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जगदलपुर: खेल-खेल में सेफ्टी पिन निगल गई 2 साल की मासूम, डॉक्टरों ने रातोंरात ऑपरेशन कर बचाई जान

Tue, 25 Aug 2026 09:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 25 Aug 2026 09:00 PM IST
सार

खेल-खेल में छोटी सी लापरवाही दो साल की मासूम बच्ची के लिए जानलेवा बन गई। घर में खेलते समय बच्ची ने गलती से सेफ्टी पिन मुंह में डाल ली, जो गले से होते हुए उसकी सांस की नली में जाकर फंस गई।

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2-year-old child accidentally swallows safety pin while playing; successful surgery performed at MekaJ.
खेल-खेल में सेफ्टी पिन निगल गई 2 साल की मासूम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जगदलपुर में खेल-खेल में छोटी सी लापरवाही दो साल की मासूम बच्ची के लिए जानलेवा बन गई। घर में खेलते समय बच्ची ने गलती से सेफ्टी पिन मुंह में डाल ली, जो गले से होते हुए उसकी सांस की नली में जाकर फंस गई। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल जगदलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मेकाज) लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रात में ही ऑपरेशन कर सेफ्टी पिन को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
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जानकारी के मुताबिक, बस्तर के मावलीबेड़ा निवासी दो वर्षीय मोनिका घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसने वहां रखी सेफ्टी पिन को मुंह में डाल लिया। पिन बच्ची के गले से नीचे जाकर श्वास नली (Trachea) में फंस गई। इसके बाद बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल मेकाज लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची की जांच और एक्स-रे कराया। जांच में सांस की नली में सेफ्टी पिन फंसी हुई दिखाई दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नाक-कान-गला रोग विभाग ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।
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रात में ही विभागाध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह ने दूरबीन पद्धति से सफल ऑपरेशन करते हुए सांस की नली में फंसी सेफ्टी पिन को बाहर निकाल दिया। इस दौरान डॉ. हेमंत शर्मा ने भी सहयोग किया। ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विभाग की टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. सुचिष्मिता और डॉ. काशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत में सुधार बताया गया है। डॉक्टरों ने राहत की सांस ली और परिजनों को भी बड़ी चिंता से राहत मिली।
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बच्चों को लेकर बरतें सावधानी
डॉ. सुरजीत सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों को सिक्के, पिन, बीज या छोटे खिलौने खेलने के लिए न दें। ऐसी वस्तुएं सांस की नली में फंसकर गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। यदि बच्चे को अचानक लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या घुटन जैसी स्थिति हो, तो समय गंवाए बिना उसे अस्पताल ले जाना चाहिए।
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