फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Traditional dishes of Chhattisgarh: Women self-help groups are making pickles, papad, thethri, khurmi

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन: महिला स्व-सहायता समूह बना रहीं आचार, पापड़, ठेठरी, खुरमी, यहां से मिलता है ऑर्डर

Sat, 08 Mar 2025 08:09 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 08 Mar 2025 08:09 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायता और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महिला सशक्तिकरण की नीतियों से जागृति महिला स्व-सहायता समूह समूह आगे बढ़ रहा है।

विज्ञापन
Traditional dishes of Chhattisgarh: Women self-help groups are making pickles, papad, thethri, khurmi
महिला स्व-सहायता समूह बना रहीं छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायता और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महिला सशक्तिकरण की नीतियों से जागृति महिला स्व-सहायता समूह समूह आगे बढ़ रहा है। निरंजना चंद्राकर जागृति महिला स्व-सहायता समूह महासमुंद की अध्यक्ष हैं। सन 2000 से उनका समूह गठित हुआ है। उनके समूह में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों की गृहणी महिलाएं हैं। उन्हें जोड़कर यह समूह बनाया गया है।  इस समूह की सभी 10 सदस्य को महतारी वंदन योजना में हर माह एक हजार रुपए समय पर मिलता है। 
विज्ञापन


समूह की अध्यक्ष निरंजना ने बताया कि उनके समूह को लगभग 20 साल हो गए। समूह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ महिला कोष से उन्हें प्रारंभिक 5 हजार का ऋण प्राप्त हुआ। इसके बाद 10 हजार रुपए फिर एक लाख रुपए का लोन मिला। चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की ओर से उनके समूह को 2 लाख रुपए का ऋण मिला है, जिससे समूह की प्रगति और सदस्यों की इच्छाशक्ति को और अधिक मजबूती मिली है।
विज्ञापन


जागृति महिला स्व-सहायता समूह छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन बनाता है, जिनमें बड़ी, पापड़, आचार, चिप्स, लड्डू, ठेठरी, खुरमी, पपची, अइरसा आदि शामिल हैं। समूह को स्थानीय ऑर्डर के अलावा बहुतायत मात्रा में शादी के जोरन, गोद भराई, जन्मोत्सव जैसे समारोहों में भी ऑर्डर मिलता है। जिससे समूह की अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समूह की सदस्य गायत्री बाई यादव ने बताया कि महतारी वंदन योजना में अब तक 12 किश्त मिल चुकी है। यह पैसा जरूरत के समय बहुत काम आता है। घर के खर्चे में बड़ा आसरा बन गया है। यादव ने बताया कि कुछ समय पहले जब उनकी तबियत बिगड़ी तब महतारी वंदन योजना का पैसा बहुत काम आया,  हमारा परिवार इस योजना में मिले पैसे से डॉक्टर की फीस दे पाया और दवाइयां खरीद पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed