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MP News: भारी बारिश के बीच राहत, बमोरी तालाब का रिसाव बंद होने से वापस घर लौटे लोग, बड़ी अनहोनी टली
Wed, 24 Aug 2022 10:05 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 24 Aug 2022 10:05 AM IST
सार
तालाब में रिसाव आने के बाद दो गांव के घरों को खाली कराया गया था। मौके पर पहुंची जिला प्रशासन की टीम ने तालाब की दीवार से निकल रहे पानी को रोकने की कवायद शुरू की गई।
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क्षतिग्रस्त हिस्से को सुधारती जल संसाधन विभाग की टीम
- फोटो : amar ujala
विस्तार
शाजापुर जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर बमोरी गांव के तालाब में सोमवार को रिसाव बंद होने के बाद बड़ी घटना टल गई। ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार को जल संसाधन विभाग की टीम ने तालाब की दीवार के हिस्से को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया। अफसरों का कहना है कि रिसाव बंद होने के बाद खतरा पूरी तरह टल गया है। अगर समय रहते रिसाव बंद नहीं किया जाता तो बड़ी घटना हो सकती थी।
बमोरी गांव स्थित तालाब की दीवार में दरार आने के बाद बड़ी मात्रा में पानी निकल रहा था। पशु चराने गए आस-पास के ग्रामीणों ने उसे देख लिया और मामला की सूचना जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद पुलिस, प्रशासन और जल संसाधन की टीम बमोरी गांव पहुंची। तालाब की दीवार से निकल रहे पानी को रोकने की कवायद शुरू की गई।
वहीं, तालाब के नजदीक घरों को भी खाली कराया गया। मंगलवार को तालाब की दीवार को दुरुस्त करने के बाद बमोरी और रामपुरा गांव के खाली कराए गए घरों में वापस लोगों को भेज दिया गया। तालाब का क्षतिग्रस्त हिस्सा ठीक होने के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों की माने तो रिसाव के न रुकने से ग्रामीणों को बड़ा नुकसान हो सकता था।
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अधिकारियों ने लिया जायजा
कलेक्टर दिनेश जैन, पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर, जल संसाधन कार्यपालन यंत्री टीके परमार समेत अन्य आला अधिकारी तालाब में आए रिसाब को देखने पहुंचे। कलेक्टर दिनेश जैन और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री टीके परमार बताया कि रिसाब ठीक होने के बाद तालाब की दीवार पूरी तरह सुरक्षित है। तालाब का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर तालाब की मरम्मत की जाती है।
क्षतिग्रस्त हिस्से को किया गया ठीक
तालाब का एक साइड का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की वजह से रिसाव शुरू हुआ था। जल संसाधन विभाग की टीम ने तालाब की दीवार के पास कट्टों में भरकर मुरम को क्षतिग्रस्त हिस्से में लगाया है। रिसाव ठीक होने के बाद खतरे की संभावना पूरी तरह टल गई है। हालांकि, विभागीय टीम तालाब पर नजर रख रही है। साथ ही ग्रामीणों को भी निगरानी की सलाह दी गई है।
बारिश थमने से मिली राहत की सांस
शाजापुर जिले में बारिश की वजह से चारों तरफ जल भराव की स्थिति है। जिले के आला अधिकारियों ने जलजमाव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रभावितों से हुए नुकसान के बारे में जानकारी हासिल की। चीलर नदी भारी बारिश के चलते उफान पर है। महुपुरा रपटे से करीब छह फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है, जिसके चलते आवागमन बंद है। नदी के पानी के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति है। जिले में अभी तक 1130.4 मि.मी. औसत वर्षा हुई है।
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बमोरी गांव स्थित तालाब की दीवार में दरार आने के बाद बड़ी मात्रा में पानी निकल रहा था। पशु चराने गए आस-पास के ग्रामीणों ने उसे देख लिया और मामला की सूचना जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद पुलिस, प्रशासन और जल संसाधन की टीम बमोरी गांव पहुंची। तालाब की दीवार से निकल रहे पानी को रोकने की कवायद शुरू की गई।
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वहीं, तालाब के नजदीक घरों को भी खाली कराया गया। मंगलवार को तालाब की दीवार को दुरुस्त करने के बाद बमोरी और रामपुरा गांव के खाली कराए गए घरों में वापस लोगों को भेज दिया गया। तालाब का क्षतिग्रस्त हिस्सा ठीक होने के बाद अधिकारियों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों की माने तो रिसाव के न रुकने से ग्रामीणों को बड़ा नुकसान हो सकता था।
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अधिकारियों ने लिया जायजा
कलेक्टर दिनेश जैन, पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर, जल संसाधन कार्यपालन यंत्री टीके परमार समेत अन्य आला अधिकारी तालाब में आए रिसाब को देखने पहुंचे। कलेक्टर दिनेश जैन और जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री टीके परमार बताया कि रिसाब ठीक होने के बाद तालाब की दीवार पूरी तरह सुरक्षित है। तालाब का निर्माण वर्ष 1980 में हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर तालाब की मरम्मत की जाती है।
क्षतिग्रस्त हिस्से को किया गया ठीक
तालाब का एक साइड का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की वजह से रिसाव शुरू हुआ था। जल संसाधन विभाग की टीम ने तालाब की दीवार के पास कट्टों में भरकर मुरम को क्षतिग्रस्त हिस्से में लगाया है। रिसाव ठीक होने के बाद खतरे की संभावना पूरी तरह टल गई है। हालांकि, विभागीय टीम तालाब पर नजर रख रही है। साथ ही ग्रामीणों को भी निगरानी की सलाह दी गई है।
बारिश थमने से मिली राहत की सांस
शाजापुर जिले में बारिश की वजह से चारों तरफ जल भराव की स्थिति है। जिले के आला अधिकारियों ने जलजमाव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रभावितों से हुए नुकसान के बारे में जानकारी हासिल की। चीलर नदी भारी बारिश के चलते उफान पर है। महुपुरा रपटे से करीब छह फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है, जिसके चलते आवागमन बंद है। नदी के पानी के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति है। जिले में अभी तक 1130.4 मि.मी. औसत वर्षा हुई है।