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रोज फेस्टिवल के बाद गंदगी के ढेर में बदल गया रोज गार्डन, हाईकोर्ट का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Feb 2017 01:30 AM IST
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Chandigarh Rose Festival 2017
- फोटो : File Photo
चंडीगढ़ के रोज गार्डन में बीते दिनों संपन्न तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल के दौरान फैली गंदगी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने गार्डन में फैले कचरे के ढेर के मामले में यूटी प्रशासन सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामले में याची ने मांग की है कि तत्काल गंदगी और कचरे के ढेर साफ कर गार्डन को पहले की स्थिति में बहाल किया जाए। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने के दोषियों पर भी कार्रवाई हो।
एडवोकेट आरडी आनंद ने अधिवक्ता पुनीत शर्मा के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा है कि 30 एकड़ में फैले गार्डन को पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के नाम पर वर्ष 1967 में चंडीगढ़ के पहले चीफ कमिश्नर एमएस रंधावा ने बनवाया था। रोज़ गार्डन में 1600 किस्म के गुलाब हैं। रोज़ गार्डन और रॉक गार्डन के कारण ही इस शहर को विश्व स्तर पर पहचान मिली है।
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मामले में याची ने मांग की है कि तत्काल गंदगी और कचरे के ढेर साफ कर गार्डन को पहले की स्थिति में बहाल किया जाए। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने के दोषियों पर भी कार्रवाई हो।
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एडवोकेट आरडी आनंद ने अधिवक्ता पुनीत शर्मा के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा है कि 30 एकड़ में फैले गार्डन को पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के नाम पर वर्ष 1967 में चंडीगढ़ के पहले चीफ कमिश्नर एमएस रंधावा ने बनवाया था। रोज़ गार्डन में 1600 किस्म के गुलाब हैं। रोज़ गार्डन और रॉक गार्डन के कारण ही इस शहर को विश्व स्तर पर पहचान मिली है।
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रोज फेस्टिवल के बाद गार्डन में फैली गंदगी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
गार्डन में फरवरी माह में हर वर्ष तीन दिनों के रोज़ फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। याची ने कहा कि अब यह फेस्टिवल महज प्रशासन और निगम द्वारा निजी व्यावसायिक संस्थाओं से लाभ उठाने का जरिया मात्र बनकर रह गया है।
एक तरह से यह आयोजन अब निजी व्यावसायिक हाथों में सौंप दिया गया है। फेस्टिवल के दौरान खाने-पीने और अन्य कई स्टाल लगा दिए जाते हैं। साफ-सफाई का बिलकुल भी ध्यान नहीं रखा जाता है। इस बार भी 17 से 19 फरवरी के बीच रोज़ गार्डन में रोज़ फेस्टिवल का आयोजन किया गया था।
इस बार लगे स्टाल्स के बाहर और अन्य जगहों पर साफ-सफाई का कोई भी ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते यहां गंदगी के ढेर लग गए। इस फेस्टिवल के समाप्त होते ही पूरा रोज़ गार्डन गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया।
एक तरह से यह आयोजन अब निजी व्यावसायिक हाथों में सौंप दिया गया है। फेस्टिवल के दौरान खाने-पीने और अन्य कई स्टाल लगा दिए जाते हैं। साफ-सफाई का बिलकुल भी ध्यान नहीं रखा जाता है। इस बार भी 17 से 19 फरवरी के बीच रोज़ गार्डन में रोज़ फेस्टिवल का आयोजन किया गया था।
इस बार लगे स्टाल्स के बाहर और अन्य जगहों पर साफ-सफाई का कोई भी ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते यहां गंदगी के ढेर लग गए। इस फेस्टिवल के समाप्त होते ही पूरा रोज़ गार्डन गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया।