वर्ष 2007 में वेस्टइंडीज के निराशाजनक एकदिवसीय वर्ल्डकप के बाद इस टीम के कप्तान बना दिए गए। उसके बाद उन्होंने पूरे विश्व को भारत की युवा शक्ति दिखायी और भारत को वर्ष 2007 में पहली बार खेले जा रहे टी-20 विश्व कप का खिताब दिलाया।  विकेट के आगे और पीछे धोनी की अद्भुत तेजी और तेज दिमाग के साथ ही 2009 में भारतीय क्रिकेट टीम उनकी कप्तानी में टेस्ट की नम्बर एक टीम बनी।

धोनी और चेन्नई सुपरकिंग्स
आईपीएल में धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स का चेहरा बन गए। धोनी की कप्तानी में चेन्नई 3 बार आईपीएल का खिताब जीती। वर्ष 2010 में उत्तराखण्ड के देहरादून में साक्षी सिंह रावत के साथ महेंद्र सिंह धोनी शादी के बंधन में बंध गए।
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी की बादशाहत

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