फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   Happy Mothers Day 2024 Mother Is My Definition Of Love Mothers Day Blog in Hindi

मां मेरी प्रेम की परिभाषा है: 'तुम अपनी मां पर गई हो', जब सुनती हूं तो मन मानों अभिमान और गौरव से भर उठता है!

Sun, 12 May 2024 11:53 AM IST
Jyoti Mehra ज्योति मेहरा
Updated Sun, 12 May 2024 11:53 AM IST
सार

अक्सर कहा जाता है कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां बनाई। मां जो अपनी ममता के साए में हमारी रक्षा करती है, हमें प्यार करती है और प्यार करना सिखाती है। मां सृष्टि की सर्वश्रेष्ठ रचना है। मां और बच्चे का रिश्ता पूरी धरा पर सबसे पावन रिश्ता है, जिसमें कोई छल नहीं है... सिर्फ है तो प्यार , दुलार और देखभाल।  

विज्ञापन
Happy Mothers Day 2024 Mother Is My Definition Of Love Mothers Day Blog in Hindi
मदर्स डे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जिसने मुझे लिखा उस पर कुछ लिखने की कोशिश कर रही हूं। यूं तो यह लाइन काफी पुरानी है, लेकिन इसके बिना मां के बारे में कुछ लिखना या कहना अधूरा सा लगता है। मां, इस एक शब्द को बोलने भर से और उसके होने से पूरा जीवन निखर जाता है। अक्सर कहा जाता है कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां बनाई। मां जो अपनी ममता के साए में हमारी रक्षा करती है, हमें प्यार करती है और प्यार करना सिखाती है। मां सृष्टि की सर्वश्रेष्ठ रचना है। मां और बच्चे का रिश्ता पूरी धरा पर सबसे पावन रिश्ता है, जिसमें कोई छल नहीं है... सिर्फ है तो प्यार , दुलार और देखभाल।  

विज्ञापन


जब एक नारी मां बनती है, तो वह अपना सब कुछ दांव पर लगा देती है। एक संतान को जन्म देना स्त्री के लिए भी पुनर्जन्म जैसा होता है। यह सब जानने के बाद भी स्त्री हर दर्द को सह लेती है, लेकिन इसका फल उसे उस दिन मिल जाता है, जिस दिन बच्चा अपने मुख से पहला शब्द मां बोलता है। बच्चे के जन्म से लेकर अपनी आखिरी सांस तक एक मां बच्चे की देखभाल करती है।
विज्ञापन


मां का स्नेह निस्वार्थ होता है, जो संतान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की ताकत रखता है। यह भाव प्राकृतिक दृष्टि से भी इतना प्रबल होता है कि यह विद्या और बुद्धि संपन्न नारी जाति में ही नहीं, बल्कि धरती पर मौजूद सभी जीवों में संव्याप्त है। जिस प्रकार स्कूल से लौटते बच्चे को देखकर एक मां के कलेजे में ठंडक पहुंचती है, उसी प्रकार संध्या बेला में घर लौटती गौ माता भी अपने बछड़े से मिलकर खुद को तृप्त पाती है। इस संसार में ऐसा कोई नहीं जो एक मां की तरह प्रेम करना जानता हो। इस बात की अनुभूति मुझे मेरी मां को देखकर होती है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मां ने मुझे प्रेम सिखाया
कई बार लोग मेरी मां की तस्वीर देखकर कहते हैं, 'तुम अपनी मां पर गई हो'। यह सुनकर मुझे जितना गर्व होता है, उतना ही आश्चर्य भी होता है। ऐसी प्रशंसा से मेरा मन गदगद हो जाता है, जो मेरी मां और मेरे चेहरे को देखकर दी जाती है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर देखूं तो मुझे अपनी मां से प्यार करने का तरीका, रिश्ते निभाने की समझ, हिम्मत न हारने का साहस, हर परिस्थिति में डटे रहने की ताकत और साफ दिल रखने की नीयत विरासत में मिली है। हां, लेकिन यह कहना जरूरी होगा कि मैं इन सभी बातों में कभी मां की बराबरी नहीं कर सकती। हमारे जीवन में प्रेम का बड़ा महत्व है, इस बात का अहसास भी मुझे मेरी मां को देखकर हुआ, जिस तरह मेरी मां ने मेरे पिता से प्रेम किया। उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी रहीं। कहीं न कहीं यह गुण मुझमें भी हैं और मैं इस बात को बड़े नाज के साथ कह सकती हूं, कि मेरी मां ने मुझे प्रेम करना सिखाया। 

बिना किसी लालच और बिना किसी शर्त के मां ने मुझे इतना प्यार किया, कि मेरे लिए प्रेम की परिभाषा भी वही बन गई। ऐसे में लाजमी था कि मैंने भी उसी तरह प्रेम किया। मां कहती है 'प्रेम बलिदान है, जो हर किसी के बस की बात नहीं। जो सच में प्रेम करता है वह बदले में कुछ न पाकर भी निस्वार्थ भाव से प्रेम करता रहता है।' संसार के सभी रिश्तों की आंच किसी न किसी प्रतिफल की उम्मीद में जलती है। लेकिन मां का प्रेम निश्छल होता है। मुझे खुद पर नाज है कि मैंने भी मां से ऐसे ही प्रेम करना सीखा है। 

भोली मां 
मेरी मां के पास मेरी समस्याओं के तो सारे हल होते हैं, लेकिन कभी-कभी मेरी सुपर मॉम अपने जीवन की रेस में ही मात खा जाती है। गलतियां वो भी करती है पर वह उनसे भी सीख कर हमें सिखाती है, और चाहती है जो परेशानियां उस पर आई वो हम पर कभी न आए। मां इतनी भोली होती है कि पूरा दिन बस दूसरों के लिए खटती है। हां मुझे बहुत डांटती है, लेकिन घर में खाना भी मेरी पसंद का ही बनाती है। मेरे कपड़ों की बिखरी हुई अलमारी से लेकर मेरे जीवन की आफतों तक को समेट लेती है। मेरे सुबह के नाश्ते से लेकर आधी रात को लगने वाली प्यास का ख्याल रखती है। मेरी सिसकियों से लेकर मेरे जख्मों पर मरहम लगाती है। बिना कुछ कहे मेरी आंखें पढ़ लेती है, जब दुनिया से ठोकर मिलती है तो वो सहारा देती है। मां पूरे विश्व को प्रेम से अपनी बांहों में भर लेने वाली भावना है। उदारता का दूसरा नाम यानी मेरी मां केवल मुझे ही नहीं बल्कि दूसरों को भी वैसा ही प्यार देती है। इसलिए मां पूजनीय है, वंदनीय है, रक्षणीय है और महान है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed