भीषण आग से 6 घंटे मचा रहा हाहाकार, सहमें व्यापारियों नें धड़ाधड़ गिराए शटर
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चौक स्थित नेहरू कॉम्पलेक्स में भीषण आग लगने के बाद शनिवार को वहां छह घंटे तक हाहाकार मचा रहा। तीन मंजिला बिल्डिंग से आग की भीषण लपटें देख वहां अफरातफरी मच गई। खौफजदा होकर ग्राहक तो वहां से भागने ही लगे, व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया। दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे और देखते ही देखते बाजार में कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया।3.30 बजे के करीब जिस समय नेहरू कॉम्पलेक्स में आग लगी, उस वक्त चौक बाजार में अच्छी खासी भीड़ थी।
अगले 15 मिनटों के भीतर ही आग फैल चुकी थी। नेहरू कॉम्पलेक्स से व्यापारी और ग्राहक शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागे तो अन्य लोगों में भी दहशत फैल गई। देखते ही देखते कॉम्पलेक्स का बजाजा रोड व कॉस्मेटिक मार्केट साइड का पूरा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। तभी वहां पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर पानी की बौछार शुरू की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तब तक बिल्डिंग के दोनों साइड से आग की भीषण लपटें उठने लगीं।
आग कितनी भयावह थी, इसका पता इसी से चलता है कि बिल्डिंग से निकल रहा धुआं मुहम्मद अली पार्क तक आसमान पर छा गया। बिल्डिंग से भीषण लपटें उठते देख बजाजा रोड व उसके ठीक पीछे वाली रोड पर स्थित बाजार में खरीदारी करने वाले लोग भागने लगे। उधर व्यापारियों में भी दहशत फैल गई और दुकानेां के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। हालत यह थी कि देखते ही देखते मार्केट में कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया। उधर सूचना पर कोतवाली के साथ ही आसपास के थानों की भी फोर्स बुला ली गई।
20 दमकलों ने लगाए 60 से ज्यादा राउंड
दमकल की एक के बाद एक गाड़ियां हूटर बजाते हुए पहुंची तो कमला नेहरू व लीडर रोड पर मौजूद लोग भी अनहोनी की आशंका से घिर उठे। उधर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की भी गाड़ियां पहुंचने लगीं। नेहरू कॉम्पलेक्स में दुकान चलाने वाले बहुत से दुकानदार अपना सामान निकालने के लिए भीतर जाने की जिद करने लगे। जिस पर पुलिस ने उन्हें बहुत समझाकर बाहर निकाला।
मौके पर सबसे पहले सिविल लाइंस फायर स्टेशन की दमकल पहुंची। आग फैलते ही जाने पर यहां से चार और दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। इसके बाद सोरांव, नैनी व बैरहना फायर स्टेशन से भी पांच गाड़ियां बुलाई गईं। हाल यह था कि जब तक एक गाड़ी आग बुझाकर दूसरी ओर जाती, पहली साइड में दोबारा आग भड़क उठती। स्थिति नियंत्रित न होेते देख मेला क्षेत्र स्थित फायर स्टेशनों से सात व सेना की भी तीन गाड़ियां बुलाई गईं।
हालात यह रहे कि दमकल की 20 गाड़ियां शाम 7.30 बजे तक 60 से ज्यादा राउंड लगा चुकी थीं लेकिन इसके बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। एफएसओ लालजी गुप्ता ने बताया कि 20 से ज्यादा गाड़ियां लगातार छह घंटे तक जुटी रहीं तब जाकर 9.30 बजे के करीब आग पर काबू पाया जा सका।
नगर निगम से भेजे गए पानी के टैंकर
फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार राहत कार्य में लगी रहीं लेकिन आग पर कोई असर नहीं हो रहा था। देखते ही देखते गाड़ियां 60 से ज्यादा राउंड लगा चुकी थीं। औसतन एक गाड़ी की क्षमता पांच हजार लीटर पानी भी मानी जाए तो इस तरह तीन लाख लीटर से ज्यादा पानी बिल्डिंग पर फेंका जा चुका था।
इसके बावजूद आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। इसके बाद करीब छह बजे 15 मिनट के भीतर नगर निगम से तीन पानी के टैंकर भी मंगवाए गए। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने टैंकर से पानी लेकर बिल्डिंग पर पानी की बौछार की। तब जाकर स्थिति कुछ नियंत्रण में आई।
हाईड्रोलिक प्लेटफार्म आए तब बनी बात
फायर ब्रिगेड के जवान लगातार आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटे रहे। पहले कॉस्मेटिक बाजार व बजाजा रोड की ओर से दमकल की गाड़ियों पर खड़े होकर बिल्डिंग में पानी फेंका गया। हालांकि आग तीसरी मंजिल पर होने के कारण वहां पर्याप्त मात्रा व दबाव के साथ पानी नहीं जा पा रहा था। इस तरह करीब सवा दो घंटे तक जवान जूझते रहे। स्थिति नियंत्रित न होते देख पौने छह बजे के करीब हाईड्रोलिक प्लेटफार्म वाली नगम निगम की पहली गाड़ी मंगवाई गई।
एनडीआरएफ ने भी संभाला मोर्चा
इस पर चढ़कर फायरमैन धर्मेंद्र कुमार मिश्रा व उनकी टीम ने करीब 35 फीट की ऊंचाई पर स्थित तीसरे तल पर पानी फेंकना शुरू किया। इसके बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ। एक घंटे बाद नगर निगम की के दो अन्य हाईड्रोलिक प्लेटफार्म वाहन मंगवाए गए। इसके बाद दो ओर से तीन हाईड्रोलिक प्लेटफार्म से पानी की बौछार की गई तब जाकर बात बनी।
स्थिति नियंत्रित न होेते देख अफसरों ने एनडीआरएफ की टीम को बुलवाया। जिसके बाद इंस्पेक्टर रोहित भारद्वाज 30 जवानों को लेकर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
मौके पर पहुंचते ही एनडीआरएफ के कुछ जवान सबसे पहले बिल्डिंग के भीतर गए और वहां यह जांचा कि भीतर कोई फंसा तो नहीं है।
बता दें कि कुंभ मेले के मद्देनजर इन दिनों जिले में एनडीआरएफ की 12 टीमेें आई हैं जिनमें से 10 मेला व दो सीएवी कॉलेज में कैंप कर रही हैं। सीएवी कॉलेज से ही एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे थे। अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें भी होने लगी थीं जिस पर एनडीआरएफ ने आस्का लाइट भी जलवाई।
फंसे व्यापारियों को एसपी सिटी, सीओ ने बचाया
आग में फंसे व्यापारियों को बचाने के लिए एसपी सिटी, सीओ खुद बिल्डिंग के भीतर पहुंच गए। करीब पौने आठ बजे आग धीमी पड़ी तो कुछ व्यापारी दुकानों से अपना बचा हुआ सामान निकालने के लिए बिल्डिंग के भीतर पहुंच गए। इसी दौरान उस हिस्से में आग फिर भड़क उठी और व्यापारी फंस गए। व्यापारियों ने शोर मचाया तो एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव व सीओ रत्नेश सिंह दुकानों पर पहुंचे और जान परc खेलकर व्यापारियों को बाहर निकाल। इससे पहले आग पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फायरमैन धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की व्यापारियों ने जमकर सराहना की।