{"_id":"60281fcb99153e2b955d9004","slug":"villagers-are-suffering-from-kidney-disease-due-to-contaminated-water-in-chhattisgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: साफ पानी का वादा करके भूली सरकार, सीएम हाउस पहुंचे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: साफ पानी का वादा करके भूली सरकार, सीएम हाउस पहुंचे ग्रामीण
Sun, 14 Feb 2021 12:21 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 14 Feb 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के सुपेबेड़ा गांव के ग्रामीणों ने पानी की समस्या को लेकर सीएम हाउस में अधिकारियों से अपनी बात कही । उनका कहना था कि सरकार ने उनके गांव को साफ पानी देने का वादा किया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि अक्टूबर 2019 में राज्यपाल अनुसूईया उइके और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव उनके गांव में आए थे। उन्होंने गांव वालों को साफ पानी का वादा किया था। ग्रामीणों ने बताया कि इस पानी को पीकर किडनी की समस्याएं होने लगी हैं। लोग बीमार हो रहे हैं और लोगों की मौतें हो रही हैं।
विज्ञापन
गांव वालों दावा किया कि पिछले कुछ सालों में इस पानी की वजह से किडनी की बीमारी से 90 लोगों की मौत हुई है। कलेक्टर के पास जाते हैं तो कोई समाधान नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि निविदा भी जारी हुई, काम शुरू भी हुआ था, लेकिन पिछले पांच महीनों से काम बंद है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सीएस हाउस में बैठे अफसरों से कहा कि हमारे गांव के पानी को पीके दिखाइए, आप एक घूंट पानी पीके देखिए क्योंकि आप जानते हैं यो पानी नहीं जहर है। ग्रामीणों ने कहा कि पानी पीने को मजबूर किया जा रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो बड़ा आंदोलन होगा।