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दो साल से कर रहे एम्स की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:26 PM IST
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आल्हा चौक पर अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले की लचर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और एम्स अस्पताल खुलवाने के लिए महोबा में चल रहे एम्स आंदोलन के बुधवार को दो साल पूरे होने पर बुंदेली समाज तहरी भोज कराएगा। तहरी भोज अनशन स्थल पर एक बजे से शुरू होगा।
बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने बताया कि एम्स आंदोलन की शुरूआत आठ मार्च 2015 को पोस्टकार्ड अभियान के रूप में शुरू हुई थी। शहर में एम्स खुलवाने के लिए प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी को एक लाख पोस्टकार्ड भेजे गए थे। बताया कि जनता का भारी सहयोग मिलने के कारण दो लाख पोस्टकार्ड भेजे गए थे। मोहल्लों में जाकर कैंप लगाकर घर घर दस्तक देकर पोस्टकार्ड लिखवाए गए थे।
उन्होंने बताया कि पोस्टकार्ड अभियान में महिलाओं, पुरुषों के साथ साथ स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। पहला कैंप आठ मार्च को तहसील गेट पर लगाया गया था। उन्होंने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने प्रधानमंत्री को दो लाख से अधिक खत भेजे लेकिन अब तक प्रधानमंत्री तक जनता की आवाज नहीं पहुंची। जिससे मजबूर होकर उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा।
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बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकार ने बताया कि एम्स आंदोलन की शुरूआत आठ मार्च 2015 को पोस्टकार्ड अभियान के रूप में शुरू हुई थी। शहर में एम्स खुलवाने के लिए प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी को एक लाख पोस्टकार्ड भेजे गए थे। बताया कि जनता का भारी सहयोग मिलने के कारण दो लाख पोस्टकार्ड भेजे गए थे। मोहल्लों में जाकर कैंप लगाकर घर घर दस्तक देकर पोस्टकार्ड लिखवाए गए थे।
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उन्होंने बताया कि पोस्टकार्ड अभियान में महिलाओं, पुरुषों के साथ साथ स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था। पहला कैंप आठ मार्च को तहसील गेट पर लगाया गया था। उन्होंने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने प्रधानमंत्री को दो लाख से अधिक खत भेजे लेकिन अब तक प्रधानमंत्री तक जनता की आवाज नहीं पहुंची। जिससे मजबूर होकर उन्हें भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा।
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