{"_id":"6a2565e0426e5c6b9b05959a","slug":"one-time-settlement-scheme-beneficial-for-traders-dc-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-136005-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकमुश्त निपटान योजना व्यापारियों के लिए लाभकारी : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकमुश्त निपटान योजना व्यापारियों के लिए लाभकारी : डीसी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर। राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष छोटे व्यापारियों को राहत देने के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) को व्यापारियों का अच्छा प्रतिसाद मिला था। इसकी सफलता को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर यह योजना लागू की है। डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि योजना का उद्देश्य पुराने कर बकायों का निपटान कर जीएसटी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना तथा कर संग्रह पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है।
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त अजय कुमार ने बताया कि सरकार ने 1 जून 2026 से 28 सितंबर 2026 तक, कुल 120 दिनों के लिए एकमुश्त निपटान स्कीम-2026 लागू की है। इसके तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत लंबित देय राशियों के निपटान का प्रावधान किया गया है।
यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के तहत किसी एक वर्ष का कर बकाया एक लाख रुपये तक है, तो उसे आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना स्वतः माफ कर दिया जाएगा। अन्य करदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त अजय कुमार ने बताया कि सरकार ने 1 जून 2026 से 28 सितंबर 2026 तक, कुल 120 दिनों के लिए एकमुश्त निपटान स्कीम-2026 लागू की है। इसके तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत लंबित देय राशियों के निपटान का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के तहत किसी एक वर्ष का कर बकाया एक लाख रुपये तक है, तो उसे आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना स्वतः माफ कर दिया जाएगा। अन्य करदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन