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छत्तीसगढ़ चुनावः आंकड़ेबाजी में उलझा वोटिंग परसेंटेज, राज्य और मुख्य निर्वाचन आयोग के अलग-अलग दावे
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Nov 2018 09:28 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम चरण में मतदान का प्रतिशत साल 2013 के मुकाबले कम रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक 18 सीटों पर लगभग 70 फीसदी मतदान हुआ, जबकि 2013 में यह आंकड़ा 75.06 प्रतिशत था। वहीं छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी का दावा है कि पहले चरण में 60.49 प्रतिशत ही वोटिंग हुई है।
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राज्य निर्वाचन का दावा 60.49 प्रतिशत वोटिंग
मुख्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा ने निर्वाचन सदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 8 जिलों की 18 विधानसभा सीटों में से 10 सीटों पर सुबह 7 बजे से 3 बजे तक मतदान हुआ, जबकि 8 विधानसभा में सुबह 8 बजे से 5 बजे तक मतदान हुआ। जिसमें कुल 70 प्रतिशत ही मतदान हुआ।
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वहीं आयोग का कहना है कि कुछ सुदूर इलाकों में आंकड़े देर रात या सुबह तक ही उपलब्ध हो पाएंगे। जबकि राज्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पहले चरण में 60.49 प्रतिशत ही वोटिंग हुई है। जहां सुबह 7 बजे से 3 बजे तक 10 निर्वाचन क्षेत्रों में 52 प्रतिशत और 8 बजे से 5 बजे तक हुए 8 निर्वाचन क्षेत्रों में 70.08 प्रतिशत वोट पड़े।
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सघन नक्सली इलाके कोंटा में 90 प्रतिशत वोटिंग
राज्य निर्वाटन अधिकारी के मुताबिक सघन नक्सल प्रभावित 10 सीटों में कोंटा में 90 प्रतिशत, बीजापुर में 89 प्रतिशत, दंतेवाड़ा में 88 प्रतिशत, नारायणपुर में 84 प्रतिशत, कोंडागांव में 83 प्रतिशत, केशकाल में 82 प्रतिशत, कांकेर में 81 प्रतिशत, भानुप्रतापपुर में 80 प्रतिशत, अंतागढ़ में 79 प्रतिशत और मोहला-मानपुर में 78 प्रतिशत मतदान हुआ।
जगदलपुर में 86 प्रतिशत
वहीं, अन्य 8 विधानसभा सीटों में चित्रकोट में 87 प्रतिशत, जगदलपुर में 86 प्रतिशत, बस्तर में 85 प्रतिशत, खुज्जी में 77 प्रतिशत, डोंगरगांव में 76 प्रतिशत, राजनांदगांव में 75 प्रतिशत, डोंगरगढ़ में 74 प्रतिशत और खेरागढ़ में 73 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
19 हजार कर्मियों ने संभाला था मोर्चा
सिन्हा के मुताबिक प्रथम चरण के मतदान में 19 हजार कर्मियों को लगाया गया, जिनमें से 1735 कर्मियों को रिजर्व रखा गया। इसके अलावा नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों बीजापुर, कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, बस्तर, कोंडागांव में 942 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्हें चॉपर के जरिए भेजा गया। साथ ही, 18 पर्यवेक्षकों के साथ 1108 सहयोगी पर्यवेक्षक की तैनाती की गई थी।
कम खराब हुईं ईवीएम
