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सुरजीत का नाम पाक से रिहा होने वाले कैदियों में शामिल!
Chandigarh
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। लाहौर सेंट्रल जेल में करीब 30 साल से कैद फिरोजपुर निवासी बुजुर्ग सुरजीत सिंह उर्फ मक्खन का नाम पाकिस्तान सरकार ने रिहा होने वाले कैदियों की सूची में शामिल कर लिया है। लाहौर हाईकोर्ट में पाकिस्तान सरकार की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल करामत अली अवान ने बताया कि सुरजीत को भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया तय की जा रही है। पाकिस्तान सरकार उनको तीन महीने के अंदर स्वदेश भेज देगी।
लाहौर के वकील ओवैस शेख ने ‘अमर उजाला’ को भेजे ई-मेल में बताया कि सोमवार को हुई सुनवाई के बाद जज मंजूर अहमद मलिक की अदालत ने पाकिस्तानी पंजाब सरकार के वकील की ओर से सुरजीत की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने और उसे तीन महीने के टाइम फ्रेम में बांधने को ‘फ्रूटफुल’ करार दिया। सरकारी वकील ने अदालत में पंजाब सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव की ओर से जारी वह लेटर भी सौंपा जिसमें सुरजीत सिंह को कोट लखपत जेल (अब सेंट्रल जेल लाहौर) का सिविल इटरनरी माना है। इसका मतलब है कि उसकी सजा पूरी है और वह रिहा हो सकने वाले कैदियों में शामिल हो गया है। सरकारी वकील ने कहा कि सुरजीत को उनके स्टेटस और प्रक्रिया के बारे में बता दिया जाएगा। सुरजीत के वकील ने अदालत का शुक्रिया अदा किया और अगले हफ्ते जेल में सुरजीत से मिलने की बात कही।
खुश परिवार वालों ने कहा, डेढ़ महीने में आने की उम्मीद :
फिरोजपुर स्थित फिड्डा पिंड से 1982 में लापता हुए सुरजीत की करीब तीस साल बाद बेटे-बेटी और परिजनों से मिलने की उम्मीद ने उनके पूरे परिवार में खुशी दे दी है। अब मुक्तसर में रहने वाली सुरजीत सिंह की बेटी परमिंदर कौर उस समय महज 11-12 साल की थी जब उनके पिता लापता हुए थे। जब 15 साल की हुई तब पता चला कि पाकिस्तान में 31 अक्तूबर, 1985 को उनके पिता को फांसी की सजा सुनाई गई है। परमिंदर ने मंगलवार को अमर उजाला को फोन पर बताया कि लाहौर से सुरजीत के वकील ने जानाकरी दी है कि उनके पिता सुरजीत की रिहाई जल्द कराने के लिए वह खुद लाहैर सेंट्रल जेल में जाकर प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू करेंगे। पूरी प्रक्रिया में डेढ़ माह लगता है। इसलिए रिहाई के लिए परिवार वालों को तीन माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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...लेकिन नहीं लगा हरियाणा के मदनलाल का पता नहीं लगा
चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा जिले के निवासी मदन लाल के पाकिस्तानी जेल में होने की संभावना अब खत्म होने वाली है। मदन के भाई की ओर से लाहौर हाईकोर्ट में याचिका डालने वाले वकील ओवैश शेख ने ‘अमर उजाला’ को भेजे ई-मेल में बताया कि पंजाब के आईजी (प्रिजन) ने सोमवार को अदालत में रिपोर्ट पेश की जिसमें दावा किया गया है कि सिरसा निवासी मदन लाल पुत्र शोना राम पाकिस्तान की जेल में कैद नहीं हैं। इस पर अदालत ने याचिका रद कर दी। वकील ओवैश शेख ने पाक गृह मंत्रालय को मदन लाल की तलाश करने के निर्देश देने का आग्रह किया। इस पर अदालत ने कहा कि याची खुद सीधे मंत्रालय से गुहार लगाए।
-चंडीगढ़ से योगेश नारायण दीक्षित
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लाहौर के वकील ओवैस शेख ने ‘अमर उजाला’ को भेजे ई-मेल में बताया कि सोमवार को हुई सुनवाई के बाद जज मंजूर अहमद मलिक की अदालत ने पाकिस्तानी पंजाब सरकार के वकील की ओर से सुरजीत की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने और उसे तीन महीने के टाइम फ्रेम में बांधने को ‘फ्रूटफुल’ करार दिया। सरकारी वकील ने अदालत में पंजाब सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव की ओर से जारी वह लेटर भी सौंपा जिसमें सुरजीत सिंह को कोट लखपत जेल (अब सेंट्रल जेल लाहौर) का सिविल इटरनरी माना है। इसका मतलब है कि उसकी सजा पूरी है और वह रिहा हो सकने वाले कैदियों में शामिल हो गया है। सरकारी वकील ने कहा कि सुरजीत को उनके स्टेटस और प्रक्रिया के बारे में बता दिया जाएगा। सुरजीत के वकील ने अदालत का शुक्रिया अदा किया और अगले हफ्ते जेल में सुरजीत से मिलने की बात कही।
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खुश परिवार वालों ने कहा, डेढ़ महीने में आने की उम्मीद :
फिरोजपुर स्थित फिड्डा पिंड से 1982 में लापता हुए सुरजीत की करीब तीस साल बाद बेटे-बेटी और परिजनों से मिलने की उम्मीद ने उनके पूरे परिवार में खुशी दे दी है। अब मुक्तसर में रहने वाली सुरजीत सिंह की बेटी परमिंदर कौर उस समय महज 11-12 साल की थी जब उनके पिता लापता हुए थे। जब 15 साल की हुई तब पता चला कि पाकिस्तान में 31 अक्तूबर, 1985 को उनके पिता को फांसी की सजा सुनाई गई है। परमिंदर ने मंगलवार को अमर उजाला को फोन पर बताया कि लाहौर से सुरजीत के वकील ने जानाकरी दी है कि उनके पिता सुरजीत की रिहाई जल्द कराने के लिए वह खुद लाहैर सेंट्रल जेल में जाकर प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू करेंगे। पूरी प्रक्रिया में डेढ़ माह लगता है। इसलिए रिहाई के लिए परिवार वालों को तीन माह तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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...लेकिन नहीं लगा हरियाणा के मदनलाल का पता नहीं लगा
चंडीगढ़। हरियाणा में सिरसा जिले के निवासी मदन लाल के पाकिस्तानी जेल में होने की संभावना अब खत्म होने वाली है। मदन के भाई की ओर से लाहौर हाईकोर्ट में याचिका डालने वाले वकील ओवैश शेख ने ‘अमर उजाला’ को भेजे ई-मेल में बताया कि पंजाब के आईजी (प्रिजन) ने सोमवार को अदालत में रिपोर्ट पेश की जिसमें दावा किया गया है कि सिरसा निवासी मदन लाल पुत्र शोना राम पाकिस्तान की जेल में कैद नहीं हैं। इस पर अदालत ने याचिका रद कर दी। वकील ओवैश शेख ने पाक गृह मंत्रालय को मदन लाल की तलाश करने के निर्देश देने का आग्रह किया। इस पर अदालत ने कहा कि याची खुद सीधे मंत्रालय से गुहार लगाए।
-चंडीगढ़ से योगेश नारायण दीक्षित