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शिक्षिका बबीता को राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
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बेरी। रकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन कुछ शिक्षक अपनी मेहनत, लगन और समर्पण से न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवारते हैं, बल्कि विद्यालय की तस्वीर भी बदल देते हैं। बेरी की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बेरी नंबर-2 की शिक्षिका बबीता ने अपने करीब नौ वर्ष के कार्यकाल में ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया है। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों और शिक्षा जगत में खुशी है।
करीब नौ वर्ष पहले जब बबीता ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली, तब स्कूल की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। बारिश के दिनों में परिसर में करीब चार फीट तक पानी भर जाता था। इससे विद्यार्थियों को परेशानी होती और पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। बबीता ने समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया और अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए।
जलभराव की समस्या दूर करने के लिए उन्होंने अपनी तनख्वाह से 10 हजार रुपये खर्च किए। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर विद्यालय से जुड़े लोगों, ग्रामीणों और बेरी के दानवीरों ने भी सहयोग किया। जनसहयोग से करीब सात लाख रुपये जुटाए गए। इस राशि से विद्यालय परिसर में मिट्टी भरत करवाने के साथ पक्की टाइलें लगवाई गईं। इससे जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हुई और विद्यार्थियों को सुरक्षित व बेहतर वातावरण मिला।
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बबीता ने शैक्षणिक माहौल सुधारने और स्कूल के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने पर भी ध्यान दिया। उनका यह प्रयास अन्य सरकारी शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है।
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करीब नौ वर्ष पहले जब बबीता ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली, तब स्कूल की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। बारिश के दिनों में परिसर में करीब चार फीट तक पानी भर जाता था। इससे विद्यार्थियों को परेशानी होती और पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। बबीता ने समस्या का समाधान करने का संकल्प लिया और अपने स्तर पर प्रयास शुरू किए।
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जलभराव की समस्या दूर करने के लिए उन्होंने अपनी तनख्वाह से 10 हजार रुपये खर्च किए। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर विद्यालय से जुड़े लोगों, ग्रामीणों और बेरी के दानवीरों ने भी सहयोग किया। जनसहयोग से करीब सात लाख रुपये जुटाए गए। इस राशि से विद्यालय परिसर में मिट्टी भरत करवाने के साथ पक्की टाइलें लगवाई गईं। इससे जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हुई और विद्यार्थियों को सुरक्षित व बेहतर वातावरण मिला।
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बबीता ने शैक्षणिक माहौल सुधारने और स्कूल के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने पर भी ध्यान दिया। उनका यह प्रयास अन्य सरकारी शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है।