फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cow will sleep on mattresses on uttarakhand

भारत में अब गायों के आएंगे 'अच्छे दिन', डेनमार्क की तरह दी जाएगी ये सुविधा

Thu, 08 Jun 2017 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Thu, 08 Jun 2017 08:48 AM IST
विज्ञापन
cow will sleep on mattresses on uttarakhand

अब गायों के भी अच्छे द‌िन आने वाले हैं। डेनमार्क की तर्ज पर ही अब भारत में भी गाय गंदे फर्श पर नहीं बल्क‌ि मखमली ब‌िस्तर पर आराम करेंगी।

विज्ञापन


उत्तराखंड के दुग्ध विकास एवं सहकारिता राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की मानें, तो गायों के अच्छे दिन आने वाले हैं। गायें अब गंदे फर्श के बजाय गद्दों में सोएंगी।
विज्ञापन


धन सिंह का कहना है कि पूरे विश्व में सबसे अधिक दूध का उत्पादन डेनमार्क में होता है। वहां गायों के लेटने के लिए गद्दों की व्यवस्था है। ऐसी ही व्यवस्था उत्तराखंड में भी की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दुग्ध विकास राज्य मंत्री दुग्ध विकास विभाग पौड़ी की ओर से चलाए गए उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।

गढ़वाल विवि के सीनेट हॉल में संपन्न कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है, लेकिन इसके अनुरूप उसका पालन-पोषण नहीं हो रहा है।

यदि गाय के रहने और चारे की उचित व्यवस्था होगी, तो दुग्ध उत्पादन भी बढ़ेगा, लिहाजा डेनमार्क की तर्ज पर उत्तराखंड में गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की जा रही है। 

cow will sleep on mattresses on uttarakhand

उन्होंने कहा कि मां के दूध के बाद आंचल का दूध सबसे शुद्ध है। दूध में बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है। बाजार में बिक रहे दूध के 10 हजार सैंपल लिए गए, जिसमें अधिकांश ब्रांड के दूध में 60 फीसदी पानी और 40 फीसदी यूरिया मिला हुआ पाया गया।

उन्होंने कहा कि दूध की शुद्धता जांच करने का अधिकार स्वास्थ्य विभाग को है। यदि यह कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग और दुग्ध विकास के सहयोग से चले, तो मिलावटी दूध पर रोक लगाई जा सकती है।  

दुग्ध विकास राज्य मंत्री ने कहा कि विपणन की व्यवस्था सुधारी जा रही है। यदि कोई दुग्ध उत्पादक बाजार में दूध बेचने नहीं पहुंच पा रहा है, तो विभाग के कर्मचारी स्वयं गांव तक जाएंगे।

आंचल दूध के एजेंटों को विभाग की ओर से फ्री में रेफ्रिजरेटर दिए जाएंगे। 1900 समितियों को मुफ्त में दूध के केन दिए जाने की भी योजना है।

उन्होंने कहा कि 10 जुलाई से नेहरू युवा केंद्र एवं एनएसएस के स्वयंसेवियों को प्रशिक्षण देकर इनके माध्यम से आंचल दूध की ब्रांडिंग कराई जाएगी। इस अवसर विधायक पौड़ी मुकेश कोहली, दुग्ध संघ के अध्यक्ष हरेंद्र नेगी आदि ने भी विचार रखे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed