जीवन धारा: हम अपनी जिंदगी में क्या चुनें? सही जवाब का एक ही सूत्र- सकारात्मक विचार रखें
दूसरों के सुझावों में स्वयं कोई शक्ति नहीं होती, बल्कि आप अपने विचारों द्वारा उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। याद रखें, आपके पास चुनने की शक्ति है। इसलिए विचारों को चुनने में बड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
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विस्तार
मेरे एक रिश्तेदार ने एक महिला भविष्यवक्ता से अपना भविष्य पूछा। भविष्यवक्ता ने उससे कहा, ‘तुम्हारा दिल बहुत कमजोर है, और अगली अमावस्या को तुम मर जाओगे।’ वह स्तब्ध रह गया! उसने अपने परिजन को यह भविष्यवाणी बताई। उसने अपने वकील से मिलकर अपनी वसीयत ठीक करवा ली। जब मैंने उसे उसके विश्वास से डिगाने की कोशिश की, तो उसने कहा, ‘उस भविष्यवक्ता में अद्भुत पारलौकिक शक्तियां हैं। वह लोगों का बहुत भला या बुरा कर सकती है।’ उसे भविष्यवाणी की सत्यता पर पूर्ण विश्वास था। जैसे-जैसे अमावस्या नजदीक आई, वह खोया-खोया रहने लगा। एक महीने पहले वह व्यक्ति खुश, स्वस्थ, उत्साही और जोशीला था। अब वह बीमार दिखने लगा।
अमावस्या के दिन उसे गंभीर हार्ट अटैक आया, और वह मर गया। उसे नहीं पता था कि उसकी मृत्यु का कारण वह स्वयं था। हममें से कितनों ने ऐसी कहानियां सुनी हैं। सच है कि यह दुनिया रहस्यमयी, अनियंत्रित शक्तियों से भरी है, लेकिन अनियंत्रित नहीं है। मेरे रिश्तेदार ने स्वयं अपनी जान ले ली, क्योंकि उसने शक्तिशाली नकारात्मक सुझाव को अपने अवचेतन मन में प्रवेश करने दिया। उसे भविष्यवक्ता की शक्तियों पर भरोसा था। उसने उसकी भविष्यवाणी को सच माना। अवचेतन मन की कार्यप्रणाली के आधार पर इस घटना को समझें।
व्यक्ति का चेतन या तार्किक मस्तिष्क जिस बात पर यकीन करता है, उसका अवचेतन मन उसे स्वीकार कर लेता है और उसके अनुसार कार्य करता है। मेरा रिश्तेदार जब भविष्यवक्ता के पास गया, तो वह सुझाव ग्रहण करने की मनोदशा में था। भविष्यवक्ता ने उसे नकारात्मक सुझाव दिया, जिससे वह दहशत में आ गया। उसे पूर्ण विश्वास था कि अमावस्या के दिन वह मर जाएगा। मृत्यु के प्रति भय को अवचेतन मन ने सत्य मान लिया और उसकी मृत्यु को वास्तविकता में बदल दिया। जिस भविष्यवक्ता ने उसकी मृत्यु की भविष्यवाणी की, उसकी शक्ति मैदान के पत्थरों और लकड़ियों से अधिक नहीं थी।
उसके सुझाव में जान लेने की शक्ति नहीं थी। यदि वह मन के नियमों को जानता, तो वह इस नकारात्मक सुझाव को पूर्णत: अस्वीकार कर देता और भविष्यवक्ता के शब्दों पर तनिक भी ध्यान नहीं देता। यदि उसे पता होता कि वह अपने विचारों और भावनाओं द्वारा नियंत्रित होता है, तो वह जीवित रह सकता था। तब भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी बख्तरबंद टैंक पर फेंकी गई रबर की गेंद जैसी होती।
वह आसानी से उस सुझाव को नकार सकता था और उसे हवा में उड़ा सकता था, जिससे उसे कोई हानि न होती। परंतु, जागरूकता और समझ की कमी के कारण उसने अपनी मृत्यु को स्वयं आमंत्रित किया। दूसरों के सुझावों में स्वयं कोई शक्ति नहीं होती। आप अपने विचारों द्वारा उन्हें शक्ति प्रदान करते हैं। आपको अपनी मानसिक सहमति देनी होती है। आपको उस विचार को स्वीकार करना होता है। तभी वह विचार आपका बनता है, और आपका अवचेतन मन उसे साकार करने के लिए कार्य करता है। याद रखें, आपके पास चुनने की शक्ति है। इसलिए जिंदगी चुनें! प्रेम चुनें! सेहत चुनें!
सूत्र- सकारात्मक विचार रखें
कभी भी ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें, ‘मैं इसे कभी नहीं कर सकता’ या ‘मुझसे शायद कोई काम नहीं होगा।’ आपका अवचेतन मन आपकी बात पर विश्वास कर लेता है और यह सुनिश्चित करता है कि आपके पास वह करने के लिए क्षमता नहीं है, जो आप करना चाहते हैं। इसलिए हमेशा खुद पर भरोसे के साथ सकारात्मक विचार रखें।