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बजट 2025 : निर्मला सीतारमण के गेम चेंजर बजट में मध्यम वर्ग को 'बोनस'

Sat, 01 Feb 2025 04:05 PM IST
विनोद पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद पाठक Updated Sat, 01 Feb 2025 04:05 PM IST
सार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश किया है। माना जा रहा है कि यह बजट मध्यम वर्गीय लोगों के लिए काफी राहत देने वाला है। आइए इस बार के बजट को आम आदमी के सापेक्ष में समझते हैं।

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budget 2025 Bonus to middle class in Nirmala Sitharaman's game changer budget
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत अधिक लुभावनी योजनाओं से बचने की कोशिश की है। रोजगार के नवीन अवसर पैदा करने की कोशिश की गई है। - फोटो : amarujala.com

विस्तार

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग से ठीक चार दिन पहले केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग को लुभाने की कोशिश की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा की कि 12.75 लाख रुपए सालाना आय पर अब टैक्स नहीं देना होगा। एक अनुमान के मुताबिक देश की 31 प्रतिशत आबादी मध्यम वर्ग की है। हालांकि, नए इनकम टैक्स स्लैब का फायदा नई इनकम टैक्स रिजीम चुनने वालों को होगा।

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वित्त मंत्री ने अगले सप्ताह नया इनकम टैक्स बिल लाने की बात भी कही, जिसकी प्रतीक्षा वर्षों से की जा रही है। इसी साल के अंत में बिहार में भी विधानसभा चुनाव हैं। वित्त मंत्री में बिहार के मतदाताओं पर भी फोकस किया है। वित्त मंत्री ने बहुत अधिक लोकलुभावन घोषणा करने के बजाय बजट को सुधारवादी रखा है। इसे गेम चेंजर बजट कहा जा सकता है।

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सौगात, बजट और राज्य 

पहले बात बिहार की। राज्य में मखाना बोर्ड बनेगा, जिससे राज्य के छोटे किसानों और व्यापारियों को फायदा पहुंचेगा। तीन नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेंगे और पटना व बेहटा एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी। पटना आईआईटी का विस्तार सरकार कराएगी। अन्य घोषणाओं से भी बिहार को लाभ मिलेगा। दिल्ली में नीतीश कुमार के सहयोग से चल रही मोदी सरकार ने बिहार का ख्याल रखा है।

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दिल्ली में बड़ी संख्या में मध्यम वर्ग के मतदाता हैं, उनके लिए नया इनकम टैक्स स्लैब निश्चित रूप से लुभाने वाला है। हालांकि, इनकम की रियायतों से सरकार को एक लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा और अप्रत्यक्ष कर में कमी से 2600 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि होने आने वाली है।


निर्मला सीतारमण के फोकस पर किसान भी रहे। तीन कृषि कानूनों के रद्द होने और किसानों के लगातार आंदोलनरत रहने की गंभीरता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भली-भांति समझते हैं। इसलिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़कर 5 लाख की गई है। इससे 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों आदि को लाभ मिलने वाला है। दालों के लिए एक और योजना की घोषणा की गई है। हालांकि, पिछली योजनाओं के नतीजे सामान्य ही रहे हैं। दरअसल, सरकार के आगे दलहन का उत्पादन बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि साल-दर-साल दलहन का आयात बढ़ रहा है।
 

वर्ष 2023-24 में देश ने 4.65 मिलियन मीट्रिक टन दालों का आयात किया था, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 के बाद से सबसे अधिक आयात है। दालों का आयात 93 प्रतिशत बढ़कर 3.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। सरकार खेती के लिए धन-धान्य कृषि योजना लेकर आ रही है, जिसे राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। पहले चरण में 100 जिलों को लिया जाएगा। हालांकि, इसे लागू करना राज्यों पर निर्भर होगा और गैर भाजपा राज्यों में कैसे यह योजना लागू होगी? यह सरकार के आगे चुनौती होगी।


सरकार के केंद्र में रोजगार और युवा 

वित्त मंत्री का फोकस रोजगार बढ़ाने पर भी है। खासकर निजी क्षेत्र के रास्ते रोजगार के नए अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को लेकर घोषणाएं की हैं। अभी एमएसएमई सेक्टर 7.7 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है। अब एमएसएमई की गारंटी 5 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ करने से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

नई घोषणा से 1.5 लाख करोड़ रुपए का ऋण एमएसएमई को मिलेगा। खिलौना निर्माण को लेकर पिछले बजटों में वित्त मंत्री ने घोषणाएं की थीं। अब मेक इन इंडिया के तहत इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार देश में खिलौना निर्माण का ग्लोबल हब बनाकर चीन को सीधी चुनौती देना चाहती है। साथ ही, इससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

इन दिनों प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, जिसमें 31 करोड़ से अधिक आगंतुक आ चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग अयोध्या और काशी भी जा रहे हैं। देश के अन्य पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से लोग पहुंच रहे हैं। सरकार पर्यटन की क्षमताओं से परिचित है, इसलिए बजट में 50 पर्यटन स्थलों के विकास की घोषणा वित्त मंत्री ने की है।

हालांकि, यह भी राज्यों की भागीदारी से किया जाएगा। नए पर्यटन स्थलों के विकास से भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यदि सुधारों की बात की जाए तो बीमा क्षेत्र में अब 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट मिलेगी। पहले यह 74 प्रतिशत थी। ई-कॉमर्स डिलीवरी आदि के काम से जुड़े गिग कर्मचारियों के लिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम का ऐलान किया गया है। यह क्या होगी? यह अभी स्पष्ट नहीं है।

कुल मिलाकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत अधिक लुभावनी योजनाओं से बचने की कोशिश की है। रोजगार के नवीन अवसर पैदा करने की कोशिश की गई है। राजकीय राजकोषीय घाटा 4.8 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है और इसे वित्त वर्ष 2026 में 4.4 प्रतिशत रखने का संकल्प लिया गया है। वित्त मंत्री सरकारी खर्च में कटौती करने के मूड में नजर आती हैं। बजट नई दिशा और नए अवसरों को खोलने वाला है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

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