उप निर्वाचन आयुक्त संदीप जैन ने बताया कि पहले के मुकाबले इस बार केवल 1 प्रतिशत ईवीएम और 1.9 प्रतिशत वीवीपैट में दिक्कतें आईं, जिन्हें तुरंत बदल दिया गया। वहीं राज्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक वोटिंग के दौरान 84 वीवीपैट मशीनें और 47 सेंट्र्ल यूनिट बदली गई। जिनमें से सबसे ज्यादा कांकेर और कोंडागांव में खराब हुईं। प्रथम चरण में 4336 वीवीपैट मशीनें इस्तेमाल हुई। उन्होंने बताया कि अधिकांश मशीनों में केबल संबंधी समस्या थीं, लेकिन पिछले चुनावों की सीख और अधिकारियों को मशीनों की बेहतर ट्रेनिंग देने से कम दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पालमबुडा में 15 सालों में पहली बार वोटिंग
जैन के मुताबिक नक्सल प्रभावित कई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पिछले चुनावों के मुकाबले काफी उत्साह देखने को मिला। सेंदुगुडा में पिछली बार 5 वोट डाले गए थे, लेकिन इस बार 315 वोट डाले गए। वहीं कोंटा के चिंतागुफा मतदान केन्द्र में 68 प्रतिशत मतदान हुआ। नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों सुकुमा के पालमबुडा मतदान केंद्र में पिछले 15 सालों में पहली बार 44 लोगों ने वोट डाले गए, जबकि दंतेवाड़ा के मूलर (10), निलवाया (19) में पहली बार वोट पड़े।
2.05 करोड़ का सामान जब्त, कंबल भी शामिल
आयोग के मुताबिक प्रथम चरण के दौरान सी-विजिल एप पर 304 शिकायतें आईं, जिनका तुरंत निराकरण किया गया। वहीं 2.05 करोड़ का सामान जब्त किया गया। इनमें 12.14 लाख की नकदी, 5.86 लाख की 2,169 लीटर शराब, 1 लाख 76 हजार की 22.16 किलो की ड्रग और 1.85 करोड़ के 10 हजार कलेंडर, 26 बैनर, 40 मुखौटे और 25 कंबल को जब्त किया गया।
कम खराब हुईं ईवीएम
उप निर्वाचन आयुक्त संदीप जैन ने बताया कि पहले के मुकाबले इस बार केवल 1 प्रतिशत ईवीएम और 1.9 प्रतिशत वीवीपैट में दिक्कतें आईं, जिन्हें तुरंत बदल दिया गया। वहीं राज्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक वोटिंग के दौरान 84 वीवीपैट मशीनें और 47 सेंट्र्ल यूनिट बदली गई। जिनमें से सबसे ज्यादा कांकेर और कोंडागांव में खराब हुईं। प्रथम चरण में 4336 वीवीपैट मशीनें इस्तेमाल हुई। उन्होंने बताया कि अधिकांश मशीनों में केबल संबंधी समस्या थीं, लेकिन पिछले चुनावों की सीख और अधिकारियों को मशीनों की बेहतर ट्रेनिंग देने से कम दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पालमबुडा में 15 सालों में पहली बार वोटिंग
जैन के मुताबिक नक्सल प्रभावित कई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पिछले चुनावों के मुकाबले काफी उत्साह देखने को मिला। सेंदुगुडा में पिछली बार 5 वोट डाले गए थे, लेकिन इस बार 315 वोट डाले गए। वहीं कोंटा के चिंतागुफा मतदान केन्द्र में 68 प्रतिशत मतदान हुआ। नक्सल प्रभावित दुर्गम इलाकों सुकुमा के पालमबुडा मतदान केंद्र में पिछले 15 सालों में पहली बार 44 लोगों ने वोट डाले गए, जबकि दंतेवाड़ा के मूलर (10), निलवाया (19) में पहली बार वोट पड़े।
2.05 करोड़ का सामान जब्त, कंबल भी शामिल
आयोग के मुताबिक प्रथम चरण के दौरान सी-विजिल एप पर 304 शिकायतें आईं, जिनका तुरंत निराकरण किया गया। वहीं 2.05 करोड़ का सामान जब्त किया गया। इनमें 12.14 लाख की नकदी, 5.86 लाख की 2,169 लीटर शराब, 1 लाख 76 हजार की 22.16 किलो की ड्रग और 1.85 करोड़ के 10 हजार कलेंडर, 26 बैनर, 40 मुखौटे और 25 कंबल को जब्त किया गया।