फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   Factory of the Seas, arrived to investigate CFO

फैक्ट्री की सीज, जांच को पहुंचे सीएफओ

Fri, 22 Apr 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की Updated Fri, 22 Apr 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन

रुड़की। लाठरदेवा हुुण स्थित फैक्ट्री में हुए धमाके के मामले में शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने फैक्ट्री को सील करने के आदेश दे दिए हैं। आदेश पर फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। वहीं दमकल विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच की। उधर, धमाके में घायल हुए कर्मचारियों की हालत में मामूली सुधार हुआ है। सभी का उपचार एक प्राइवेट अस्पताल मेें चल रहा है।

विज्ञापन


झबरेड़ा क्षेत्र के लाठरदेवा हुण स्थित प्रोग्रेसिव लाइव फैक्ट्री में बृहस्पतिवार को ड्रायर में अचानक विस्फोट हो गया था। इसमें काम कर रहे 17 कर्मचारी झुलस गए थे। घायलों को रुड़की के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सभी घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। घायलों की हालत में मामूली सुधार बताया गया है।
विज्ञापन


शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल के आदेश पर प्रशासनिक टीम ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। उधर, फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच के लिए शुक्रवार को हरिद्वार से अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने एफएसओ बीएल डबराल के साथ फैक्ट्री में पहुंचकर मौका मुआयना कर हादसा का कारण जाना। साथ ही विस्फोट से फैक्ट्री में हुए नुकसान का भी आकलन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हादसे दर हादसे, नहीं लिया जा रहा सबक
रुड़की। लाठरदेवा हुण स्थित फैक्ट्री में हुआ हादसा क्षेत्र के लिए नया नहीं है। फैक्ट्रियों में हादसे दर हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इन पर ध्यान नहीं दे रहा है। फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा और लंढौरा आदि क्षेत्र में करीब 450 से अधिक फैक्ट्रियां हैं। अधिकांश फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों को ताक पर खा गया है। इसके लिए भी फैक्ट्रियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ब्वायलर व ड्रायर आदि का फटना, फैक्ट्री में आग लगना या फिर किसी कर्मचारी का किसी मशीन की चपेट में आकर अपनी जान या फिर हाथ पांव गवाना यहां के लिए मामूली बात हो चुकी है। जब भी किसी फैक्ट्री में कोई हादसा होता है तो उस समय प्रशासन आदि की ओर से एक-दो दिन दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। सुरक्षा मानकों को लागू किए जाने के आदेश जारी किए जाते हैं, लेकिन एक-दो दिन बाद सब कुछ पहले की तरह से चलने लगता है। तीन सप्ताह पूर्व भी भगवानपुर स्थित एक फैक्ट्री में भी इसी तरह का हादसा हुआ था, जिसमें पांच लोग झुलस गए थे। नारसन में वर्ष 2012 में मिर्क फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। इसमें 12 लोग जिंदा जल गए थे।

फैक्ट्रियों में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मंगेश घिल्डियाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed