{"_id":"5b8d874442c792464c73f163","slug":"121536001860-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिद्वार से छोड़ा गया 1.12 लाख क्यूसेक पानी, बढ़ेगी बाढ़ ग्रस्त इलाके मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिद्वार से छोड़ा गया 1.12 लाख क्यूसेक पानी, बढ़ेगी बाढ़ ग्रस्त इलाके मुसीबत
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:41 AM IST
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संभल/बबराला/जुनावई। पर्वतीय इलाकों पर गंगा की सहयोगी नदियां अलकनंदा, मंदाकिनी, रायवाला, चमोली, गंगोत्री, भागीरथी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिनका पानी गंगा के रास्ते मैदानी भागों में प्रवेश कर रहा है। सोमवार को हरिद्वार बांध से 1,12,018 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी मैदानी भागों में बाढ़ के जमकर कहर बरपाएगा। जबकि बिजनौर में पानी का बहाव 1,53,153 क्यूसेक रहा। साथ ही सोमवार की शाम को नरौरा गंगा बैराज से 2,13,219 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नरौरा के चौधरी चरनसिंह गंगा बैराज पर गंगा नदी का जलस्तर 178.54 मीटर बना है। जोकि खतरे के निशान (178.76 मीटर) से महज 22 सेमी नीचे है। इससे जुनावई क्षेत्र के गांव नौ गांवों की फसलों पर गंगा पूरी तरह हावी है। जहां बाजरा की फसल की सर्वाधिक नुकसान है। जबकि गन्ने की छोटी फसल को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
रघुपुर पुख्ता में हालात अभी भी खराब, नावों पर टिकी जिंदगी
गांव पहुंचे बिना ही लौटे डीएम, एडीएम ने किया गांव का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
संभल। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा उफान पर है जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। जिले की रघुपुर पुख्ता समेत जुनावई क्षेत्र के नौ गांवों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। रघुपुर पुख्ता में हालात अभी जस के तस हैं और गांव की गलियों से करीब चार फीट पानी बह रहा है। स्कूल वाली गली से लगातार पानी चलने के कारण शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप है। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया लेकिन वह रघुपुर पुख्ता गांव नहीं पहुंचे और दो किमी पहले ही अधिकारियों से वार्ता कर लौट गए जिससे ग्रामीणों में आक्रोश दिखा। हालांकि अपर जिलाधिकारी ने नाव के जरिए गांव का दौरा किया और हालात का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से वार्ता की। उनकी समस्याएं सुनीं जिन्हें तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया।
जुनावई इलाके नौ गांवों को गंगा की बाढ़ की चपेट में लिए जाने की सूचना के बाद जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह और एडीएम लवकुश त्रिपाठी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने के लिए पहुंचे। सर्वाधिक बाढ़ग्रस्त गांव रघुपुर पुख्ता में जाने के लिए जैसे ही वह गांव से दो किमी पहले एक मढ़ी से गुजर बाढ़ के पानी को देखकर वहीं रुक गए और बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता करने लगे। ग्रामीणों ने गांव चलने की बात कही तो नाव छोटी होने का बहाना किया और जिलाधिकारी ने एडीएम को गांव जाने को निर्देश दिया और स्वयं लौट गए। इसके बाद नाव में सवार होकर राजस्व टीम के साथ एडीएम गांव पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी समस्याएं सुनीं जिन्हें तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया। गांव में पशुओं के बीमार व लोगों में संक्रामक रोगों के फैलने के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार परीक्षण के निर्देश दिए।
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क्या बोले रघुपुर पुख्ता के ग्रामीण
1- गांव में दो गलियों से होकर पानी गुजर रहा है। गांव में बिजली न होने से रात के अंधेरे में पानी से परेशानी होती है। अब पानी को काफी दिन हो गए है जिससे रोगों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी तो निजात मिल सकेगी।- हरकेस, ग्रामीण
