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CWG 2018 : ऑस्ट्रेलिया में दम दिखाएंगे बनारस के खिलाड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 04 Apr 2018 08:46 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में बुधवार से शुरू हुए राष्ट्रमंडल खेलों में काशी के खिलाड़ी दमखम दिखाने को तैयार हैं। वेटलिफ्टिंग और बास्केटबाल में काशी की बेटियां तो हॉकी में काशी के ललित भी दमखम दिखाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर पूर्णिमा पांडेय और पूनम यादव भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया से बातचीत में पूर्णिमा और पूनम ने बताया कि इस बार वह स्वर्ण पदक जीतेंगी और ऑस्ट्रेलिया में तिरंगा लहराएंगी।
बास्केटबाल टीम की सदस्य बरखा सोनकर ने बताया कि तैयारियां तो काफी अच्छी हैं और टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। हॉकी इंडिया टीम के सदस्य ललित उपाध्याय ने भी बताया कि टीम की तैयारियां अच्छी हैं और हम लोग कामनवेल्थ में टीम इंडिया का परचम जरूर लहराएंगे।
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पांच अप्रैल से वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं शुरू हो जाएंगी। पूर्णिमा पांडेय 90 किलोग्राम भार वर्ग में तथा पूनम यादव 69 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगी। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने अब तक की उपलब्धियों से खुद को साबित किया है। दोनों के नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदकों की लंबी सूची है।
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अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर पूर्णिमा पांडेय और पूनम यादव भारतीय महिला वेटलिफ्टिंग टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया से बातचीत में पूर्णिमा और पूनम ने बताया कि इस बार वह स्वर्ण पदक जीतेंगी और ऑस्ट्रेलिया में तिरंगा लहराएंगी।
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बास्केटबाल टीम की सदस्य बरखा सोनकर ने बताया कि तैयारियां तो काफी अच्छी हैं और टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी। हॉकी इंडिया टीम के सदस्य ललित उपाध्याय ने भी बताया कि टीम की तैयारियां अच्छी हैं और हम लोग कामनवेल्थ में टीम इंडिया का परचम जरूर लहराएंगे।
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पांच अप्रैल से वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं शुरू हो जाएंगी। पूर्णिमा पांडेय 90 किलोग्राम भार वर्ग में तथा पूनम यादव 69 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगी। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने अब तक की उपलब्धियों से खुद को साबित किया है। दोनों के नाम राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदकों की लंबी सूची है।
सामान्य परिवार से हैं पूर्णिमा, पूनम और बरखा
कॉमनवेल्थ गेम्स
पूर्णिमा पांडेय ने मलेशिया में हुए कामनवेल्थ गेम में स्वर्ण पदक जीता था। जापान में एशियाड में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। पिछली बार ऑस्ट्रेलिया में कामनवेल्थ वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में 90 किलो भार वर्ग में रजत पदक जीता था।
वहीं पूनम यादव ने एशियाड 2014 में सिल्वर मेडल, सीनियर नेशनल 2014 में सिल्वर मेडल, स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 कांस्य पदक जीता था।
गायघाट की पूर्णिमा पांडेय और दांदूपुर गांव की पूनम यादव सामान्य परिवार से हैं। गायघाट में पूर्णिमा का परिवार एक छोटे से घर में रहता है तो पूनम यादव किसान परिवार से आती हैं।
पूर्णिमा के पिता सुनील कुमार पांडेय कर्मकांडी पंडित हैं और माता विमला पांडेय कबड्डी की खिलाड़ी रही हैं। पूनम के पिता कैलाश यादव सामान्य किसान हैं। बरखा सोनकर भोजूबीर क्षेत्र के सामान्य परिवार से हैं। उसके पिता मोटर मैकेनिक हैं।
वहीं पूनम यादव ने एशियाड 2014 में सिल्वर मेडल, सीनियर नेशनल 2014 में सिल्वर मेडल, स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 कांस्य पदक जीता था।
गायघाट की पूर्णिमा पांडेय और दांदूपुर गांव की पूनम यादव सामान्य परिवार से हैं। गायघाट में पूर्णिमा का परिवार एक छोटे से घर में रहता है तो पूनम यादव किसान परिवार से आती हैं।
पूर्णिमा के पिता सुनील कुमार पांडेय कर्मकांडी पंडित हैं और माता विमला पांडेय कबड्डी की खिलाड़ी रही हैं। पूनम के पिता कैलाश यादव सामान्य किसान हैं। बरखा सोनकर भोजूबीर क्षेत्र के सामान्य परिवार से हैं। उसके पिता मोटर मैकेनिक हैं।