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एंबुलेंस कर्मियों को कराना पड़ा प्रसव, शिशु की मौत
lalitpur
Updated Sat, 18 Feb 2017 12:44 AM IST
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एंबुलेंस कर्मियों को कराना पड़ा प्रसव, शिशु की मौत
- फोटो : demo
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क बार फिर डिलीवरी में एएनएम और आशा कार्यकत्री की लापरवाही उजागर हुई है। 108 एंबुलेंस में कार्यरत पुरुष कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से प्रसव कराया। समाचार लिखे जाने तक प्रसूता सीएचसी में भर्ती थी, जहां उसका इलाज चल रहा था। वहीं, इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।
बनगुवा कलां निवासी सतीश की पत्नी के यहा डिलीवरी होनी थी। गुरुवार को रात में उसकी पत्नी को प्रसव का दर्द हुआ। इसके बाद उसने गांव में कार्यरत आशा और एएनएम को कई बार फोन किया। परन्तु दोनों में से कोई भी उसकी मदद को नहीं आए। इसके बाद उन्होंने 108 को फोन लगाया। जिस पर कार्यरत विकल और चंद्रपाल मौके पर गए। वह प्रसूता को लेकर जैसे ही चले। उसको अपार पीड़ा होने लगी। इसके साथी ही एंबुलेंस में ही उसका प्रसव हो गया। प्रसव में पैदा हुए बच्चें की आतें बाहर निकली थी। इसके बाद दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां, कुछ समय बाद बच्चें की मौत हो गई।
इसके बाद प्रसूता के परिजनों ने बबाल काटते हुए एएनएम और आशा कार्यकत्री पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके सोनी ने बताया कि इस संबंध में पूरी जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वही इस संबंध में शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश बाबू का कहना है कि ऐसे बच्चों को जीवित रहने के कम संभावना होती है।
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दूसरी बार हुई घटना
तालबेहट (ललितपुर)। चार माह के अंदर स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं आशा द्वारा प्रसव के दौरान बरती गई यह दूसरी घटना है। इससे पहले जमालपुर में भी इस तरह की घटना हो चुकी है। जिस पर आज तक स्वास्थ्य विभाग की जॉच चल रही है।
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बनगुवा कलां निवासी सतीश की पत्नी के यहा डिलीवरी होनी थी। गुरुवार को रात में उसकी पत्नी को प्रसव का दर्द हुआ। इसके बाद उसने गांव में कार्यरत आशा और एएनएम को कई बार फोन किया। परन्तु दोनों में से कोई भी उसकी मदद को नहीं आए। इसके बाद उन्होंने 108 को फोन लगाया। जिस पर कार्यरत विकल और चंद्रपाल मौके पर गए। वह प्रसूता को लेकर जैसे ही चले। उसको अपार पीड़ा होने लगी। इसके साथी ही एंबुलेंस में ही उसका प्रसव हो गया। प्रसव में पैदा हुए बच्चें की आतें बाहर निकली थी। इसके बाद दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां, कुछ समय बाद बच्चें की मौत हो गई।
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इसके बाद प्रसूता के परिजनों ने बबाल काटते हुए एएनएम और आशा कार्यकत्री पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. आरके सोनी ने बताया कि इस संबंध में पूरी जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वही इस संबंध में शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कैलाश बाबू का कहना है कि ऐसे बच्चों को जीवित रहने के कम संभावना होती है।
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दूसरी बार हुई घटना
तालबेहट (ललितपुर)। चार माह के अंदर स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं आशा द्वारा प्रसव के दौरान बरती गई यह दूसरी घटना है। इससे पहले जमालपुर में भी इस तरह की घटना हो चुकी है। जिस पर आज तक स्वास्थ्य विभाग की जॉच चल रही है।