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रंगों से सराबोर हुए लोग, भीगा तन-मन
Updated Tue, 14 Mar 2017 11:30 PM IST
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एक दूसरे पर रंग लगाती युवतियां।
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रंगो का पर्व होली छिटपुट मारपीट की घटनाओं के साथ उत्साह और उमंग के साथ सोमवार को मनाया गया। सुबह से रंगों की बौछार का जो सिलसिला शुरु हुआ, वह दोपहर बाद तक जारी रहा। इस दौरान एक तरफ जहां डीजे पर बज रहे होली गीतों पर आम और खास ने ठुमका लगाया, वहीं हुड़दंग के बीच युवाओं ने एक-दूसरे का कपड़ा फाड़ा। पर्व की खुमारी बच्चों के सर चढ़कर बोली। उनकी पिचकारी की वार से कोई बच नहीं पाया।
सुबह आठ बजे से टोली में युवाओं के निकलने का क्रम शुरू हो गया। रंगों से सराबोर समूह में चल रहे युवाओं की जैसे ही अन्य लोगों पर नजर पड़ रही थी, वह उन्हें भी रंगों से सराबोर कर दे रहे थे। जगह-जगह डीजे पर तेज आवाज में बज रहे होली गीतों पर आम और खास ने ठुमका लगाया। इस दौरान अबीर-गुलाल की बौछार भी होती रही। छोटे-बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चे सड़क के किनारे और घरों की छतों पर पिचकारी से लैस होकर खड़े थे।
जैसे ही लोग उनके पास पहुंच रहे थे, वह उन पर पिचकारी से रंगों का वार करना शुरू कर दे रहे हैं। अनुनय-विनय के बाद भी बच्चों ने किसी को भी बिना भिगोए नहीं छोड़ा। बच्चे एक-दूसरे को रंग लगाने में जुटे रहे। हुड़दंग के बीच युवा एक-दूसरे का कपड़ा फाड़ने में जुटे रहे। इस बीच कपड़ा फाड़ने को लेकर कई बार लोगों के बीच हल्की झड़प भी हुई। एक तरफ जहां युवा बाहर होली खेलने में व्यक्त थे, वहीं महिलाओं और युवतियों ने घरों के अंदर ही एक-दूसरे पर रंगों की बारिश की। शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं बची थी, जो रंगों से सराबोर नहीं थी।
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दोपहर बाद तक रंग खेलने का सिलसिला जारी रहा। कई स्थानों पर युवा ढोल-मंजिरा के साथ होली की मस्ती में चूर रहे। कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, ताजपुर डेहमा, मुहम्मदाबाद, बहादुरगंज, गहमर, सेवराई, सुहवल, मतसा, जमानिया, दिलदारनगर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, शादियाबाद, बहरियाबाद, भीमापार, सादात, नंदगंज, सहेड़ी, देवकली, करंडा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में होली पर्व की धूम रही। डीजे और ढोल-मंजिरा के साथ युवा नाचते-गाते लोगों के दरवाजे-दरवाजे पहुंचे और जमकर रंग खेला।
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सुबह आठ बजे से टोली में युवाओं के निकलने का क्रम शुरू हो गया। रंगों से सराबोर समूह में चल रहे युवाओं की जैसे ही अन्य लोगों पर नजर पड़ रही थी, वह उन्हें भी रंगों से सराबोर कर दे रहे थे। जगह-जगह डीजे पर तेज आवाज में बज रहे होली गीतों पर आम और खास ने ठुमका लगाया। इस दौरान अबीर-गुलाल की बौछार भी होती रही। छोटे-बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चे सड़क के किनारे और घरों की छतों पर पिचकारी से लैस होकर खड़े थे।
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जैसे ही लोग उनके पास पहुंच रहे थे, वह उन पर पिचकारी से रंगों का वार करना शुरू कर दे रहे हैं। अनुनय-विनय के बाद भी बच्चों ने किसी को भी बिना भिगोए नहीं छोड़ा। बच्चे एक-दूसरे को रंग लगाने में जुटे रहे। हुड़दंग के बीच युवा एक-दूसरे का कपड़ा फाड़ने में जुटे रहे। इस बीच कपड़ा फाड़ने को लेकर कई बार लोगों के बीच हल्की झड़प भी हुई। एक तरफ जहां युवा बाहर होली खेलने में व्यक्त थे, वहीं महिलाओं और युवतियों ने घरों के अंदर ही एक-दूसरे पर रंगों की बारिश की। शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं बची थी, जो रंगों से सराबोर नहीं थी।
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दोपहर बाद तक रंग खेलने का सिलसिला जारी रहा। कई स्थानों पर युवा ढोल-मंजिरा के साथ होली की मस्ती में चूर रहे। कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, ताजपुर डेहमा, मुहम्मदाबाद, बहादुरगंज, गहमर, सेवराई, सुहवल, मतसा, जमानिया, दिलदारनगर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, शादियाबाद, बहरियाबाद, भीमापार, सादात, नंदगंज, सहेड़ी, देवकली, करंडा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में होली पर्व की धूम रही। डीजे और ढोल-मंजिरा के साथ युवा नाचते-गाते लोगों के दरवाजे-दरवाजे पहुंचे और जमकर रंग खेला।