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बिल अवैध, बिजली निगम की अपील की खारिज
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झज्जर। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुखप्रीत सिंह की अदालत ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की अपील खारिज करते हुए जवाहर नवोदय विद्यालय कलोई को जारी 11,89,933 रुपये के बिजली बिल को अवैध ठहराया है।
निगम ने विद्यालय पर आरोप लगाया था कि उसका बिजली मीटर 72.87 प्रतिशत धीमा चल रहा था। इसके आधार पर 12 मार्च 2019 को निरीक्षण रिपोर्ट और मूल्यांकन आदेश जारी कर विद्यालय से 11,89,933 रुपये की मांग की गई थी। विद्यालय ने इस कार्रवाई को मनमाना बताते हुए कहा था कि मीटर की जांच उसकी अनुपस्थिति में की गई और उसे अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।
निचली अदालत ने 24 अक्तूबर 2025 को विद्यालय के पक्ष में फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि निरीक्षण रिपोर्ट और अंतिम मूल्यांकन आदेश के बीच विद्यालय को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने निचली अदालत के निष्कर्षों को सही ठहराया। उन्होंने निचली अदालत के फैसले में कोई त्रुटि नहीं पाई और निगम की अपील खारिज कर दी। संवाद
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निगम ने विद्यालय पर आरोप लगाया था कि उसका बिजली मीटर 72.87 प्रतिशत धीमा चल रहा था। इसके आधार पर 12 मार्च 2019 को निरीक्षण रिपोर्ट और मूल्यांकन आदेश जारी कर विद्यालय से 11,89,933 रुपये की मांग की गई थी। विद्यालय ने इस कार्रवाई को मनमाना बताते हुए कहा था कि मीटर की जांच उसकी अनुपस्थिति में की गई और उसे अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं दिया गया।
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निचली अदालत ने 24 अक्तूबर 2025 को विद्यालय के पक्ष में फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि निरीक्षण रिपोर्ट और अंतिम मूल्यांकन आदेश के बीच विद्यालय को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने निचली अदालत के निष्कर्षों को सही ठहराया। उन्होंने निचली अदालत के फैसले में कोई त्रुटि नहीं पाई और निगम की अपील खारिज कर दी। संवाद
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