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CG News: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने तैयार किए जाएंगे टूरिज्म कॉरिडोर, सीएम साय ने ली समीक्षा बैठक
Sat, 12 Apr 2025 12:28 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 12 Apr 2025 12:28 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्य योजना बनाकर कार्य करें।
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सीएम साय ने ली समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ को देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन, वन और जल संसाधन विभाग एकीकृत कार्य योजना बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन आधारित पर्यटन, महानदी, इन्द्रावती नदियों प्रदेश के प्रमुख बांधों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। प्रदेश की शक्ति पीठों में पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों में आस-पास के स्थलों को शामिल कर पर्यटन सर्किट और कॉरिडोर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से सहायता के लिए प्रदेश की पर्यटन परियोजनाओं के नये प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कॉरिडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए।
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वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा
सीएम ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए।
ये पर्यटन कॉरिडोर होंगे विकसित
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कॉरिडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कॉरिडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है।
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मुख्यमंत्री साय मंत्रालय महानदी भवन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में ईको टूरिज्म, एथेनिक टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, हेरीटेज टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, गुरू घासीदास तमोर पिंगला राष्ट्रीय उद्यान, बारनवापारा अभ्यारण, अचानकमार अभ्यारण्य, टाटामारी व्यू प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ उस क्षेत्र के समीप स्थित छोटे-छोटे पर्यटन स्थलों को सम्मिलित कर सर्किट और कॉरिडोर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक महत्व, ऐतिहासिक महत्व और पुरातात्विक और नैसर्गिक महत्व के स्थलों को चिन्हांकित कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने ईको टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों और जाने-माने होटल संस्थानों के साथ बैठक कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने की संभावनाओं की भी तलाश की जानी चाहिए।
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वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाएगा बढ़ावा
सीएम ने कहा कि प्रदेश में जल क्रीडा गतिविधियों के विकास के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। हमारी सरकार ने धमतरी में गंगरेल बांध, महासमुंद के कोडार बांध, कोरबा के मिनी माता हसदेव बांगो बांध, सरोदा बांध, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात में वाटर बोटिंग के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की विभिन्न नदियों, बांधों में भी स्थल चिन्हांकित कर वाटर स्पोर्ट्स के रूप में विकसित किया जाए।
ये पर्यटन कॉरिडोर होंगे विकसित
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात, दंतेवाड़ा, ढोलकल, टाटामारी, बारसूर, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में तीरथगढ़, कुटुमसरगुफा, धुडमारास, तामड़ा घूमर, महेन्द्रिघूमर जलप्रपात को शामिल कर बस्तर कॉरिडोर विकसित किया जाए। इसकी राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाए। इसी तरह जशपुर जिले में मधेश्वर मंदिर, मायली लेक, कैलाश गुफा को शामिल कर कॉरिडोर बनाया जाए। उन्होंने महाप्रभु वल्लाभार्च की प्राकट्यभूमि चम्पारण में गुजराती पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं, यहां शादी-विवाह जैसे आयोजन भी होते हैं। इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेश दर्शन के तहत भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे धार्मिक और नैसर्गिंग स्थलों को जोड़कर पर्यटन की दृष्टिकोण से बेहतर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी को विकसित करने के लिए फिल्म जगत के लोगों से मार्गदर्शन लिया जाए। नवा रायपुर में हमारी सरकार द्वारा चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा 95 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली है।