घाटी के हालात सुधारने की कोशिश में हुर्रियत नेताओं से मिले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा
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कश्मीर घाटी में कई दिनों से चल रहे तनाव को खत्म करने की कोशिशों में आज दिल्ली से आए एक प्रतिनिधिमंडल नें हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा की अगुवाई में आए इस 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने घाटी के हालातों को सुधारने की कोशिश में आज हुर्रियत कांफ्रेस (जी) के नेता सैय्यद अली शाह गिलानी से श्रीनगर में मुलाकात की ।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की अगुवाई में दिल्ली से आए इस प्रतिनिधिमंडल ने गिलानी से हैदरपोरा इलाके में स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। श्रीनगर पहुंचते ही ये प्रतिनिधिमंडल सीधे गिलानी के घर पर पहुंचा जहां गिलानी को पहले से ही पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किया गया है। जानकारी के मुताबिक अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर कश्मीर पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल के लोग कश्मीर के लोगों और केंद्र सरकार के बीच बंद संवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगे।
इस क्रम में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जम्मू-कश्मीर में हुर्रियत समेत कई अन्य संगठनों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक गिलानी से मिलने के बाद ये प्रतिनिधिमंडल आवामी एक्शन कमिटी के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक से भी मुलाकात करने जा सकता है ।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिले थे हुर्रियत नेता
यशवंत सिन्हा की अगुवाई में दिल्ली से आए इस 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री जयराम रमेश, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और सेंटर फार डायलाग एंड रिकंसिलिएशन सुशोभा शामिल हैं। इस दौरान इस दल के सदस्य घाटी की स्थिति का आकलन करने के साथ ही हुर्रियत नेताओं अथवा विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मिलेंगे।
सुबह सैय्यद अली शाह गिलानी से मुलाकात के बाद इस डेलीगेशन ने मीरवाइज उमर फारूक से भी मुलाकात की है। खास बात ये है कि जिन नेताओं से ये प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करने जा रहा है उन सभी ने 4 सितंबर को दिल्ली से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में कश्मीर आए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया था।