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‘अब भी अकल न आयी तो नामों-निशां खो जाएगा...’
अमर उजाला ब्यूरो, खटीमा
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:33 AM IST
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साहित्य शारदा मंच की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ खटीमा फाइबर्स के सीएमडी राकेश कुमार रस्तोगी ने किया। सम्मेलन में कवियों कविता पाठ में राष्ट्र प्रेम सहित आजादी के विभिन्न बिंदुओं को छूने का प्रयास किया है।
कवि सम्मेलन में पाकिस्तान पर कटाक्ष करते हुए डा. जगदीश गुप्ता ने कहा ‘अब भी अकल न आयी तो नामों-निशां खो जाएगा...’। इसके अलावा डॉ. महेंद्र प्रताप पांडे ने ‘हमने सत्य अहिंसा का व्रत सदा-सदा ही पाला है...’, भगवान मिश्र ने ‘बहनों को साथ लेकर चलती है अपनी हिंदी...’, तेज सिंह शाक्य ने ‘उड़ी के शहीदों नमन है हमारा, सपने तुम्हारे हमारे हुए हैं...’, डॉ. संतोष कुमार ने ‘चाहता हूं सदा मैं वतन के लिए...’ आदि कविता सुनाई। इसके अलावा नरेश चंद्र तिवारी, आचार्य अनिल कुमार शुक्ल, डॉ. रूपचंद्र शास्त्री, आशा शैली, पुष्पा जोशी, उपेंद्र त्रिवेदी, यूनुस मलिक आदि ने भी कविता पाठ किया।
कवि सम्मेलन में पाकिस्तान पर कटाक्ष करते हुए डा. जगदीश गुप्ता ने कहा ‘अब भी अकल न आयी तो नामों-निशां खो जाएगा...’। इसके अलावा डॉ. महेंद्र प्रताप पांडे ने ‘हमने सत्य अहिंसा का व्रत सदा-सदा ही पाला है...’, भगवान मिश्र ने ‘बहनों को साथ लेकर चलती है अपनी हिंदी...’, तेज सिंह शाक्य ने ‘उड़ी के शहीदों नमन है हमारा, सपने तुम्हारे हमारे हुए हैं...’, डॉ. संतोष कुमार ने ‘चाहता हूं सदा मैं वतन के लिए...’ आदि कविता सुनाई। इसके अलावा नरेश चंद्र तिवारी, आचार्य अनिल कुमार शुक्ल, डॉ. रूपचंद्र शास्त्री, आशा शैली, पुष्पा जोशी, उपेंद्र त्रिवेदी, यूनुस मलिक आदि ने भी कविता पाठ किया।
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