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इस्कॉन ने निकाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, जयघोष से गूंजा बहादुरगढ़
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फोटो-63: बहादुरगढ़ में निकाली गई रथयात्रा को रस्सी के सहारे खींचते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। इस्कॉन बहादुरगढ़ ने वीरवार शाम को भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की रथयात्रा निकाली। मंदिर के प्रभारी नित्यानंद आश्रयदास ने नेतृत्व किया।
रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने भगवान के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। नया गांव में भी भगवान जगन्नाथ मंदिर से दिन में रथयात्रा निकाली गई। इस्कॉन मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल आरती के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सुंदर सजे रथ पर भगवान की मनोहारी झांकी विराजमान थी।
श्रद्धालु हरे कृष्ण, हरे राम महामंत्र का संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर प्रभारी नित्यानंद आश्रयदास ने बताया कि रथयात्रा प्रेम, सेवा और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि रथ खींचना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रथयात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, आरती और महाप्रसाद का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
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बहादुरगढ़। इस्कॉन बहादुरगढ़ ने वीरवार शाम को भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की रथयात्रा निकाली। मंदिर के प्रभारी नित्यानंद आश्रयदास ने नेतृत्व किया।
रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तों ने भगवान के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। नया गांव में भी भगवान जगन्नाथ मंदिर से दिन में रथयात्रा निकाली गई। इस्कॉन मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार और मंगल आरती के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। सुंदर सजे रथ पर भगवान की मनोहारी झांकी विराजमान थी।
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श्रद्धालु हरे कृष्ण, हरे राम महामंत्र का संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर प्रभारी नित्यानंद आश्रयदास ने बताया कि रथयात्रा प्रेम, सेवा और समरसता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि रथ खींचना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इससे भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रथयात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, आरती और महाप्रसाद का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
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