{"_id":"6aae7c0b7c551449430e0b7a","slug":"farmer-shyamapal-earns-lakhs-of-rupees-from-shrimp-farming-on-salt-water-land-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-140133-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"खारे पानी की जमीन पर झींगा पालन से किसान श्यामपाल को लाखों की आय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खारे पानी की जमीन पर झींगा पालन से किसान श्यामपाल को लाखों की आय
विज्ञापन
19jjrp06-कुतानी गांव में श्यामपाल की तरफ से लगाया गया मछली पालन व्यवसाय। स्रोत : प्रचार विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। गांव कुतानी निवासी किसान श्यामपाल चौहान और उनकी पत्नी मीना चौहान ने खारे पानी से प्रभावित अपनी जमीन को खुशहाली का आधार बनाया है। पारंपरिक खेती मुश्किल होने के कारण उन्होंने जमीन के वैकल्पिक उपयोग के बारे में सोचा। नई सोच, मेहनत और सही मार्गदर्शन से उन्होंने झींगा पालन शुरू किया, जिससे उन्हें सालाना लाखों रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
श्यामपाल चौहान ने बताया कि खारे पानी के कारण उनकी जमीन का उपयोग पारंपरिक खेती के लिए आसानी से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उन्होंने जमीन को बेकार छोड़ने के बजाय इसका वैकल्पिक उपयोग करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें खारे पानी वाले क्षेत्र में झींगा पालन की संभावना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया। विभाग ने उन्हें झींगा पालन का प्रशिक्षण दिया। इसमें तालाब तैयार करने, झींगा के बीज डालने की जानकारी मिली। पानी की गुणवत्ता बनाए रखने और पालन के दौरान जरूरी सावधानियां भी बताई गईं।
प्रशिक्षण और विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद श्यामपाल चौहान ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तालाब तैयार करवाया। उन्होंने शुरुआत में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया। भाटेरा क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर झींगा पालन शुरू किया। नई गतिविधि होने के कारण शुरुआत में उनके सामने कई चुनौतियां भी आईं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और मत्स्य विभाग की सलाह पर तालाब व पानी का प्रबंधन करते रहे।
विज्ञापन
इंसेट
श्यामपाल ने 18 टन झींगा का उत्पादन किया
मेहनत और सही प्रबंधन का परिणाम उत्पादन में स्पष्ट दिखाई दिया। वर्ष 2024-25 में श्यामपाल चौहान ने लगभग 18 टन झींगा का उत्पादन किया। वर्ष 2025-26 में यह उत्पादन बढ़कर करीब 20 टन हो गया। झींगा की बिक्री उन्हें लगभग 380 रुपये से 480 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर प्राप्त होती है। इस प्रकार झींगा पालन उनके लिए आय का एक मजबूत साधन बन गया है। इससे उन्हें सालाना करीब 15.90 लाख रुपये से 17 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।
विज्ञापन
झज्जर। गांव कुतानी निवासी किसान श्यामपाल चौहान और उनकी पत्नी मीना चौहान ने खारे पानी से प्रभावित अपनी जमीन को खुशहाली का आधार बनाया है। पारंपरिक खेती मुश्किल होने के कारण उन्होंने जमीन के वैकल्पिक उपयोग के बारे में सोचा। नई सोच, मेहनत और सही मार्गदर्शन से उन्होंने झींगा पालन शुरू किया, जिससे उन्हें सालाना लाखों रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
श्यामपाल चौहान ने बताया कि खारे पानी के कारण उनकी जमीन का उपयोग पारंपरिक खेती के लिए आसानी से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उन्होंने जमीन को बेकार छोड़ने के बजाय इसका वैकल्पिक उपयोग करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें खारे पानी वाले क्षेत्र में झींगा पालन की संभावना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया। विभाग ने उन्हें झींगा पालन का प्रशिक्षण दिया। इसमें तालाब तैयार करने, झींगा के बीज डालने की जानकारी मिली। पानी की गुणवत्ता बनाए रखने और पालन के दौरान जरूरी सावधानियां भी बताई गईं।
विज्ञापन
प्रशिक्षण और विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद श्यामपाल चौहान ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तालाब तैयार करवाया। उन्होंने शुरुआत में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया। भाटेरा क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर झींगा पालन शुरू किया। नई गतिविधि होने के कारण शुरुआत में उनके सामने कई चुनौतियां भी आईं। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और मत्स्य विभाग की सलाह पर तालाब व पानी का प्रबंधन करते रहे।
विज्ञापन
इंसेट
श्यामपाल ने 18 टन झींगा का उत्पादन किया
मेहनत और सही प्रबंधन का परिणाम उत्पादन में स्पष्ट दिखाई दिया। वर्ष 2024-25 में श्यामपाल चौहान ने लगभग 18 टन झींगा का उत्पादन किया। वर्ष 2025-26 में यह उत्पादन बढ़कर करीब 20 टन हो गया। झींगा की बिक्री उन्हें लगभग 380 रुपये से 480 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर प्राप्त होती है। इस प्रकार झींगा पालन उनके लिए आय का एक मजबूत साधन बन गया है। इससे उन्हें सालाना करीब 15.90 लाख रुपये से 17 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।