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जीवन धारा: संसार के रहस्यों को जानना ही जीवन है, सूत्र- कठिनाइयों के बावजूद बढ़ें

Thu, 04 Jun 2026 08:36 AM IST
Pavan हेलेन केलर
हेलेन केलर Published by: Pavan Updated Thu, 04 Jun 2026 08:36 AM IST
सार

जिंदगी का मकसद केवल जीवित रहना ही नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य है-सीखना, खोजना, आगे बढ़ना व अपनी सीमाओं को लगातार चुनौती देना। संसार रहस्यों से भरा है, जिन्हें जानने की यात्रा ही जीवन है।

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Life Stream: Knowing the secrets of the world is life, formula – move forward despite difficulties
संसार के रहस्यों को जानना ही जीवन है - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैंने जीवन को आंखों से नहीं देखा, न ही उसके संगीत को कानों से सुना। फिर भी मैं कह सकती हूं कि जीवन एक महान साहसिक यात्रा है। यह मैं किसी पुस्तक में पढ़ कर नहीं कह रही, बल्कि उस अंधकार और मौन के बीच से कह रही हूं, जिसमें मेरा जीवन बीता है। जब मैं बहुत छोटी थी, तब बीमारी ने मुझसे देखने और सुनने की शक्ति छीन ली। अचानक संसार मेरे लिए एक ऐसे कमरे में बदल गया, जिसमें न प्रकाश था, न ध्वनि। मैं लोगों के चेहरों को नहीं देख सकती थी, पक्षियों का गीत नहीं सुन सकती थी और न ही उन शब्दों को समझ सकती थी, जिनके सहारे मनुष्य एक-दूसरे से जुड़ते हैं। उस समय यदि कोई मुझसे पूछता कि जीवन क्या है, तो शायद मैं उसे केवल भ्रम, निराशा और अकेलेपन का नाम देती। लेकिन बाद में मैंने जाना कि जीवन का अर्थ परिस्थितियों से नहीं बनता। जीवन का अर्थ उस साहस से बनता है, जिसके साथ हम परिस्थितियों का सामना करते हैं।
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मनुष्य हमेशा सुरक्षा चाहता है। वह ऐसे रास्ते पर चलना चाहता है, जहां कोई जोखिम या पीड़ा न हो। लेकिन मैं पूछती हूं कि यदि बीज मिट्टी के अंधकार में फूटने का जोखिम न उठाए, तो क्या वह कभी वृक्ष बन सकेगा? जाहिर है, नहीं। जब मेरी एक शिक्षिका ने पहली बार मेरे हाथ पर पानी शब्द लिखा और दूसरी ओर बहते जल का स्पर्श कराया, तब मेरे भीतर एक नया ब्रह्मांड खुल गया। उस क्षण मैंने जाना कि संसार रहस्यों से भरा है और उन्हें जानने की यात्रा ही जीवन है। उस दिन से मैंने समझ लिया कि जीवन का मकसद केवल जीवित रहना नहीं है। जिंदा तो पौधे भी रहते हैं।
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जीवन का उद्देश्य है-सीखना, खोजना, आगे बढ़ना व अपनी सीमाओं को लगातार चुनौती देना। बहुत से ऐसे लोग मिल जाएंगे, जो शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद भय के कैदी बने रहते हैं। वे असफलता, आलोचना व बदलाव से डरते हैं। कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास कोई संसाधन नहीं होता, फिर भी वे जबर्दस्त साहसी होते हैं। गिरते हैं, फिर उठते हैं। हारते हैं, फिर प्रयास करते हैं और अंततः ऐसे लोग ही जीवन की वास्तविक संपदा हासिल कर पाते हैं। किसी पर्वत पर चढ़ना कठिन है, लेकिन अपने संदेहों पर विजय पाना उससे भी मुश्किल है। मनुष्य की सबसे बड़ी सीमाएं उसके शरीर में नहीं, बल्कि विचारों में होती हैं।
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जब हम यह मान लेते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते, तब हम वास्तव में हार जाते हैं। इसलिए, मैं लोगों से कहती हूं कि जीवन जीने का साहस करो। प्रेम करो, भले ही दिल टूटने का खतरा हो। सपने देखो, भले ही वे पूरे न हों। न्याय के लिए खड़े हो, भले ही अकेले हो। यही वे क्षण हैं, जिनमें जीवन अपनी संपूर्ण गरिमा के साथ प्रकट होता है। जीवन का मूल्य लंबी उम्र में नहीं, बल्कि उस साहस में है, जिसके साथ हम उसे जीते हैं। और जो मनुष्य साहसपूर्वक जीता है, वह अंधकार में भी प्रकाश खोज लेता है, मौन में भी संगीत सुन लेता है व सीमाओं के बीच अनंत संभावनाओं का अनुभव कर लेता है।


सूत्र- कठिनाइयों के बावजूद बढ़ें
जीवन का वास्तविक अर्थ सुरक्षित सीमाओं में कैद रहना नहीं, बल्कि साहस के साथ आगे बढ़ना है। जो व्यक्ति भय, असफलता और कठिनाइयों के बावजूद सीखने, प्रेम करने, सपने देखने और अपनी सीमाओं को चुनौती देने का साहस करता है, वही अंधकार में प्रकाश, मौन में संगीत और संघर्षों के बीच अनंत संभावनाओं का अनुभव करता है।

 
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