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दुर्ग: नशीली दवाओं की तस्करी में तीन दोषियों को 10-10 साल की सजा, प्लास्टिक की बोरी से मिले थे कैप्सूल
Sat, 10 Oct 2026 06:49 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 10 Oct 2026 06:49 PM IST
सार
नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में विशेष NDPS अदालत ने तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस ने आरोपियों से 412 नशीले कैप्सूल बरामद किए थे, जबकि चौथे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दुर्ग जिले के विशेष एनडीपीएस अदालत ने सेलूद में नशीली दवाओं की तस्करी करने के मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पीएस मरकाम की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने की सूरत में तीनों को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं साक्ष्य के अभाव में अदालत ने चौथे आरोपी रायपुर निवासी मोहम्मद कैश को दोषमुक्त कर दिया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
उतई थाना पुलिस को 9 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेलूद धान मंडी के पास नीले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक नशीली गोलियां बेचने के लिए खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और तीन युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सेलूद के सतनामी पारा निवासी 27 वर्षीय त्रिलोकी यादव तथा धमतरी जिले के कुरुद स्थित इंदिरा नगर निवासी 20 वर्षीय चेमन विश्वकर्मा और 24 वर्षीय हकीम खान के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप बरामद की।
412 नशीले कैप्सूल किए थे जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने त्रिलोकी यादव के पास से 48 नशीले कैप्सूल बरामद किए। चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान के कब्जे वाली प्लास्टिक की बोरी से 364 कैप्सूल मिले। पुलिस ने कुल 263.68 ग्राम वजन के 412 कैप्सूल जब्त किए। इसके अलावा पुलिस ने मौके से यामाहा मोटरसाइकिल, रियलमी व वनप्लस के मोबाइल फोन और नकदी जब्त की। जब्त सामान की कुल कीमत 1 लाख 37 हजार रुपये दर्ज की गई थी। जांच के दौरान इस अवैध कारोबार में रायपुर निवासी मोहम्मद कैश का नाम भी सामने आया था।
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एनडीपीएस कानून के तहत अदालत ने दी सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि त्रिलोकी यादव, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान ने एनडीपीएस कानून की धारा 22(सी) और धारा 29 के तहत अपराध किया है। अदालत ने तीनों को 10-10 साल की सजा और एक-एक लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया। मोहम्मद कैश के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया, जबकि तीनों दोषियों को आर्थिक मदद देने के आरोप में भी संदेह का लाभ मिला। अदालत ने जब्त नशीली दवाओं को नष्ट करने, मोबाइल व नकदी को राजसात करने और मोटरसाइकिल के अधिहरण के निर्देश जारी किए।
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मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
उतई थाना पुलिस को 9 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेलूद धान मंडी के पास नीले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार कुछ युवक नशीली गोलियां बेचने के लिए खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और तीन युवकों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सेलूद के सतनामी पारा निवासी 27 वर्षीय त्रिलोकी यादव तथा धमतरी जिले के कुरुद स्थित इंदिरा नगर निवासी 20 वर्षीय चेमन विश्वकर्मा और 24 वर्षीय हकीम खान के रूप में हुई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खेप बरामद की।
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412 नशीले कैप्सूल किए थे जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने त्रिलोकी यादव के पास से 48 नशीले कैप्सूल बरामद किए। चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान के कब्जे वाली प्लास्टिक की बोरी से 364 कैप्सूल मिले। पुलिस ने कुल 263.68 ग्राम वजन के 412 कैप्सूल जब्त किए। इसके अलावा पुलिस ने मौके से यामाहा मोटरसाइकिल, रियलमी व वनप्लस के मोबाइल फोन और नकदी जब्त की। जब्त सामान की कुल कीमत 1 लाख 37 हजार रुपये दर्ज की गई थी। जांच के दौरान इस अवैध कारोबार में रायपुर निवासी मोहम्मद कैश का नाम भी सामने आया था।
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एनडीपीएस कानून के तहत अदालत ने दी सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि त्रिलोकी यादव, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान ने एनडीपीएस कानून की धारा 22(सी) और धारा 29 के तहत अपराध किया है। अदालत ने तीनों को 10-10 साल की सजा और एक-एक लाख रुपये जुर्माने का आदेश दिया। मोहम्मद कैश के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया, जबकि तीनों दोषियों को आर्थिक मदद देने के आरोप में भी संदेह का लाभ मिला। अदालत ने जब्त नशीली दवाओं को नष्ट करने, मोबाइल व नकदी को राजसात करने और मोटरसाइकिल के अधिहरण के निर्देश जारी किए।