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दंगा पीड़ित बोले, सहाय आयोग की रिपोर्ट से नहीं खुला सच
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 08 Mar 2016 02:33 AM IST
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मुजफ्फरनगर दंगे में मारे गए मोड खुर्द के वीरेंद्र का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर दंगे की जस्टिस विष्णु सहाय आयोग की रिपोर्ट से पीड़ित हैरत में ही नहीं, सकते में हैं। इस रिपोर्ट को पूरी तरह नकारते हुए पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें कैसे न्याय मिलेगा या कौन न्याय देगा? इस पर रिपोर्ट में कुछ नहीं कहा गया है। जबकि हमने तो अपना लाल खोया है।
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गांव नंगला मंदोड में आयोजित बहू बेटी सम्मान बचाओ महापंचायत से लौटते वक्त मीरापुर में सात सितंबर 2013 को बहसूमा क्षेत्र के युवकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पूरे मुजफ्फरनगर जनपद में दंगा भड़का तो बहसूमा और मवाना क्षेत्र के साथ मेरठ में भी तनाव पैदा हो गया था। ंहमलावरों ने महापंचायत से लौटते वक्त मीरापुर के मुझैड़ा में ट्रैक्टर ट्राली से खींचकर मौड खुर्द के वीरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू (37) व मोहम्मदपुर शकिस्त निवासी जोगेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी।
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वीरेंद्र के बडे़ भाई रालोद नेता हरेंद्र सिंह उर्फ हरिया का कहना है कि पंचायत से लौटते वक्त मीरापुर के मुझैंडा में निहत्थे लोगों पर हमला करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। साथ ही पंचायत से लौटते वक्त गंभीर रूप से 11 घायलों को आज तक कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई। जिनमें से गंभीर घायल फूल सिंह जाटव पुत्र चमन सिंह की मौत हो चुकी है। जांच आयोग ने भी पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं की। उन्होंने कई बार मुजफ्फरनगर के चक्कर काटे। लिखित व मौखिक कई बार अपनी बात आयोग के समक्ष रखने का आवेदन किया। लेकिन उनके बयान तक नहीं लिए गए।
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सहायता मिली पर न्याय नहीं
मारे गए वीरेंद्र का परिवार मध्यम वर्गीय है। सरकार ने 15 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी तो बेटे वैभव को मवाना ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी की नौकरी दी। वहीं, जोगेंद्र के परिवार को भी 15 लाख रुपये दिए गए तो पत्नी को मवाना तहसील में नौकरी दी। जोगेंद्र के पिता विक्रम सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि जिसका जवान बेटा दुनिया छोड़कर चला जाए, उसके पास बचता ही क्या है। हमलावरों ने निहत्थों पर धारदार हथियारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। लेकिन जब तक उन्हें सजा नहीं मिलेगी, तब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा। सहाय रिपोर्ट आने के बाद अब उम्मीद टूट गयी है। ऐसे में अब भगवान ही उन्हें न्याय देगा।