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UP CABINET : मंत्रिमंडल में WEST UP को नहीं मिली ज्यादा तरजीह, देखिए लिस्ट 

Sun, 19 Mar 2017 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नितिन यादव, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ नितिन यादव, मेरठ Updated Sun, 19 Mar 2017 11:43 PM IST
सार

मेरठ और सहारनपुर मंडल में किसी को कैबिनेट में जगह नहीं, मेरठ और आसपास के जिलों में कैबिनेट में केवल चेतन चौहान को जगह, मेरठ मंडल से अतुल गर्ग, सहारनपुर मंडल से सुरेश राणा और धर्म सिंह सैनी बने मंत्री

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UP CABINET: Journey from Daroga to Cabinet Minister in Meerut
योगी आदित्यनाथ

विस्तार

एक समय देश और प्रदेश की राजनीति में अहम दखल देने वाला पश्चिम अब लगातार पिछड़ता जा रहा है। इस बार भी मेरठ और आसपास के पश्चिम के जिलों को मंत्रिमंडल में अहम जगह नहीं मिली है। सपा सरकार ने भी कैबिनेट मंत्री बनाने में शुरू में कंजूसी की थी, तो इस बार भी मेरठ और सहारनपुर मंडल में कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है। पश्चिम में भाजपा के पक्ष में पहले दौर में चली हवा प्रदेश के दूसरे हिस्सों में बढ़ती चली गई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि पश्चिम के जिलों को मंत्रिमंडल में अहम जगह मिल सकती है। रविवार को मंत्रिमंडल के गठन में मेरठ सहित कई जिलों को जगह न देना हैरानी भरा है।
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मेरठ और सहारनपुर मंडल का वजन कम 
नए मंत्रिमंडल में पश्चिम से मेरठ मंडल के जिलों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, गौतमबुद्घ नगर, गाजियाबाद और बागपत के जिलों में केवल गाजियाबाद के विधायक अतुल गर्ग को राज्यमंत्री बनाया गया है। जबकि बुलंदशहर की सभी सातों, गाजियाबाद की सभी पांच, हापुड़ की तीन में से दो सीट और गौतमबुद्घ नगर की सभी तीन, मेरठ में सात में छह और बागपत में चौ. अजित सिंह का गढ़ होने के बावजूद तीन में दो सीटें भाजपा के खाते में आई थीं। इतनी बड़ी जीत के बावजूद केवल गाजियाबाद जिले से ही अतुल गर्ग मंत्री बने हैं। वहीं, सहारनपुर मंडल में सहारनपुर में सात में से चार, शामली में तीन में से दो और मुजफ्फरनगर की सभी छह सीटें भाजपा के खाते में आई हैं। इस बार सहारनपुर की नकुड़ सीट से इमरान मसूद को हराकर विधायक बने धर्म सिंह सैनी और थानाभवन से सुरेश राणा को ही जगह दी गई है। बिजनौर में आठ में से छह सीटों पर सफलता मिली थी। मेरठ से संगीत सोम का नाम आगे माना जा रहा था, तो मंत्री शाहिद मंजूर को हराने के कारण सत्यवीर त्यागी का भी दावा था। सोमेंद्र तोमर गुर्जर चेहरे हैं, तो वहीं बिजनौर में लोकेंद्र चौहान को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा था। वहीं, मुजफ्फरनगर दंगे के बाद भाजपा के पक्ष में लोकसभा चुनाव और अब विधानसभा चुनाव में हिंदू ध्रुवीकरण की हवा चली थी। लेकिन मुजफ्फरनगर का खाता भी मंत्रिमंडल में नहीं खुला। 
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चुनावी अभियान में मिली थी अहमियत 
लोकसभा चुनावों में भाजपा को पश्चिम से ही ध्रुवीकरण का लाभ मिला था। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपनी विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाई थी। यही नहीं, केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने का कार्यक्रम भी सहारनपुर में रखा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के चुनावी अभियान की शुरूआत मेरठ से ही की थी, तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मेरठ में पैदल मार्च के लिए आए थे। इसके अलावा राजनाथ सिंह सहित कई दिग्गज लगातार मेरठ और आसपास के जिलों में प्रचार में लगे रहे। कैराना के पलायन प्रकरण को भाजपा ने काफी भुनाया था। ऐसे में इन जिलों को मंत्रिमंडल में उचित जगह न मिलना राजनैतिक पंडितों को भी चौंका रहा है। 
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पश्चिम के खाते में लगातार निराशा 
अखिलेश यादव सरकार में भी पहली शपथ के समय लिए गए मंत्रिमंडल में पश्चिम के हाथ निराशा ही हाथ लगी थी। अखिलेश ने अपने मंत्रिमंडल में पश्चिम से किसी को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया था। यह बाद और है कि बाद में राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाकर भरपाई कर ली गई थी। सपा सरकार में मेरठ से शाहिद मंजूर, गाजियाबाद से राजेंद्र चौधरी, सहारनपुर से साहिब सिंह सैनी, अमरोहा से महबूब अली और कमाल अख्तर, संभल से इकबाल महमूद  राज्यमंत्री से बाद में कैबिनेट मंत्री बन गए थे। पहले मंत्रिमंडल के गठन के समय मूलचंद चौहान, मदन चौहान, मनोज पारस, राजेंद्र राणा, चितरंजन स्वरूप को भी शामिल किया गया। इस बार भाजपा मंत्रिमंडल में महज सुरेश राणा, धर्म सिंह सैनी, चेतन चौहान, अतुल गर्ग और भूपेंद्र सिंह चौधरी को स्थान मिला है। जबकि पिछली सरकार में आठ मंत्री बनाए गए थे। पिछली सरकार ने अपनी पहली सूची में कोई जाट एवं गुर्जर नहीं रखा था, तो इस बार जाट वर्ग से दो मंत्री बने हैं तो गुर्जर समाज फिर खाली है। 


