राज और नीति: मजबूत हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
अमित शाह के बयान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कुर्सी फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है। अगले सप्ताह बड़ी आईएएस तबादला सूची संभावित है, जिसमें कलेक्टरों और संभागीय कमिश्नरों के बदलाव होंगे। पांढुर्णा एसपी को हटाकर मुख्यमंत्री ने सुरक्षा में लापरवाही पर कड़ा संदेश दिया है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पिछले सप्ताह भोपाल आए थे। यहां उन्होंने गोपालक सम्मेलन में सरकार के लिए जो बात कही उससे यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कुर्सी को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। अमित शाह ने कहा कि गोपालकों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने ढेर सारे फैसले लिए हैं, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और उनकी सार टीम को हृदय से साधुवाद देना चाहता हूं, बधाई देना चाहता हूं। अमित शाह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा चल रही है कि मोहन यादव को फिलहाल कोई खतरा नहीं है और उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी एकदम सुरक्षित है। हालांकि, राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कहना मुश्किल है।
एक सप्ताह में निकलेगी आईएएस अधिकारियों की बड़ी तबादला सूची
प्रदेश में अगले एक सप्ताह में आईएएस अधिकारियों की बड़ी तबादला सूची निकलना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस सूची के संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। इस प्रशासनिक सर्जरी में जहां मंत्रालय स्तर पर कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं, वहीं लगभग एक दर्जन कलेक्टरों की भी नई पदस्थापना हो सकती है। इसी के साथ चंबल, ग्वालियर और जबलपुर में नए संभागीय कमिश्नर पदस्थ हो सकते हैं। चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद यहां का पद खाली है। जिन जिलों के कलेक्टर बदले जाने की चर्चा प्रशासनिक में गलियारों है, उनमें ग्वालियर, शाजापुर, रायसेन, खंडवा, बड़वानी, नीमच, सीहोर, टीकमगढ़, गुना, सतना, सिंगरौली सहित करीब एक दर्जन नाम हैं। मंत्रालय स्तर पर अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव के साथ ही कुछ विभाग अध्यक्षों के फेरबदल की भी चर्चा है।
पांढुर्णा एसपी को हटाकर मुख्यमंत्री ने दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हाल ही में हुई पांढुर्णा यात्रा के दो दिन बाद ही वहां के एसपी को हटाने के आदेश दिए गए। बताया गया है कि पांढुर्णा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद एसपी प्रकाश चंद्र परिहार का तबादला किया गया। परिहार ने गत सात मई को ही पांढुर्णा एसपी का पदभार संभाला था। इस चूक के कारण पांच महीने में ही उनकी वहां से विदाई हो गई। एसपी परिहार का तबादले कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नौकरशाही को यह साफ संदेश दिया है कि सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी चूक और लापरवाही को माफ नहीं किया जा सकता।
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