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सफाई भुगतान पर चेयरपर्सन का ब्रेक, 50 प्रतिशत राशि रोकी
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फोटो-61: अमर उजाला में वीरवार को प्रकाशित खबर।
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। नगर परिषद में सफाई कार्यों को लेकर विवाद और गहरा गया है। जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) की अध्यक्षता में हुई पेमेंट अप्रूवल कमेटी (पीएसी) की बैठक में चेयरपर्सन सरोज राठी ने सफाई कार्यों में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी न तो पूरे दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं और न ही कार्यों में पारदर्शिता बरत रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने दोनों प्रमुख सफाई कार्यों के बिलों का 50 प्रतिशत भुगतान रोक दिया है।
शहर की सफाई के कार्य के लिए 2 करोड़ 14 लाख 79 हजार 22 रुपये का बिल पीएसी के समक्ष रखा गया था। अधिकारियों ने शिकायतों के आधार पर केवल 24 लाख 79 हजार 22 रुपये की राशि रोककर शेष भुगतान का प्रस्ताव रखा। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के 1 करोड़ 5 लाख 24 हजार 738 रुपये के बिल में भी सिर्फ 15 लाख 24 हजार 738 रुपये रोककर करीब 90 लाख रुपये के भुगतान की मंजूरी के लिए बिल पेश किया गया।
चेयरपर्सन ने आपत्ति जताई। उन्होंने न केवल पीएसी की बैठक में विरोध दर्ज कराया, बल्कि झज्जर स्थित डीएमसी कार्यालय पहुंचकर भी अपनी आपत्ति से अवगत कराया। उनका कहना था कि जब लगातार शिकायतें मिल रही हैं और आवश्यक रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, तब इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना उचित नहीं है।
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बाद में चेयरपर्सन ने पीएसी के कार्यवाही रजिस्टर में दोनों कार्यों के बिलों में 50 प्रतिशत राशि रोकने के निर्देश दिए। हालांकि अब अंतिम फैसला अधिकारियों को करना है कि वे पूरा भुगतान जारी करते हैं या चेयरपर्सन के निर्देशों का पालन करते हुए आधी राशि रोकते हैं। इस बारे में डीएमसी जगनिवास से संपर्क नहीं हो सका। व्हाट्सएप पर संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला।
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बहादुरगढ़। नगर परिषद में सफाई कार्यों को लेकर विवाद और गहरा गया है। जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) की अध्यक्षता में हुई पेमेंट अप्रूवल कमेटी (पीएसी) की बैठक में चेयरपर्सन सरोज राठी ने सफाई कार्यों में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी न तो पूरे दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं और न ही कार्यों में पारदर्शिता बरत रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने दोनों प्रमुख सफाई कार्यों के बिलों का 50 प्रतिशत भुगतान रोक दिया है।
शहर की सफाई के कार्य के लिए 2 करोड़ 14 लाख 79 हजार 22 रुपये का बिल पीएसी के समक्ष रखा गया था। अधिकारियों ने शिकायतों के आधार पर केवल 24 लाख 79 हजार 22 रुपये की राशि रोककर शेष भुगतान का प्रस्ताव रखा। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के 1 करोड़ 5 लाख 24 हजार 738 रुपये के बिल में भी सिर्फ 15 लाख 24 हजार 738 रुपये रोककर करीब 90 लाख रुपये के भुगतान की मंजूरी के लिए बिल पेश किया गया।
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चेयरपर्सन ने आपत्ति जताई। उन्होंने न केवल पीएसी की बैठक में विरोध दर्ज कराया, बल्कि झज्जर स्थित डीएमसी कार्यालय पहुंचकर भी अपनी आपत्ति से अवगत कराया। उनका कहना था कि जब लगातार शिकायतें मिल रही हैं और आवश्यक रिकॉर्ड तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, तब इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना उचित नहीं है।
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बाद में चेयरपर्सन ने पीएसी के कार्यवाही रजिस्टर में दोनों कार्यों के बिलों में 50 प्रतिशत राशि रोकने के निर्देश दिए। हालांकि अब अंतिम फैसला अधिकारियों को करना है कि वे पूरा भुगतान जारी करते हैं या चेयरपर्सन के निर्देशों का पालन करते हुए आधी राशि रोकते हैं। इस बारे में डीएमसी जगनिवास से संपर्क नहीं हो सका। व्हाट्सएप पर संदेश का भी कोई जवाब नहीं मिला।