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नहीं मिली राहत, इंतजार करते रहे शहरवासी
Chandigarh
Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। शहर में पानी की किल्लत और लो प्रेशर की समस्या बरकरार है। शुक्रवार को भी लोगों को नगर निगम राहत नहीं दे पाया। ऊपर की मंजिल वाले पानी का इंतजार करते रहे, लेकिन पानी की किल्लत दूर नहीं हुई। दोपहर को पूरी तरह से पानी की सप्लाई बाधित रही। सुबह दक्षिणी सेक्टरों में सोसाइटी में रहने वालों तक पानी नहीं पहुंच पाया। उत्तरी सेक्टरों में तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचने में लो प्रेशर मुसीबत बना रहा। ऐसे में लोगों को ग्राउंड फ्लोर से बाल्टियां ऊपरी मंजिल तक ले जानी पड़ीं। शाम को पूरे शहर में पानी का लो प्रेशर रहा। दोपहर को पानी की सप्लाई बंद और शाम को लो प्रेशर रहने की सूचना नगर निगम द्वारा पहले ही दे दी गई थी। लो प्रेशर इसलिए भी रहा क्योंकि शुक्रवार को खरड़ के 66 केबी सब स्टेशन में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक रिपेयर चलती रही, जिस कारण सेक्टर-39 कजौली वाटर वर्क्स तक शाम 5 बजे से पहले पानी की सप्लाई नहीं आ सकी। शाम को भी पानी का प्रेशर कम रहा। कई इलाकों में तो 6 बजे तक पानी ही नहीं आया। पूरे शहर में पहली और दूसरी मंजिल तक शाम को पानी नहीं पहुंच पाया। लो प्रेशर से जितना पानी आया उससे ग्राउंड फ्लोर पर रहने वालों का ही काम चल पाया। इससे हायतौबा मची रही। कई लोगों के घर पीने का पानी भी नहीं था। दक्षिणी सेक्टरों में सोसाइटी में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि उनकी सोसाइटी के भीतर लगे टैंक सुबह भी नहीं भर पाए। कालोनी नंबर-4 के 4 ब्लाक में अभी पानी की किल्लत है।
नया बूस्टर लगने के बावजूद राहत नहीं
ढाई साल पहले सेक्टर-47, 31 और 38 वेस्ट में नया बूस्टर और ट्यूबवेल लगाया गया लेकिन वह भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहा। इन एरियों में अभी भी लो प्रेशर की दिक्कत है। सेक्टर-47 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह का कहना है कि नया बूस्टर लोगों को राहत नहीं दे पा रहा है। उनका कहना है कि शहर में जो पाइपें डाली गई हैं वह पुरानी हो चुकी हैं, जिससे पानी की सप्लाई रुक रही है। इसी कारण बूस्टर भी काम नहीं कर पा रहे हैं।
सेक्टर-38 वेस्ट की एक्टिव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह का कहना है कि अभी गरमी की शुरूवात है पता नहीं आगे क्या हाल होगा। उनके यहां पर भी बूस्टर लोगों के घर तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है।
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सेक्टर-21 की सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजिंद्र सिंह का कहना है कि उनके यहां टंकियों तक पानी पहुंच हीं नहीं पा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सी और डी के एरिए में है। दो साल पहले नया बूस्टर लगने के बावजूद भी पानी की सप्लाई दुरस्त नहीं हुई है। उनके यहां पर पिछले एक सप्ताह से पहली और दूसरी मंजिल में रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
फासवेक के प्रैस सचिव एसएस भारद्वाज का कहना है कि सेक्टर-50 से लेकर 57 तक 1 मई से दक्षिणी सेक्टरों की सोसाइटियों में पानी की दिक्कत आनी शुरू हो गई है। शाम से ज्यादा सुबह पानी का काफी लो प्रैशर रहता है।
सेक्टर-27 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन एव टीचर शिखा निझावन का कहना है कि दोपहर को जब वह स्कूल से वापस आई तो एक बोतल भी पीने के पानी की घर पर नहीं थी। शाम को भी पानी 6.30 बजे तक नहीं आया।
राजेश
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नया बूस्टर लगने के बावजूद राहत नहीं
ढाई साल पहले सेक्टर-47, 31 और 38 वेस्ट में नया बूस्टर और ट्यूबवेल लगाया गया लेकिन वह भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहा। इन एरियों में अभी भी लो प्रेशर की दिक्कत है। सेक्टर-47 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह का कहना है कि नया बूस्टर लोगों को राहत नहीं दे पा रहा है। उनका कहना है कि शहर में जो पाइपें डाली गई हैं वह पुरानी हो चुकी हैं, जिससे पानी की सप्लाई रुक रही है। इसी कारण बूस्टर भी काम नहीं कर पा रहे हैं।
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सेक्टर-38 वेस्ट की एक्टिव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह का कहना है कि अभी गरमी की शुरूवात है पता नहीं आगे क्या हाल होगा। उनके यहां पर भी बूस्टर लोगों के घर तक पानी नहीं पहुंचा पा रहा है।
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सेक्टर-21 की सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजिंद्र सिंह का कहना है कि उनके यहां टंकियों तक पानी पहुंच हीं नहीं पा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सी और डी के एरिए में है। दो साल पहले नया बूस्टर लगने के बावजूद भी पानी की सप्लाई दुरस्त नहीं हुई है। उनके यहां पर पिछले एक सप्ताह से पहली और दूसरी मंजिल में रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
फासवेक के प्रैस सचिव एसएस भारद्वाज का कहना है कि सेक्टर-50 से लेकर 57 तक 1 मई से दक्षिणी सेक्टरों की सोसाइटियों में पानी की दिक्कत आनी शुरू हो गई है। शाम से ज्यादा सुबह पानी का काफी लो प्रैशर रहता है।
सेक्टर-27 डी की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन एव टीचर शिखा निझावन का कहना है कि दोपहर को जब वह स्कूल से वापस आई तो एक बोतल भी पीने के पानी की घर पर नहीं थी। शाम को भी पानी 6.30 बजे तक नहीं आया।
राजेश