2-गांव में पहले इतनी बाढ़ नहीं आती थी। अब गंगा नदी पर पुल बनने के बाद पानी के बहाव में अवरोध उत्पन्न हुआ है। अगर प्रशासन इन सड़कों पर बड़ी पुलियों का निर्माण करा दे तो बाढ़ के हालात नहीं बनेंगे।- शेरवीर, ग्रामीण।
3- गांव से मिठनपुर वाली सड़क से कई जगहों से पानी उतर रहा है। अगर समय रहते पुलियों को निर्माण किया गया होता तो निजात मिल जाती है। अब गांव का स्कूल बंद है। पानी कब कम होगा। लगातार दिक्कतें बढ़ती जा रही है।- रामखिलाड़ी, ग्रामीण।
ग्रामीणों ने की नाव बढ़ाने की मांग
जुनावई। गांव की प्रधान के पति पोपी सिंह व मिठनपुर के राज कुमार तोमर ने गांव में नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की डीएम से मांग की। इस पर उन्होंने तहसील प्रशासन नाव बढ़ाने का निर्देश दिया।
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रघुपुर पुख्ता में हालात अभी भी खराब, नावों पर टिकी जिंदगी
गांव पहुंचे बिना ही लौटे डीएम, एडीएम ने किया गांव का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
संभल। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा उफान पर है जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। जिले की रघुपुर पुख्ता समेत जुनावई क्षेत्र के नौ गांवों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। रघुपुर पुख्ता में हालात अभी जस के तस हैं और गांव की गलियों से करीब चार फीट पानी बह रहा है। स्कूल वाली गली से लगातार पानी चलने के कारण शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप है। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया लेकिन वह रघुपुर पुख्ता गांव नहीं पहुंचे और दो किमी पहले ही अधिकारियों से वार्ता कर लौट गए जिससे ग्रामीणों में आक्रोश दिखा। हालांकि अपर जिलाधिकारी ने नाव के जरिए गांव का दौरा किया और हालात का जायजा लेते हुए ग्रामीणों से वार्ता की। उनकी समस्याएं सुनीं जिन्हें तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया।
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जुनावई इलाके नौ गांवों को गंगा की बाढ़ की चपेट में लिए जाने की सूचना के बाद जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह और एडीएम लवकुश त्रिपाठी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का जायजा लेने के लिए पहुंचे। सर्वाधिक बाढ़ग्रस्त गांव रघुपुर पुख्ता में जाने के लिए जैसे ही वह गांव से दो किमी पहले एक मढ़ी से गुजर बाढ़ के पानी को देखकर वहीं रुक गए और बाढ़ खंड के अधिकारियों से वार्ता करने लगे। ग्रामीणों ने गांव चलने की बात कही तो नाव छोटी होने का बहाना किया और जिलाधिकारी ने एडीएम को गांव जाने को निर्देश दिया और स्वयं लौट गए। इसके बाद नाव में सवार होकर राजस्व टीम के साथ एडीएम गांव पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता की और उनकी समस्याएं सुनीं जिन्हें तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया। गांव में पशुओं के बीमार व लोगों में संक्रामक रोगों के फैलने के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार परीक्षण के निर्देश दिए।
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क्या बोले रघुपुर पुख्ता के ग्रामीण
1- गांव में दो गलियों से होकर पानी गुजर रहा है। गांव में बिजली न होने से रात के अंधेरे में पानी से परेशानी होती है। अब पानी को काफी दिन हो गए है जिससे रोगों के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगरानी रखेगी तो निजात मिल सकेगी।- हरकेस, ग्रामीण
2-गांव में पहले इतनी बाढ़ नहीं आती थी। अब गंगा नदी पर पुल बनने के बाद पानी के बहाव में अवरोध उत्पन्न हुआ है। अगर प्रशासन इन सड़कों पर बड़ी पुलियों का निर्माण करा दे तो बाढ़ के हालात नहीं बनेंगे।- शेरवीर, ग्रामीण।
3- गांव से मिठनपुर वाली सड़क से कई जगहों से पानी उतर रहा है। अगर समय रहते पुलियों को निर्माण किया गया होता तो निजात मिल जाती है। अब गांव का स्कूल बंद है। पानी कब कम होगा। लगातार दिक्कतें बढ़ती जा रही है।- रामखिलाड़ी, ग्रामीण।
ग्रामीणों ने की नाव बढ़ाने की मांग
जुनावई। गांव की प्रधान के पति पोपी सिंह व मिठनपुर के राज कुमार तोमर ने गांव में नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की डीएम से मांग की। इस पर उन्होंने तहसील प्रशासन नाव बढ़ाने का निर्देश दिया।