 

 कैबिनेट मंत्री

UP CABINET: Journey from Daroga to Cabinet Minister in Meerut
धर्मपाल सिंह
​मुख्यमंत्री- योगी आदित्यनाथ
उप मुख्यमंत्री- केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा

कैबिनेट मंत्री
सूर्य प्रताप शाही
सुरेश खन्ना
स्वामी प्रसाद मौर्य
सतीश महाना 
राजेश अग्रवाल
रीता बहुगुणा जोशी
दारा सिंह चौहान 
धर्मपाल सिंह
एस. पी. सिंह बघेल
सत्यदेव पचौरी
रमापति शास्त्री
जय प्रकाश सिंह
बृजेश पाठक
ओम प्रकाश राजभर
लक्ष्मी नारायण चौधरी
चेतन चौहान
श्रीकांत शर्मा
सिद्धार्थनाथ सिंहम
मुकुट बिहारी वर्माआ
आशुतोष टंडन
नंद कुमार नंदी


 

संगीत सोम नहीं सुरेश राणा बन गए मंत्री

UP CABINET: Journey from Daroga to Cabinet Minister in Meerut
सुरेश राणा
सुरेश राणा
अनुपमा जायसवाल
उपेंद्र तिवारी
महेंद्र सिंह
स्वतंत्रदेव सिंह
भूपेंद्र सिंह चौधरी
धरम सिंह सैनी
स्वाति सिंह
अनिल राजभर
 

राज्य मंत्री 

UP CABINET: Journey from Daroga to Cabinet Minister in Meerut
मोहसिन
मोहसिन रजा
गुलाब देवी
बलदेव औलख
अतुल गर्ग
संदीप सिंह
अर्चना पाण्डे
रणवेंद्र प्रताप सिंह (घुन्नी सिंह)
मन्नु कोरी
ज्ञानेंद्र सिंह
जय प्रकाश निषाद
गिरीश यादव
संगीता बलवंत
नीलकंठ तिवारी
जयकुमार सिंह जैकी
सुरेश पासी




 
मेरठ और सहारनपुर मंडल में किसी को कैबिनेट में जगह नहीं, मेरठ और आसपास के जिलों में कैबिनेट में केवल चेतन चौहान को जगह, मेरठ मंडल से अतुल गर्ग, सहारनपुर मंडल से सुरेश राणा और धर्म सिंह सैनी बने मंत्री
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