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रिश्तों की मजबूती, व्यापार और पाकिस्तान से प्यार तीनों का ट्रंप ने किया इजहार

Satish Alia सतीश एलिया
Updated Mon, 24 Feb 2020 05:17 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप की पहली और सपरिवार भारत यात्रा का जिस बेसब्री और जुनून के साथ इंतजार और आलोचना एक साथ हो रहे थे, उसके पहले दिन ट्रंप और मोदी का शो नमस्ते ट्रंप जोरदार रहा, लेकिन इस पूरे आयोजन में ट्रंप ने अपनी, अमेरिका की और वैश्विक परिदृष्य में अपनी नियंता होने की भूमिका को दो टूक रेखांकित किया। ट्रंप ने मोदी की जमकर तारीफ तो की, लेकिन पाकिस्तान से अपने रिश्तों को कट्टरवादी इस्लामिक आतंकवाद पर सख्त अमेरिकी रवैये के बावजूद अहम बताना वे नहीं भूले। 

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अपने यहां आसन्न चुनाव और उसके मद्देनजर भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के बीच पैठ बनाए रखने के एजेंडे के बावजूद वे भारत के साथ व्यापारिक समझौते की दिक्कतों पर अमेरिकी रवैये पर बरकरार दिखे।


हां उन्होंने महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम के दौरे में वहां की विजिटर बुक में गांधी के बारे में एक हर्फ तक नहीं लिखा बल्कि वहां भी मोदी को ही शुक्रिया लिखा और मोटेरा क्रिेकेट स्टेडियम में भी गांधी के नमक आंदोलन का जिक्र किया और यह भी की वे राजघाट भी जाएंगे लेकिन गांधी के अहिंसा और विश्व बंधुत्व के सिद्धांत पर अपनी कोई राय नहीं जताई।

जाहिर है जताते भी कैसे क्योंकि उन्होंने तो दुनिया में सर्वाधिक शक्तिशाली हथियार बनाने के लिए अमेरिकी श्रेष्ठता और उन्हें बेचने के लिए 125 करोड़ भारतीयों के देश से सैन्य हथियार खरीदने की डील का इंतजाम भी करना था। 

बहरहाल, पहला दिन प्रधानमंत्री मोदी और भारत तथा गुजरात सरकार के लिहाज से जबरदस्त मनचाही सफलता वाला कहा जा सकता है। देखना ये है कि दूसरे दिन मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच क्या लाभ-हानि के समझौते होते हैं।

फिलहाल व्यापार संधि पर मोदी के टफ निगोशिएटर रवैये का जिक्र करते हुए ट्रंप ने यह भी जता दिया कि वे भी अपने देश के लिए टफ निगोशिएटर बने रहेंगे हालांकि ट्रंप के इस दौरे के दौरान अलग-अलग कंपनियों के बीच कई करार होने हैं जो एक तरह से भारत अमेरिका संबंधों के और ताकतवर होने की संभावना माने जा सकते हैं।                                                                                                                                                    
अमेरिका में तीस लाख भारतीय मूल के लोग ओर उनमें आठ लाख गुजराती होने की ताकत और सामने चुनाव के मद्देनजर हाउडी मोदी की तर्ज पर केम छो ट्रंप के नमस्ते ट्रंप में बदलने के बावजूद यह दौरान ट्रंप के चुनाव अभियान का एक हिस्सा है और ट्रंप ने गुजरात के मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में करीब सवा लाख और उसके बाहर करोड़ों भारतीयों को जिस तूफानी भाषण से सराबोर किया उसमें मुख्य ध्वनि लव यू इंडिया वाली थी और उसमें बॉलीवुड के महिमामंडन के साथ डीडीएलजे का तड़का भी था।

यही नहीं उसमें भी स्वामी विवेकानंद भी थे तो सरदार पटेल और उनकी सबसे ऊंची मूर्ति का भी जिक्र था लेकिन सबसे अहम बात रही कि भारत मध्य वर्ग के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश बन रहा है यानी उपभोक्तावाद का सबसे बड़ा बाजार। यानी एक अर्थ में अमेरिका भारत को सबसे बड़े बाजार और हथियारों के बड़े खरीददार के तौर पर ही देख रहा है। 

पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद के खिलाफ एक शब्द या इशारा भी ट्रंप ने नहीं किया। अलबत्ता अपने मुल्क में आतंकवाद को लेकर सख्ती का जिक्र भरपूर किया, लेकिन पाक पोषित आतंकवाद को बरजने की कोई बात न करके तथा भारत को शांति बनाए रख्रने की नसीहत देकर एक तरह से पाकिस्तान को राहत ही दी।                                                                                  

धार्मिक असहिष्णुता और सीएए पर भारत को राहत 
यह कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रंप  धार्मिक असहिष्णुता को लेकर या सीएए को लेकर भारत में चल रहे माहौल और सियासत के मददेनजर कोई टिप्पणी कर सकते हैं, ऐसा व्हाइट हाउस के सूत्रों कें हवाले से आए बयानों से लग भी रहा था, लेकिन ट्रंप ने भारत में सभी सम्प्रदायों के बीच सद्भाव और शांति होने की बात कहकर एक तरह से मोदी सरकार को राहत ही दी।

हालांकि इसके पहले अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत यात्रा के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी बात कह चुके थे, इस वजह से इस दफा ट्रंप भी ऐसा कह सकते हैं ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था। कम से कम पहले दिन तो उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा।

हालांकि भारत में नागरिकता संशोधन कानून नागरिकता देने के बारे में है न कि नहीं देने या खारिज करने के बारे में। खुद अमेरिका अपने यहां मैक्सिको के लोगों को नागरिकता नहीं देता।  कुल मिलाकर मोदी के बहुप्रतीक्षित दाैरे का पहला दिन मोदी सरकार के लिहाज से जबरदस्त, जोरदार और शानदार कहा जा सकता है, देखना ये है कि दौरे का दूसरा दिन कैसा बीतता है।
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें  [email protected] पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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