पिता किसान, बेटी ने अफसर बन किया राजधानी का नाम रोशन
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साधारण किसान परिवार की मिशा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा 2015 में 64वीं रैंक लाकर राजधानी का नाम रोशन किया है। अलीगंज निवासी मिशा के पिता आनंद सिंह किसान और मां विनोद कंवर गृहणी हैं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से एलएलबी करने के बाद मिशा ने सिविल सेवा में आने निश्चय किया। हालांकि शुरू के दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद वह लॉ का पीजी डिप्लोमा करने दिल्ली चलीं गई। इसके बाद अपनी पढ़ाई के साथ ही सिविल सेवा की तैयारी की और आखिरकार तीसरे प्रयास में सफलता मिली।
मिशा ने बताया कि प्रशासनिक सेवा में आने का सबसे बड़ा कारण है वैराइटी। उनका मानना है कि सिस्टम में रहकर बेहतर कॅरिअर के साथ-साथ समाज सेवा की जा सकती है।
न्यूज पेपर्स पढ़ने के साथ इंटरनेट का किया इस्तेमाल
मिशा की स्कूलिंग माउंट कार्मल और जयपुरिया स्कूल से हुई है। मिशा की छोटी बहन ऐश्वर्या इस समय मुम्बई से बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रही हैं।
स्ट्रैटजी: न्यूज पेपर्स को नियमित रूप से पढ़ा और जिन मुद्दों का बैकग्राउंड जानना होता था, उसके लिए इंटरनेट इस्तेमाल किया। खुद के नोट्स बनाने में भी इंटरनेट ने काफी मदद की।
टिप्स: सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस बहुत बड़ा है। इसलिए हार्डवर्क केसाथ स्मार्ट वर्क जरूरी है। सबकुछ न पढ़ें। इसके अलावा तैयारी के दौरान रिविजन जरूरी है।