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लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया सेल करेगी निगरानी
Sun, 24 Feb 2019 11:24 PM IST
प्रशांत कुमार
कन्नौज
कन्नौज
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 24 Feb 2019 11:24 PM IST
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कन्नौज। लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए पुलिस महकमा तैयारी में जुटा है। लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया का दुरुप्रयोग कर अफवाह फैलाने वालों, राजनैतिक दलों या फिर उनसे जुड़े नेताओं पर भद्दी और अश्लील टिप्पणी करने वालों पर पुलिस की खास नजर रखेगी। इसके लिए जिला मुख्यालय पर इलेक्शन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल बनाया जाएगा। चुुनाव के दौरान सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
इलेक्शन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का प्रभारी निरीक्षक रेंक के अधिकारी को बनाया जाएगा। आचार संहिता लगते ही पुलिस सर्विलांस के जरिए ऐसे टूल्स का प्रयोग करेगी, जिसकी मदद से वह सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों तक आसानी से पहुंच सकेगी। डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि चुनावों से पहले वह अपने जिलों में इलेक्शन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन करें। इसके बाद विशेष अभियान चलाए और कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए डिजिटल वालेंटियर्स की मदद से मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों के अलावा उम्मीदवारों को जागरूक करें।
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए आम जनता का भी सहयोग लिया जाएगा। यदि कोई भ्रामक सूचना सोशल मीडिया के जरिए फैलाने की कोशिश कर रहा है तो तत्काल उस पर संबंधित थाना प्रभारी व पुलिस अधिकारी, फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर हैंडल के जरिए उसका खंडन कर वास्तविकता की जानकारी देंगे। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अफवाह से अगर हिंसा फैलती है या चुनाव प्रभावित होता है तो आरोपी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।
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इलेक्शन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का प्रभारी निरीक्षक रेंक के अधिकारी को बनाया जाएगा। आचार संहिता लगते ही पुलिस सर्विलांस के जरिए ऐसे टूल्स का प्रयोग करेगी, जिसकी मदद से वह सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों तक आसानी से पहुंच सकेगी। डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि चुनावों से पहले वह अपने जिलों में इलेक्शन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल का गठन करें। इसके बाद विशेष अभियान चलाए और कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए डिजिटल वालेंटियर्स की मदद से मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों के अलावा उम्मीदवारों को जागरूक करें।
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एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोकने के लिए आम जनता का भी सहयोग लिया जाएगा। यदि कोई भ्रामक सूचना सोशल मीडिया के जरिए फैलाने की कोशिश कर रहा है तो तत्काल उस पर संबंधित थाना प्रभारी व पुलिस अधिकारी, फेसबुक, वाट्सएप, ट्विटर हैंडल के जरिए उसका खंडन कर वास्तविकता की जानकारी देंगे। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अफवाह से अगर हिंसा फैलती है या चुनाव प्रभावित होता है तो आरोपी के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।
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