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मोहाली के डीसी, एसएसपी को कारण बताओ नोटिस
Chandigarh
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े आदेशों के बावजूद भी जीरकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रेंचिंस भरने के मामले में हाईकोर्ट ने मोहाली के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला ने दोनों अधिकारियों से पूछा कि किसके आदेशाें के चलते इन ड्रेंचिस को भरा गया। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक दोनों अधिकारियों को हलफनामा दाखिल करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने मुल्लांपुर में बिल्डरों को मंजूरी देने पर पंजाब सरकार को एफिडेविट दाखिल करने के भी निर्देश जारी किए।
मामले की सुनवाई के दौरान ग्रेटर मोहाली डेवलेपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने कहा कि एनएचएआई ने जीरकपुर हाईवे में बिना इजाजत एक्सेस रोड निकालने को लेकर 74 मामले चिह्नित किए थे। गमाडा ने कहा कि उनके क्षेत्राधिकार में सिर्फ 29 मामले हैं। इनमें से छह को मंजूरी दी गई हैं, इसके अलावा तीन मैरेज पैलेस हैं। चार मामले एनएचएआई के कंसीडरेशन में हैं, जबकि 16 एक्सेस सड़कों को ब्लॉक कर दिया है। इस पर खंडपीठ ने गमाडा से पूछा कि तीन मैरेज पैलेसाें को ब्लॉक क्यों नहीं किया गया? इसके जवाब में गमाडा ने कहा कि शनिवार तक इन मैरेज पैलेसों के एक्सेस रोड भी ब्लॉक कर दिए जाएंगे। उधर, एनएचएआई ने कहा कि एक्सेस रोड के लिए पांच लोग टेंपरेरी परमिशन के लिए आए थे। इनमें से अथारिटी ने दो को ही परमिशन दी है। एनएचएआई ने हाईकोर्ट को बताया कि अथॉरिटी ने इस हाईवे पर ड्रेंचिस खुदवाई थी, लेकिन लोगों ने इसे भी भर दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने मोहाली प्रशासन से पूछा कि इसका जिम्मेवार कौन है? अगली सुनवाई के दौरान इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए।
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मामले की सुनवाई के दौरान ग्रेटर मोहाली डेवलेपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने कहा कि एनएचएआई ने जीरकपुर हाईवे में बिना इजाजत एक्सेस रोड निकालने को लेकर 74 मामले चिह्नित किए थे। गमाडा ने कहा कि उनके क्षेत्राधिकार में सिर्फ 29 मामले हैं। इनमें से छह को मंजूरी दी गई हैं, इसके अलावा तीन मैरेज पैलेस हैं। चार मामले एनएचएआई के कंसीडरेशन में हैं, जबकि 16 एक्सेस सड़कों को ब्लॉक कर दिया है। इस पर खंडपीठ ने गमाडा से पूछा कि तीन मैरेज पैलेसाें को ब्लॉक क्यों नहीं किया गया? इसके जवाब में गमाडा ने कहा कि शनिवार तक इन मैरेज पैलेसों के एक्सेस रोड भी ब्लॉक कर दिए जाएंगे। उधर, एनएचएआई ने कहा कि एक्सेस रोड के लिए पांच लोग टेंपरेरी परमिशन के लिए आए थे। इनमें से अथारिटी ने दो को ही परमिशन दी है। एनएचएआई ने हाईकोर्ट को बताया कि अथॉरिटी ने इस हाईवे पर ड्रेंचिस खुदवाई थी, लेकिन लोगों ने इसे भी भर दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने मोहाली प्रशासन से पूछा कि इसका जिम्मेवार कौन है? अगली सुनवाई के दौरान इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए।
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